आखिर ये डीजल इंजन की गाड़ियां इतना काला धुआं कयों छोड़ती है?
आपने अक्सर सड़क पर एैसी कारों को देखा होगा जो सामान्य से अधिक और बेहद काला धुआं छोड़ती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसके पीछे की असली वजह क्या है?

लोग इसके पीछे नाना प्रकार के तर्क देते हैं, कोई कहता है कि कार का इंजन खराब हो गया, कोई कहता है कि कार का साइलेंसर फट गया है आदि आदि। तो आखिरकार कार में से निकलने वाले काले धुएं की असली वजह क्या है? आईये जानते है।

सबसे पहले तो ये जान लीजिये की सभी डीजल इंजन की गाड़ीयॉ काला धुआं नहीं फेकती।

काला धुआं सिर्फ उन गाड़ियों में से निकलता है, जिनके इंजन अच्छे से मेंटेन नहीं होते है।

क्या होता है आपकी कार की टेलपाइप में से निकलने वाला काला धुआं?
डीजल इंजन कंप्रेशन इग्निशन सिद्धांत पर काम करता हैं और जो डीजल सिलिंडर में जाता है, दहन के लिए वह खुद जिम्मेदार होता है। जब इंजन वेल मेंटेन्ड नहीं होगा तब डीजल पूरी तरीके से दहन नहीं होता है और यह काले धुएं के रूप में बाहर आता है।

इस काले धुएं के कारण प्रदूषण तो फैलता ही है, साथ ही इससे सड़क पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ता है। यदि आपके कार का इंजन वेल मेंटेन्ड होगा तो डीजल का दहन बड़ी आसानी से हो जाएगा और काला धुआं बाहर नहीं आएगा।

डीजल कार से काला धुआं कयों आता है?
किसी भी डीजल कार से काला धुआं आने का सबसे बड़ा कारण है सिलिंडर में हवा और ईंधन के अनुपात में गड़बड़ी आना। मतलब सिलिंडर में या तो हवा अधिक मात्रा में जा रही है या फिर डीजल।

इस अनुपात के बिगड़ना के कई कारण हो सकते हैं, जैसे भरा हुआ ईंधन इंजेक्टर, एयर फिल्टर का जाम हो जाना, दूषित ईेधन और ईंधन पंप का जाम हो जाना ईत्यादि।

डीजल इंजन की गाड़ियां उतना प्रदूषण नहीं करती जितना कि लोग समझते है, कयोंकि काला धुआं इंजन मेंटेन ना रखने की वजह से होता है। डीजल कार के इंजन को यदि सही से मेंटेन रखा जाए तो यह बहुत कम प्रदूषण करती है।


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