Orange Vs White Vande Bharat Express: सफेद रंग की वंदे भारत का निर्माण क्यों हुआ बंद?जानें इसके पीछे का कारण
जल्द ही चेन्नई में दो नई वंदे भारत ट्रेनें पटरियों पर दौड़ती नजर आयेंगी। वंदे भारत ट्रेन का देशभर में जबरदस्त स्वागत हो रहा है। हर प्रमुख शहर में वंदे भारत ट्रेनें शुरू की जा रही हैं। कई लोग वंदे भारत ट्रेन से यात्रा करना पसंद करते है। इसका मुख्य कारण वंदे भारत ट्रेन में अधिक सुविधाएं और यात्रा का समय बचना है।
कई लोग वंदे भारत ट्रेन में सफर करना पसंद करते हैं क्योंकि इसकी सुविधाएं विदेशों में चलने वाली बुलेट ट्रेन के बराबर हैं। हालांकि, मूल रूप से डिज़ाइन की गई वंदे भारत ट्रेनों के सभी कोच सफेद रंग के थे। लेकिन वर्तमान में केवल नारंगी और भूरे रंग के कोच वाली वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जाता है।

तमिलनाडु में इस्तेमाल होने वाली वंदे भारत, नारंगी रंग में डिजाइन की गई पहली ट्रेन है, जिसे मदुरई से बेंगलुरु तक चलाया जाएगा। ऐसे में सवाल है कि आखिरकार अब सफेद रंग की वंदे भारत ट्रेनों को बनाना क्यों बंद कर दिया गया। ऐसे में इसकी बड़ी वजह जानते हैं।
बता दें कि सफेद रंग की वंदे भारत के निर्माण ना करने का मुख्य कारण रखरखाव की लागत है। सफेद वंदे भारत ट्रेन की सफाई करना एक कठिन काम है। इससे इस ट्रेन की सफाई करने वाले कर्मचारियों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

इसे देखते हुए फिलहाल सफेद वंदे भारत ट्रेनें पूरी तरह से बंद कर दी गई हैं और केवल नारंगी वंदे भारत ट्रेनें (Orange Vande Bharat Trains) ही चल रही हैं। इसके अलावा ऑरेंज अपडेट के दौरान कुछ अन्य अपडेट भी किए गए हैं।
नारंगी वंदे भारत ट्रेनों की सीटों को सफेद वंदे भारत ट्रेनों की सीटों की तुलना में अधिक गद्देदार बनाया गया है। साथ ही, एग्जीक्यूटिव सीट कार कंपार्टमेंट में बूट रेस्ट को बढ़ाया गया है। ये सारी शिकायतें उन यात्रियों की हैं जिन्होंने सफेद वंदे भारत ट्रेन में सफर किया है।

इसके बाद, नारंगी वंदे भारत कोच में वॉश बेसिन थोड़े गहरे हैं। लोगों की शिकायत थी कि सफेद कोच में लगे वॉश बेसिन इतने गहरे नहीं थे कि पानी बाहर निकल सके। इसके आधार पर गहराई बढ़ाने और पानी को बाहर निकलने के लिए इसे डिजाइन किया गया है।
नारंगी रंग की वंदे भारत ट्रेन में स्लिप एंगल को भी बेहतर किया गया है। इससे यात्री और ज्यादा आराम से यात्रा कर सकेंगे। इस ट्रेन के टॉयलेट में लाइटिंग को भी बेहतर किया गया है। शिकायत थी कि वर्तमान में चल रही वंदे भारत में रोशनी पर्याप्त नहीं थी।
इसके अलावा, सफेद वंदे भारत ट्रेनों पर रीडिंग लाइटें प्रतिरोधक स्पर्श तकनीक द्वारा संचालित थीं। इसे बेहतर बनाने के लिए नारंगी वंदे भारत ट्रेनों में कैपेसिटिव टच के साथ रीडिंग लाइटें दी गई हैं। इस ट्रेन में रोलर ब्लाइंड्स को भी बेहतर बनाया गया है।
ड्राइवस्पार्क की राय: भारतीय रेलवे द्वारा सफेद वंदे भारत ट्रेन शुरू करने के बाद यात्रियों की प्रतिक्रिया सुनकर इसमें सुधार किया गया है। इसके बाद अब से अब नारंगी और भूरे रंग की वंदे भारत ट्रेनें बनाई जा रही हैं।


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