पेट्रोल और डीजल से सस्ता बिक रहा है जेट फ्यूल, जानें क्या है वजह
देश में पिछले कुछ महीनों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि हुई है। लोग ईंधन की आसमान छूती कीमतों से परेशान हैं। ईंधन की ताजा दरों की बात करें तो, दिल्ली में आज पेट्रोल 105.84 रुपये प्रति लीटर और डीजल 94.57 प्रति लीटर की दर से बिक रहा है। वहीं मुंबई में एक लीटर पेट्रोल 111 रुपये की दर को पार कर चुका है।

लेकिन आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि देश में विमानों में भरा जाने वाला फ्यूल यानी जेट फ्यूल की कीमत पेट्रोल और डीजल की कीमत की तुलना में काफी कम है। दिल्ली में एक लीटर जेट फ्यूल 79 रुपये की दर से बिक रहा है। इस हिसाब से यह पेट्रोल की कीमत से करीब 33 फीसदी सस्ता बिक रहा है।

क्या होता है जेट फ्यूल
जेट फ्यूल वह ईंधन है जिसका इस्तेमाल विमानों को चलाने के लिए किया जाता है। जेट फ्यूल का इस्तेमाल सभी तरह से नागरिक उड्डयन विमानों और सेना के विमानों और हेलीकॉप्टर में किया जाता है। यह पेट्रोल और डीजल के जैसा ही ईंधन होता है लेकिन इससे सामान्य वाहनों को नहीं चलाया जा सकता।

क्यों है जेट फ्यूल सस्ता
जेट फ्यूल के किफायती होने का कारण है उसपर लगाया जाने वाला कम टैक्स। वर्तमान में खुदरा पेट्रोल की कीमत पर 60 फीसदी और डीजल पर 54 फीसदी तक टैक्स लगाया जाता है। वर्तमान में, केंद्र सरकार पेट्रोल पर 32.80 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 31.80 रुपये का उत्पाद शुल्क लगाती है। राज्य सरकारों द्वारा टैक्स लगाने के बाद पेट्रोल-डीजल का खुदरा मूल्य तय किया जाता है।

इसकी तुलना में जेट फ्यूल केवल 79 रुपये प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध है। जेट फ्यूल पर भी केंद्र और राज्य सरकारें टैक्स वसूलती हैं लेकिन यह पेट्रोल डीजल के मुकाबले कम होता है। जेट फ्यूल पर केंद्र सरकार 11 प्रतिशत उत्पाद शुल्क लेती है जबकि वैट का दर शून्य से 30 फीसदी तक तय किया गया है।

और बढ़ सकती है कीमत
बता दें कि आने वाले दिनों में भारत में ईंधन की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड आयल) की कीमत 86 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की जो कीमत चल रही है उसका असर भारत में 20-25 दिन बाद दीखता है।

सरकार का कहना है कि कच्चे तेल की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार के हवाले हैं। इसमें सरकार कुछ नहीं कर सकती। मतलब यह है कि तेल कंपनियां अंतररास्ट्रीय कीमत के अनुसार पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमत तय करती हैं। हालांकि, बड़ी बात यह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमत पर 50 फीसदी से ज्यादा टैक्स लगाया जाता है जिसे सरकार कम करने के मूड में नहीं है।


Click it and Unblock the Notifications








