'हमारा बजाज' भारतीय सड़कों पर दौड़ने को होगी तैयार
अगर बजाज स्कूटर के इतिहास पर नजर डालें तो वह भी काफी रोचक है। वर्ष 1960 में एक युवा उद्यमी जिसका नाम राहुल बजाज है उसने इटली की एक कम्पनी से स्कूटर बनाने का लाइसेंस लिया। शायद उस समय यह बात राहुल बजाज ने भी नहीं सोची होगी कि यह स्कूटर इंण्डिया में इतनी लोकप्रिय होगी कि हर किसी के जुबान पर सिर्फ हमारा बजाज ही होगा।
चेतक, सुपर, काइनेटिक जैसे इसके कई मॉडल बाजार में आये और फिर सबने खूब धमाल बचाया और नौजवान राहुल बजाज को सबसे बड़े उघोगपतियों में शुमार कर दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार राहुल बजाज ने इस लोकप्रिय स्कूटर को नये कलेवर के साथ वापस लाने की योजना बना रहे रहे हैं। नये कलेवर में आने वाले इस स्कूटर में गियर नहीं होगा और यह पैट्रोल की खपत भी कम करेगी। स्कूटर का अचानक मार्केट से अलविदा होने का यही एक मुख्य कारण था कि मोटरसाइकिलों की अपेक्षा उनमें पैट्रोल खपत ज्यादा थी।
राहुल बजाज की योजना है कि कंपनी आने वाले दो वर्षों में नये कलेवर के साथ स्कूटर मार्केट में पेश कर दे। कंपनी की योजना पहले 20 से 30 हजार स्कूटर बनाने की है लेकिन समस्या यह है कि उनके बेटे राजीच बजाज (जो बजाज ऑटो के सर्वेसर्वा हैं) इस योजना में ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। अब तो यह देखना है कि बजाज ऑटो अपने इस योजना में कितना सफल होता है और क्या एक बार फिर से लोगों के जुबान पर हमारा बजाज सुनने को मिल सकता है? आप अपनी प्रतिक्रिया नीचें दिये हुए कमेंट बाक्स में लिखें।


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