महाराष्ट्र के किसान के बेटे का कमाल! बनाया AI से संचालित हाइड्रोजन कार, DyCM देवेंद्र फडणवीस ने सराहा
भारत में डीजल-पेट्रोल वाली कारों के बदले लोग अब इलेक्टिक और हाइड्रोजन कार की ओर ध्यान दे रहे हैं। केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी लगातार हाइड्रोजन ईंधन के उपयोग बढाने को लेकर प्रयासरत हैं।
वहीं इस पहल को आगे बढ़ाते हुए चंद्रपुर के युवाओं ने एक हाइड्रोजन कार का निर्माण किया है। रिपोर्ट के मुताबिक यह कार 150 रूपये में 300 किलोमीटर की यात्रा कर सकती है।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बीते दिनों उन युवाओं से मुलाकात की। इस दौरान युवाओं ने उपमुख्यमंत्री को कार से जुडी हरेक जानकारी बताई। जानकारी लेने के बाद उपमुख्यमंत्री ने कार के निर्माण और उसे सड़क पर लाने के लिए हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया है।
बता दें कि केंद्रीय राजमार्ग और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने भी कार को लेकर युवाओं की प्रशंशा की है। युवाओं ने कहा कि इस हाइड्रोजन कार में कई खासियत है। रिपोर्ट के मुताबित युवाओं नें इस कार का नाम सोनिक वन रखा है।

हाइड्रोजन से चलने वाली इस कार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से नियंत्रित किया जा सकता है। कार एक लीटर हाइड्रोजन में लगभग 300 किलोमीटर तक की यात्रा करने में सक्षम होगी।
कार निर्माण में लगे हर्षल नकसने ने जानकारी देते हुए बताया कि, "कार के निर्माण में 70 लाख रूपये खर्च किया गया है। परिवार, दोस्तों से फंड लेकर कार को बनाया गया।

कार के निर्माण के लिए एक वर्कशॉप बनाया जहां, 18 महीने की मेहनत कर कार का निर्माण किया गया। हर्षल ने कहा कि, "कार पूरी तरह मेक इन इंडिया है। इसमें इस्तेमाल एक भी चीज बाहर से नहीं मंगाई गई है।"
उन्होंने कहा कि कार फिलहाल अपने शुरुआती प्रोटोटाइप चरण में है। कार अभी अपने प्री-प्रोडक्शन चरण में है, इसमें सेल्फ-ड्राइविंग फीचर का भी परीक्षण चल रहा है। कार की डिजाइन से लेकर इंजन तक का निर्माण उन्होंने खुद किया है।

कार को ऑफ रोड और ऑन रोड के हिसाब से बनाया गया है। जिससे इसे कही भी ले जाया जा सके। आगे उन्होंने कहा कि हमारी कंपनी को स्टार्टअप कंपनी के तौर पर डीपीआइआइटी का प्रमाणपत्र मिल गया है। 2024 तक इस कार को सड़क पर लाने का प्रयास है।
हालांकि कार के लॉन्च को लेकर कोई ठोस अपडेट नहीं दिया गया है। यह अभी भी अपने प्री-प्रोडक्शन चरण में है। लेकिन कार अब AICars.in वेबसाइट पर बुकिंग के लिए उपलब्ध है।

आपको बता दें कि भारत की सड़कों पर किसी भी तरह की मॉडिफाइड गाड़ियों को चलाने की अनुमति नहीं है। ऐसे में हर्षल के इस कार को भी सड़क पर उतारना आसान नहीं होगा। जबतक सड़क प्राधिकरणों से एनओसी नहीं मिल जाता है तबतक इसका ट्रायल मुश्किल है।


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