जम्मू में बन रही दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे ब्रिज, एफिल टावर से भी है ऊंची
दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे ब्रिज भारत के जम्मू व कश्मीर में चिनाब नदी पर बन रही है, यह 2022 तक पूरी हो जायेगी। भारत के जम्मू व कश्मीर में बन रहे इस रेलवे ब्रिज की ऊंचाई, दिल्ली के क़ुतुब मीनार से नहीं बल्कि पेरिस के एफिल टावर से भी ऊंची है।

यह रेलवे ब्रिज 1315 मीटर में लंबी है तथा सतह से 359 मीटर की ऊंचाई पर बनाई जा रही है। जहां दिल्ली के क़ुतुब मीनार की ऊंचाई 72 मीटर है तथा पेरिस के एफिल टावर की ऊंचाई 324 मीटर है। ऐसे में यह रेलवे ब्रिज दुनिया का सबसे ऊंची रेलवे ब्रिज होने वाली है।

एक सरकार अधिकारी ने बताया कि यह दुनिया की सबसे ऊंची रेलवे ब्रिज होने वाली है तथा इस ब्रिज को इस तरह से डिजाईन किया गया है कि यह 266 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवा को झेल सकता है। यह 272 रेलवे लाइन का एक हिस्सा है।

यह उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक के नाम से जानी जाती है, यह 15 अगस्त 2020 को पूरा होने वाली है। जम्मू कश्मीर के लेफ्टिनेंट मनोज सिन्हा, जिन्होंने इस प्रोजेक्ट को रिव्यू किया है, ने बताया कि 161 किलोमीटर लंबाई के 27,949 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट कमीशंड किया जा चुका है।

उन्होंने रेलवे अधिकारियों कटरा से बनिहाल तक बचा हुआ प्रोजेक्ट 15 अगस्त 2022 तक पूरा करने के निर्देश दिए हैं तथा इसको पूरा करने के लिए सभी तरह की मदद देने की बात कही है। साथ ही रेलवे अधिकारियों ने इस प्रोजेक्ट के समय पर पूरा होने की बात कही है।

359 मीटर की ऊंचाई पर बन रही यह रेलवे ब्रिज चिनाब नदी पर बन रही है, इसी लिंक पर भारत की पहली केबल रेलवे ब्रिज रेसी पर बन रही है। यह ब्रिज -20 डिग्री का तापमान झेल सकती है। इसमें 5462 टन स्टील का इस्तेमाल किया जाना है।

इस ब्रिज पर कोई भी ट्रेन 100 किमी/घंटा की गति से आसानी से चल सकती है। यह ब्रिज बारामुला व श्रीनगर को जम्मू के रास्ते कटरा-काजीगंद को जोड़ने वाली है। इस ब्रिज के बनने के बाद इस पूरे रास्ते को सिर्फ सात घंटे में कवर किया जा सकता है।

इसके साथ ही इस रेलवे ब्रिज पर कई तरह की नई तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है ताकि किसी भी घटना से इसे बचाया जा सके तथा इस ऊंचाई पर तेज गति की हवा का सामना ना करना पड़े इसके लिए भी सिगनलिंग इंतजाम किये गये हैं।


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