यामहा दे रही है सेफ ड्राइविंग को बढ़ावा
भारत की सबसे बड़ी टू व्हीलर निर्माता कंपनी में से एक यामहा आजकल भारत के ट्रक ड्राइवर्स की ड्राइविंग स्किल्स को इम्प्रूव करने के मिशन पर है। अपनी स्पेशल मुहिम यामहा ड्राइवर्स सेफ्टी ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत कंपनी अब तक पिछले 20 महीनो में 800 ड्राइवर्स को ट्रेनिंग प्रदान कर चुकी है।
कंपनी का उद्देश्य भारी वाहन चालकों को ट्रेनिंग प्रदान कर भारतीय सड़कों को सुरक्षित बनाना है। चोला एमएस रिस्क सर्विसेस द्वारा सहप्रायोजित इस कार्यक्रम में यामहा द्वारा ट्रक ड्राइवर्स को रोड सेफ्टी एक्सपर्ट्स के नेतृत्व में प्रैक्टिकल और क्लास रूम ट्रेनिंग प्रदान की जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान ड्राइवर्स की मेन्टल अलर्टनेस को इम्प्रूव करने के अंतर्गत ड्राइविंग स्किल्स को जांचने के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट वर्कशॉप और गेम्स आदि आयोजित किये जाते हैं। उन्हें शारीरिक प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वाहन और पैदल चलने वाले सुरक्षित रहें।
इन सब के अलावा ड्राइवर्स को विपरीत हालातों जैसे कि बारिश, कोहरा और मानसून आदि में ड्राइविंग करने के लिए प्रशिक्षित करने के लिए भी विशेष सत्र आयोजित किये जाते हैं।
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यामहा का दावा है कि वाइडीएसटी प्रोग्राम के बाद यामहा के टू व्हीलर्स को फैक्ट्री से डीलर्स तक पहुँचाने वाले ट्रकों का दुर्घटना अनुपात तीन गुना कम हो गया है।
वाइडीएसटी प्रोग्राम के अंतर्गत 2013 में 125 ट्रेनिंग सत्र आयोजित किये गए और इस साल अगस्त तक 77 सत्र आयोजित किये जा चुके हैं। कुल मिलाकर पिछले 20 महीनों में 34 विभिन्न नेशनल ट्रांसपोर्टर्स (जो कि भारत के 400 से अधिक डीलर्स तक यामहा के वाहन पहुंचाते हैं) के ड्राइवर्स के लिए 202 ट्रेनिंग सत्र आयोजित किये गए हैं।


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