ट्रेनों में कारों की तरह क्यों नहीं दिए जाते सीट बेल्ट? जानें क्या है कारण
कार में यात्रियों के लिए 2 पॉइंट, 3 पॉइंट वाले सीटबेल्ट दिए जाते हैं लेकिन ट्रेन में प्रतिदिन लाखों, करोड़ों लोग सफर करते है, ऊपर से ट्रेन की औसतन गति आमतौर पर कार से अधिक होती है। फिर भी ट्रेन में सीटबेल्ट क्यों नहीं दिए जाते?
क्या आपने कभी सोचा है कि ट्रेन में सीटबेल्ट क्यों नहीं दिए जाते? अगर आप भी हमारी तरह उन लोगों में से है जो इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो हम आपके लिए इस सवाल का जवाब लेकर आये हैं। आइये इसके बारें में विस्तार से जानते हैं।

सीटबेल्ट यात्री की सुरक्षा के लिए होती है और इसे कारों में अनिवार्य भी किया जा चुका है। आजकल सीटबेल्ट कारों के साथ-साथ एयरप्लेन, यहां तक कि महंगी ट्रकों में भी दिया जाता है लेकिन ट्रेन में सीटबेल्ट क्यों नहीं दिया जाता, यह एक अनोखा लेकिन वाजिब सवाल है।
वन्दे भारत जैसे देश के मॉडर्न ट्रेन में भी कही भी सीटबेल्ट देखनें को नहीं मिलता है। ऐसा मत सोचिये कि सीट बेल्ट नहीं दिया जाता तो ट्रेन का सफर सुरक्षित है। ट्रांसपोर्ट के किसी अन्य माध्यम की तरह ही, रेल यात्रा के दौरान भी खतरा रहता है।

आये दिन भारत में ट्रेन के एक्सीडेंट होते रहते हैं। वन्दे भारत कुछ ही समय पहले ट्रैक पर गाय से टकरा गयी थी। आये दिन भारत में ट्रेन ट्रैक से उतर जाते है या टकराने का खतरा मंडराता रहता है। ट्रेन एक्सीडेंट से भारी जान माल का नुकसान होता है।
ऐसा नहीं है कि ट्रेन एक्सीडेंट वाली स्थिति सिर्फ भारत में है, यह समस्या दुनिया भर में व्याप्त है लेकिन किसी भी देश में ट्रेन में सीटबेल्ट की सुविधा नही मिलती है। हम में से बहुत लाग ट्रेन का सफर कई कारणों से करते हैं।

इसमें से एक बड़ा कारण है कि लंबे सफर में ट्रेन में टहलने का मौक़ा मिलता है और ऐसे में सीट बेल्ट एक बड़ा रोड़ा बन सकता है। वहीं कुछ ट्रेनों में सोने की सुविधा भी दी जाती है और ऐसे में सीटबेल्ट एक बड़ी समस्या बन सकती है।
ट्रेन की यात्रा इसी स्वतंत्रता के लिए जानी जाती है। वहीं लंबी यात्रा में सीटबेल्ट को अनिवार्य कर दिया जाए तो सीट से उठ कर कही टहलने की स्वतंत्रता चली जायेगी जो कि परेशानी का सबब बन सकती है। इस वजह से ट्रेन में सीट बेल्ट नहीं दिया जाता है।
भले ही ट्रेन कितनी भी स्पीड से चल रही हो उनमें चहल पहल करना बेहद आसान होता है। हालांकि कई देशों ने ट्रेन में सीटबेल्ट देने की कोशिश भी की, लेकिन 100 में से सिर्फ 26 लोग ही सीटबेल्ट का उपयोग कर रहे थे।
बहुत से लोग ट्रेन यात्रा के दौरान सीटबेल्ट का उपयोग नहीं करते। सीटबेल्ट की जगह पर ट्रेन में बेहतर सीट लगाया जाना चाहिए ताकि ट्रेन की यात्रा को और भी सुरक्षित बनाया जा सके। कई स्टडी भी सामने आये है जो बेहतर सीट लगाये जाने की पुष्टि करते हैं।


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