100 साल पहले हुआ था Seat Belt का आविष्कार! ऐसे बनी वाहन की सबसे मुख्य सेफ्टी फीचर, जानें डिटेल्स

आज के समय कारें कई महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर्स से लैस होकर आती है। कार के अंदर यात्रियों और बाहर की सुरक्षा के लिए कई तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।

आधुनिक कारों को सड़क के किनारे चल रहे पैदल यात्रियों को भी पहचानने और उनकी सुरक्षा करने के लिए एडवांस डिज़ाइन दी गई है। लेकिन अगर शुरुआती दौर में कारों में पेश किए गए पहले सुरक्षा फीचर पर नजर डालें तो वह, सिर्फ सीट बेल्ट था।

Seat Belts

भले ही आज आधुनिक कारों में कई एडवांस फीचर्स मौजूद हैं, लेकिन सफर के दौरान सीट बेल्ट लगाना आज भी जरूरी है। मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार बिना सीट बेल्ट के अगर आप यात्रा करते हैं तो ये एक दंडनीय अपराध है।

लेकिन क्या आप जानते हैं कि सीट बेल्ट की खोज कब और कैसे हुई थी? आखिरकरा कैसे यह वाहनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सेफ्टी फीचर बन गई? आइए इस आर्टिकल में आपको विस्तार से बताते हैं।

Seat Belts

सबसे पहले एक अंग्रेज इंजीनियर जॉर्ज गेल ने हवाई जहाज में यात्रियों और पायलटों के लिए सीट बेल्ट का आविष्कार किया था। लेकिन, बाद में यह कारों में भी आ गया। 19वीं सदी के अंत में, जॉर्ज गेल द्वारा विकसित सीट बेल्ट बहुत सरल थे।

हालाँकि, वे अचानक हुई टक्करों के दौरान भी यात्री को सीट पर मजबूती से पकड़ने में सक्षम थे। लेकिन जॉर्ज गेल ने सीट बेल्ट के लिए पहला पेटेंट दाखिल नहीं किया था।

Seat Belts

इसके बाद 10 फरवरी, 1885 को एडवर्ड जे. क्लॉकॉर्न नामक एक अमेरिकी को सीट बेल्ट के आधिकारिक आविष्कार के लिए पेटेंट प्राप्त हुआ। इस तरह कारों में उपयोग होने वाले पहले सीट बेल्ट तैयार करने का श्रेय अमेरिकी अविष्कारक एडवर्ड क्लैगहॉर्न को जाता है।

साल 1885 में उनके द्वारा डिजाइन किये गए सीट बेल्ट को न्यूयॉर्क की टैक्सियों में इस्तेमाल किया जाने लगा था। बाद में साल 1946 में एक डॉक्टर C. Hunter Shelden ने आटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए काफी काम किया। उसी ने retractable seat belt की परिकल्पना की थी।

Seat Belts

इस तरह से कहें तो सीट बेल्ट के लिए पेटेंट दाखिल हुए करीब 139 साल हो गए हैं। 1885 के दौरान, अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में पर्यटकों को शहर दिखाने के लिए घोड़ा-गाड़ी का इस्तेमाल किया जाता था।

एडवर्ड जे क्लॉकॉर्न ने घोड़ा-गाड़ी में बैठे यात्रियों की सुरक्षा में उपयोग के लिए सीट बेल्ट का पेटेंट कराया। यानी उन्हें घोड़ा-गाड़ी के लिए सीट बेल्ट के डिजाइन का पहला अधिकार मिला।

Seat Belts

उस पहले रजिस्टर्ड सीटबेल्ट में पट्टियाँ, हुक और बकल थे। इस सीट बेल्ट को 'सेफ्टी बेल्ट' कहा जाता है। इसके बाद 20वीं सदी की शुरुआत में सीट बेल्ट का विकास शुरू हुआ।

यात्रियों को न केवल दुर्घटनाओं से, बल्कि उबड़-खाबड़ सड़कों पर यात्रा करते समय भी झटके से बचाने के लिए सीट बेल्ट का विकास किया जाने लगा। हालाँकि जब सीट बेल्ट का इजाद हुआ तो टू प्वाइंट सीट बेल्ट (2 Point Seat belt) होते थे।

Seat Belts

इससे सिर्फ कमर को सुरक्षा मिलती थी, जैसा कि आप हवाई जहाज में पैसेंजर सीटों पर लगी देखते हैं। हालांकि बाद में लोगों के बीच सीट बेल्ट की मांग तेजी से बढ़ने लगी।

ऐसे समय में जब कारें नई क्रांति ला रही थीं, बहुत से लोग सीटबेल्ट वाली कार खरीदना चाहते थे। हालाँकि, तब से लंबे समय तक, कार कंपनियों ने वैकल्पिक रूप में सीटबेल्ट की पेशकश की है।

Seat Belts

इसे काफी समय तक बेस कार पार्ट के रूप में पेश नहीं किया जाता था। 1930 और 40 के दशक में, रिकॉर्ड यह दिखाने लगे कि सीट बेल्ट ने कई मौतों को रोका। परिणामस्वरूप, 1950 लोगों में सीट बेल्ट को लेकर रुझान बढ़ने लगा।

बता दें कि सीट बेल्ट के डिजाइन में लगातार सुधार हो रहा है। आधुनिक समय में चार, पाच, छह यहां तक कि 7 प्वाइंट सीट बेल्ट आ रहे हैं। ये मुख्य रूप से रेसिंग कार में लगाए जाते हैं।

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Article Published On: Sunday, February 11, 2024, 9:30 [IST]
English summary
Who invented seat belts in cars know the history of seat belts when it was invented details in hindi
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