दुनिया में मौत का तांडव करने वालों की शाही सवारी
उपर की हेडलाईन पढ़कर आपको थोड़ी हैरानी जरूर हुई होगा कि आखिर दुनिया को मौत के घाट उतारने वाले कौन हैं। ये वो लोग हैं जिनका नाम अपने समय में बहुत ही मशहूर रहा है और उनका नाम सुनते ही बड़े-बड़े शुरमाओं के जिस्म सिहर उठता था। जी हां, इनकी कट्टरपंती और क्रूरता का लोहा दुनिया ने माना था। आज हम आपको दुनिया के कुछ मशहूर तानाशाहों की शाही सवारी से रूबरू करायेंगे।
वैसे तो दुनिया में तानाशाहों की फेहरिस्त कुछ कम नहीं है लेकिन हमने उनमे से कुछ मुख्य तानाशाहों को ही चुना है। आप सभी ने हिटलर, गद्दाफी, सद्दाम हुसैन और मुसोलिनी का नाम तो सुना और पढ़ा ही होगा। अपने हैरतंगेज कर देने वाले कारनामों से ये नाम दुनिया के इतिहास को श्याह कर चुके है। तानाशाही के मामले में ये नाम भले ही काले रहे हों लेकिन ये नाम कारों के खुब शौकीन रहें हैं।
अपने समय में इन तानाशाहो ने दुनिया भर में अपने नाम का ढंका बजाया और नाम के साथ ही दौलत की भी उंची इमारत खड़ी की। ये तो हम सभी जानते हैं कि जब दौलत कदम चुमती है तो इंसानी जरूरतें शौक में बदल जाती हैं। शायद इसी खुमारी में ये तानाशाह भी रहें थें जिसके कारण इन्होंने अपने कारवां में एक से बढ़कर एक तत्कालीन बेहतरीन सवारियों को शामिल किया था। तो आइये तस्वीरों में देखते हैं दुनिया के तानाशाहों की शाही सवारियों को।

दुनिया में मौत का तांडव करने वालों की शाही सवारी
इनके कृत्यों ने दुनिया को कई बार हैरानी और सकते में डाला। इनके तानाशाही रवैये ने कई राष्ट्रों में खूनी खेला गया। आगे नेक्स्ट बटन पर क्लिक करें और देखें इन तानाशाहों की शाही सवारियों को।

एडोल्फ हिटलर की कार
एडोल्फ हिटलर एक प्रसिद्ध जर्मन राजनेता एवं तानाशाह थें। वो "राष्ट्रीय समाजवादी जर्मन कामगार पार्टी" (NSDAP) के नेता थें। इस पार्टी को प्राय: "नाजी पार्टी" के नाम से जाना जाता है। सन1933 से सन् 1945 तक वह जर्मनी का शासक रहे। हिटलर को द्वितीय विश्वयुद्ध के लिये सर्वाधिक जिम्मेदार माना जाता है। द्वीतिय विश्व युद्ध तब हुआ जब उनके आदेश पर नात्सी सेना ने पोलैंड पर आक्रमण किया। फ्रांस और ब्रिटेन ने पोलैंड को सुरक्षा देने का वादा किया था और वादे के अनुसार उन दोनो ने नात्सी जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा कर दी। हिटलर अपने समय में मर्सडीज बेंज कार के शौकीन थें।

एडोल्फ हिटलर की कार
सन 1939 के दौरान हिटलर अपने सेना कार्यो के दौरान भी मर्सडीज बेंज की शानदार मर्सडीज बेंज 770 के से सफर करना पसंद करते थें। उनके जीवन की पहली कार भी मर्सडीज बेंज और उनके पास कुल 9 मर्सडीज बेंज कारें मौजूद थीं।

बेनिटो मुसोलिनी की कार
मुसोलिनी इटली का एक राजनेता थें जिसने राष्ट्रीय फैसिस्ट पार्टी का नेतृत्व किया। वह फासीवाद के दर्शन की नींव रखने वालों में से प्रमुख व्यक्ति थें। उसने दूसरे विश्वयुद्ध में एक्सिस समूह में मिलकर युद्ध किया। वे हिटलर के निकटतम राजनीतिज्ञ थें। इनका जीवन अवसरवाद, आवारापन और प्रतिभा के मिश्रण से बना कहा गया है। उनको गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुसोलिनी अपने समय की मशहूर अल्फा रोमियो कार में सफर करते थें।

बेनिटो मुसोलिनी की कार
यह कार मुसोलिनी की पसंदीदा कारों में से एक है इसका नाम लैंसिया आस्ट्रा परेड कार है। ज्यादातर मुसोलिन इसी कार में सफर करते थें। हाल ही में इस कार को ईबे पर ऑनलाईन नीलामी के लिए भी रखा गया था।

व्लादिमीर लेनिन की कार
व्लादिमीर इलीइच लेनिन (1870-1924) रूस में बोल्शेविक क्रांति का नेता एवं रूस में साम्यवादी शासन का संस्थापक था। लेनिन अपने समय में अपनी बेहतरीन रोल्स रॉयस कारों के लिए भी काफी मशहूर रहें हैं। उनके पास दर्जनों रोल्स रॉरूस कारें मौजूद थी। उन्ही में यह उनकी एक पसंदीदा कार रोल्स रॉयस सिल्वर घोस्ट है।

जोसेफ स्टालिन की कार
जोसेफ स्टालिन को भी कारों का खुब शौक था, उनके कारवां में भी एक से बढ़कर एक शानदार कैडिलैक कारें मौजूद थीं। सन 1937 में तत्कालिन अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी रूजवेल्ट ने उन्हें एक पैकर्ड वी 12 कार बतौर तोहफे में दी थी, जिसे आप तस्वीर में देख सकते थें। स्टालिन को इस कार से खासा लगाव था और वो ज्यादातर इसी कार से सफर करते देखे जाते थें।

इदी अमीन की कार
इदी अमीन सेना प्रमुख और युगांडा के राष्ट्रपति थें। युगांडा एक मध्य अफ्रीकी देश है। इनका कार्यकाल 1971 से 1979 तक रहा। इस तानाशाह पर नरभक्षी होने तक के आरोप भी लगे। इदी अमीन ने अपने कार्यकाल के दौरान युगांडा को गरीबी के गर्त में ढकेल दिया था। अमीन के पास कारों का एक जखीरा था लेकिन वो अपने समर्थकों के बीच ज्यादातर इस जीप से भ्रमण करते थें।

इदी अमीन की कार
अमीन की कारों के फेहरिस्त में मर्सडीज बेंज की शानदार सिडान कार पुलमैन भी थी, जिसे आप तस्वीर में देख सकते हैं।

सद्दाम हुसैन की कार
सद्दाम हुसैन अब्द अल-माजिद अल-तिक्रिती (अरबी: صدام حسين عبد المجيد التكريتي) । सद्दाम 16 जुलाई, 1979 से 9 अप्रैल, 2003 तक इराक़ के राष्ट्रपति रहें। उन्हें 30 दिसंबर 2006 को उत्तरी बगदाद में स्थानीय समय के अनुसार सुबह ६ बजे फाँसी दी गई। 39 वर्ष की आयु में सद्दाम हुसैन ने जनरल अहमद अल बक्र के साथ मिल कर इराक की सत्ता हासिल की। 1979 में वह खुद इराक के राष्ट्रपति बन गए थें। सद्दाम हुसैन को कारों का भी खुब शौक था। यह उनकी लोकप्रिय मर्सडीज बेज कार है।

सद्दाम हुसैन की कार
सद्दाम को सिडान, स्पोर्ट और एसयूवी कारें ज्यादा पसंद थी। यहां तक उनके पास अंडरग्राउंड पार्किंग लॉट भी था जहां वो अपनी कारें रखते थें। उनकी मौत के बाद उनके नाम से बहुत सी कारों के बारें में पता चला।

मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी की कार
मुअम्मर अल-गद्दाफ़ी सन् 1969 से लीबिया के शासक बने हुए थे। उन्हें 'कर्नल गद्दाफ़ी' के नाम से जाना जाता था। कर्नल मुअम्मर गद्दाफ़ी ने लिबिया पर कुल 42 साल तक राज किया और वे किसी अरब देश में सबसे अधिक समय तक राज करने वाले तानाशाह के रुप में जाने जाते रहें। अपने आख़िरी समय में अपने गृह नगर सिर्ते में छुपा गद्दाफ़ी वहाँ से भागने की फिराक में थें। वह अपने काफिले के साथ वहाँ से जैसे ही निकला, फ्रेंच लडा़कू विमानों ने उस पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में गद्दाफ़ी ज़ख़्मी हो गयें। इसके बाद एन॰ टी॰ सी॰ के लड़ाकों ने गद्दाफ़ी को खोज निकाला। इस दौरान गद्दाफ़ी को दो गोलियाँ लगी थीं, एक गोली गद्दाफ़ी सिर में और सीने पर लगी थी और उनकी मौत हो गई। यह तस्वीर में आप जो देख रहें हैं वो गद्दाफी की पसंदीदा रॉकेट कार है।

नेपोलीयन बोनापार्ट की शाही सवारी
नेपोलियन बोनापार्ट के समय में कारें नहीं थीं, लेकिन वो अपने पसंदीदा घोड़े से चौकड़ी भरते थें।



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