क्या होता है जब रिटायर होता है एक एयरोप्लेन? जानें कितनी होती है हवाई जहाज की औसत उम्र
एयरप्लेन यानी हवाई जहाज आज के समय में लंबी दूरी की यात्रा का सबसे तेज यातायात साधन है। एक एयरोप्लेन को कई सालों तक सर्विस में रखा जाता है और उसका इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब एक एयरोप्लेन रिटायर होता है तो उसका क्या होता है। अगर नहीं, तो आज हम आपको बताएंगे।

कितनी होती है एयरोप्लेन की उम्र?
आगे बढ़ने से पहले कुछ लोगों के मन में यह सवाल होगा कि आखिर एक एयरोप्लेन की उम्र कितनी होती है। हालांकि कई लोग सोच रहे होंगे कि इतना बड़ा एयरोप्लेन कई दशकों तक चल सकता है, लेकिन हम आपको बता दें कि एयरोप्लेन की औसत उम्र 25 साल से 30 साल तक ही होती है।

कैसे मापी जाती है एयरोप्लेन की उम्र?
एक हवाई जहाज की उम्र आमतौर पर दबाव चक्रों द्वारा मापी जाती है। हर बार जब एयरोप्लेन उड़ान भरता है तो उस पर दबाव डाला जाता है, जिससे उसके धड़ और पंखों पर दबाव पड़ता है। एयरोप्लेन निर्माता मेनटेंस कार्यक्रम के दौरान यह निर्धारित करते हैं कि हवाई जहाज के कुछ कम्पोनेंट्स दबाव से खराब हुए हैं या नहीं।

असल में एयरोप्लेन कब होते हैं रिटायर?
हम आपको बता दें कि कोई भी एयरलाइन किसी एयरोप्लेन के बिल्कुल बूढ़ा होने का इंतजा नहीं करता है। बहुत से एयरोप्लेन तो अपनी पूरी उम्र तक पहुंच भी नहीं पाते हैं। भले ही एक एयरोप्लेन की उम्र लगभग 25 साल की होती है, लेकिन अधिकांश एयरोप्लेन 18 साल की उम्र तक पहुंचने पर रिटायर हो जाते हैं।

क्या होता है जब रिटायर होते हैं एयरोप्लेन?
तो चलिए अब हम आपको इस सवाल का जवाब देते हैं कि एयरोप्लेन के रिटायर होने के बाद क्या होता है? तो जब कोई एयरोप्लेन रिटायर होता है तो यह एक स्टोरेज एयरपोर्ट के लिए अपनी आखिरी उड़ान भरता है। ये स्टोरेज फेसेलिटी बहुत बड़ी और खुले आसमान के नीचे होती है।

ये दुनिया भर में कई जगहों पर उपलब्ध हैं। लेकिन इनमें से ज्यादातर दक्षिण-पश्चिमी संयुक्त राज्य में स्थित हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि यहां पर भूमि की उपलब्धता बहुत ज्यादा है और इन राज्यों में हवा बिल्कुल सूखी होती है, इसलिए जंग लगने की प्रक्रिया बहुत धीमी हो जाती है।

एक बार जब एयरोप्लेन एक स्टोरेज एयरपोर्ट पर आता है तो इसकी अच्छे से धुलाई की जाती है, ताकि इस पर किसी तरह के नमक की परत को हटाया जा सके, जिससे बाहरी हिस्से में जंग लग सकता है। उसके बाद ईंधन टैंकों को सूखा दिया जाता है और लूब्रिकेंट्स लगाया जाता है। इसके टायरों को भी सुरक्षित रखा जाता है।

क्यों रखा जाता है सुरक्षित?
औसतन प्रत्येक एयरोप्लेन में इंजन, धड़ के पुर्जे और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे 3,50,000 से ज्यादा कम्पोनेंट्स इस्तेमाल होते हैं और भले ही वह रिटायर हो गया हो, लेकिन इसके कई पार्ट्स अन्य विमानों में स्पेयर पार्ट्स के तौर पर लगते हैं। किसी एयरोप्लेन में खराब हिस्से को ठीक करने से बेहतर उसे बदलना होता है।


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