हिमाचल में खुला विश्व का सबसे ऊंचा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन, 3,720 मीटर की ऊंचाई पर है स्थित
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के काजा में विश्व का सबसे ऊंचा इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन शुरू किया गया है। पुणे आधारित स्टार्टअप कंपनी goEgoNetwork ने गुरुवार को इस इलाके में दो चार्जिंग स्टेशनों का उद्घाटन किया। इस चार्जिंग स्टेशन में दोपहिया और चारपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा मिलेगी।

यह ईवी चार्जिंग स्टेशन 3,720 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो देश में सबसे ऊंचा है, क्योंकि काजा लेह से अधिक ऊंचाई पर स्थित है। यहां सर्दियों में तापमान शून्य से 20 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाता है। साल में लगभग चार महीने भारी बर्फबारी के कारण काजा का संपर्क दुनिया से कट जाता है।

चार्जिंग स्टेशन लगाने वाली कंपनी goEgoNetwork का कहना है कि चार्जिंग स्टेशन स्थापित होने से काफी फायदा होगा और पर्यावरण को स्वच्छ बनाने में सहायक होगा। यहां चार्जिंग स्टेशन के लगने से इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ेगा जिससे प्रदूषण में भी कमी आएगी।

कंपनी ने यहां पर दो इलेक्ट्रिक स्कूटी ट्रायल के लिए भी भेजी हैं। कंपनी के ब्रांड हेड वर्द मौर्य ने बताया कि टीम के दो सदस्य मनाली से काजा इलेक्ट्रिक स्कूटी पर आए हैं। इस दौरान तीन बार स्कूटी को चार्ज क्या गया। अगर यहां पर स्टेशन का ट्रायल सफल रहा तो अन्य स्टेशन भी स्थापित किए जा सकते हैं।

कंपनी की मार्केट कम्युनिकेशन हेड मानवी ने कहा कि हम देश भर में मेक इन इंडिया के तहत चार्जिंग स्टेशन स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एक साधारण इलेक्ट्रिक स्कूटर को पूरी तरह चार्ज होने में चार से पांच घंटे लगते हैं। मैदानी क्षेत्रों में एक इलेक्ट्रिक स्कूटर फुल चार्ज पर 95 किलोमीटर चलती है। वहीं काजा जैसे क्षेत्र में 70 से 75 किलोमीटर एक बार चार्जिंग में चल सकती है।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर रजिस्ट्रेशन शुल्क हुआ माफ
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को रजिस्ट्रेशन और रिन्यूअल शुल्क से मुक्त कर दिया गया है। इस फैसले के बाद अब इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले ग्राहक रजिस्ट्रेशन शुल्क की बचत कर सकते हैं। बता दें कि केंद्र सरकार के साथ कई राज्य सरकारें भी अपनी इलेक्ट्रिक वाहन नीतियों के तहत बैटरी से चलने वाले वाहनों के रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट दे रही हैं।

केंद्र सरकार की तरफ से यह फैसला तब आया है जब देश भर में ईंधन की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। सरकार ईंधन की बढ़ती कीमतों के बीच वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए अधिक लोगों को इलेक्ट्रिक वाहनों पर स्विच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं को प्रोत्साहित करने के लिए बैटरी से चलने वाले सभी वाहनों पर जीएसटी दर (GST Rate) को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा कई राज्य सरकारें भी सब्सिडी और छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों के उतपादन और बिक्री को प्रोत्साहित कर रही हैं।


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