World’s Highest Road: लद्दाख में बनी दुनिया की सबसे ऊंची सड़क का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकाॅर्ड में दर्ज
भारतीय सेना के सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) को लद्दाख में 19,300 फीट पर दुनिया की सबसे ऊंची मोटर योग्य सड़क के निर्माण के लिए गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड से सम्मानित किया गया है। उमलिंग ला दर्रे (पास) पर बनाई गई यह सड़क लद्दाख के खारदुंग ला दर्रे की तुलना में वाहन चालकों के लिए और भी अधिक चुनौतीपूर्ण होगी। उमलिंग ला दर्रे पर बनी इस सड़क ने बोलीविया में 18,953 फीट की ऊंचाई पर स्थित सड़क के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है।

सड़क निर्माण एजेंसी बीआरओ, को भारत की उत्तरी सीमाओं के सबसे दुर्गम इलाकों में सड़कें बनाने में महारथ हासिल है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने भी सीमा सड़क संगठन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से यह मान्यता प्राप्त करने पर बधाई दी।

उन्होंने ट्विटर पर कहा, "लद्दाख में उमलिंग ला दर्रे पर 19,024 फीट पर दुनिया की सबसे ऊंची मोटरेबल रोड के निर्माण के लिए गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स से मान्यता प्राप्त करने के लिए BROindia को हार्दिक बधाई।"

उमलिंग ला दर्रे पर 52 किलोमीटर लंबी पक्की सड़क का निर्माण इस साल अगस्त में पूरा हुआ था। दर्रा अब पूर्वी लद्दाख के चुमार सेक्टर के कस्बों को जोड़ता है। यह लेह से चिसुमले और धेमचुक को जोड़ने वाला एक वैकल्पिक सीधा मार्ग भी प्रदान करता है, जो स्थानीय आबादी के लिए अत्यधिक फायदेमंद साबित होगा। पास के निर्माण से क्षेत्र की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर भी असर पड़ेगा और लद्दाख में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

इस दर्रे का तापमान सर्दियों के मौसम में -40 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इस ऊंचाई पर ऑक्सीजन का स्तर समुद्र तल से लगभग 50 फीसदी कम है, जिससे किसी के लिए भी यहां ज्यादा देर तक रहना बहुत मुश्किल हो जाता है।

बता दें कि अक्टूबर 2019 में बीआरओ ने लेह को श्योक और डीबीओ को जोड़ने वाली डीएसडीबीओ रोड़ बनाई थी। इसके अलावा पैंगोंग-त्सो लेक से गोगरा और हॉट-स्प्रिंग को जोड़ने वाली सड़क भी बनकर तैयार है। ये सड़क भी 18 हजार से भी ज्यादा उंचाई पर मर्सिमिक-ला (दर्रे) से होकर गुजरती है। गौरतलब है कि लद्दाख में खारडुंगला पास भी दुनिया की सबसे ऊंची सड़कों में एक है जिसकी ऊंचाई करीब 17,600 फीट है।

बता दें कि उमलिंग ला दर्रे पर बानी यह सड़क माउंट ऐवरेस्ट के बेस कैंप क्षेत्र से भी ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है। आपकी जानकारी के लिए यह भी बता दें कि नेपाल स्थित दक्षिण बेस कैंप 17,598 फीट की ऊंचाई पर बना हुआ है, वहीं तिब्बत स्थित उत्तरी बेस कैंप की ऊंचाई 16,900 फीट है। सबसे खास बात यह है कि दुनिया का सबसे बड़ा कमर्शियल हवाईजहाज 30,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है और यह नई सड़क 60 प्रतिशत से भी ज्यादा ऊंचाई पर बनाई गई है।


Click it and Unblock the Notifications








