BMW फेल! इस ऑटो में मिल रही हैं 5-स्टार सुविधाएं, वीडियो देख दंग रह जाएंगे आप
आजकल सोशल मीडिया पर 5-स्टार लाउंज जैसी सुविधाओं से लैस एक ऑटो-रिक्शा छाया हुआ है। वायरल क्लिप में ऑटो के केबिन के अंदर CCTV कैमरा, पानी और सैनिटाइज़र स्टेशन, चॉकलेट ट्रे, बबल गन, परफ्यूम और छत पर लगा एक छोटा झूमर नजर आ रहा है। टाइम्स नाव नवभारत ने 24 सितंबर 2026 को सुबह 10:14 बजे IST पर इस खबर को कवर किया, जिसके बाद जल्द ही आजतक ने भी यात्रियों के रिएक्शन्स दिखाए।
लोग इसे इतना पसंद क्यों कर रहे हैं? वजह साफ है—आजकल छोटी दूरी के सफर में भी लोग आराम, सफाई और इंस्टाग्राम पर शेयर करने लायक अनुभव ढूंढते हैं। बिना किराया बढ़ाए मिलने वाली ये छोटी-छोटी सहूलियतें ग्राहकों का दिल जीत रही हैं। एक सवारी ने तो खुश होकर यहां तक कह दिया, "मुझे तो BMW में भी कभी इतना VVIP अहसास नहीं हुआ।" इसी महीने की शुरुआत में पुणे में भी ऐसा ही एक 'हॉस्पिटैलिटी ऑटो' देखने को मिला था, जिसमें CCTV, चॉकलेट्स और एक फीडबैक डायरी रखी हुई थी।

क्या CCTV और झूमर वाला यह '5-स्टार' ऑटो कानूनी रूप से सही है?
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 52 और 2019 का सुप्रीम कोर्ट का फैसला कंपनी के मूल डिजाइन या स्पेसिफिकेशन्स में बदलाव करने पर रोक लगाता है। हालांकि, अगर सजावट ऐसी है जिससे ड्राइवर को देखने में परेशानी न हो और ऑटो के आकार में कोई बदलाव न आए, तो इसे आमतौर पर मंजूरी मिल जाती है। ऑटो में CCTV लगाना देशभर में अनिवार्य नहीं है, लेकिन इस पर रोक भी नहीं है। बस इसके लिए गाड़ी पर CCTV का साइनबोर्ड लगाना, फुटेज को सुरक्षित रखना और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) एक्ट 2023 के तहत तय सीमा तक ही डेटा स्टोर करना जरूरी है। नए वाहनों में व्हीकल ट्रैकिंग और पैनिक बटन लगाने का नियम ऑटो-रिक्शा पर लागू नहीं होता।
| आमतौर पर इन इंटीरियर बदलावों की अनुमति है | RTO किन बदलावों पर चालान कर सकता है |
|---|---|
| सीट कवर, फ्लोर मैट, सैनिटाइज़र या वॉटर होल्डर | छत या पिलर को काटना, गाड़ी का आकार बदलना |
| सुरक्षित तरीके से लगी हल्की LED लाइट या छोटा झूमर | ड्राइवर के सामने रुकावट, विंडशील्ड के पास भारी पर्दे |
| अच्छी तरह फिक्स की गई परफ्यूम ट्रे और चॉकलेट्स | खुली वायरिंग, बिना फ्यूज़ के अतिरिक्त बैटरी जोड़ना |
| साइनबोर्ड के साथ डैशकैम या CCTV कैमरा | स्ट्रोब लाइट्स, सायरन या तय सीमा से अधिक डार्क विंडशील्ड |
ऐसा '5-स्टार' ऑटो तैयार करने में कितना खर्च आएगा?
ऐसा सेटअप बनाने में बहुत ज्यादा खर्च नहीं आता। एक बेसिक डैशकैम करीब ₹3,000 से ₹7,000 में मिल जाता है, जबकि AIS-140 ग्रेड का ट्रैकर या CCTV किट ₹5,500 से ₹12,000 के बीच आती है। LED डोम या एंबियंट लाइट्स अमूमन ₹300 से ₹1,000 में मिल जाती हैं। बबल गन की कीमत ₹200 से ₹900 के बीच होती है। इसमें ₹2,000 से ₹5,000 वायरिंग और फिटिंग का चार्ज जोड़ लें, तो कुल खर्च लगभग ₹8,000 से ₹25,000 के आसपास आता है।
देश के अन्य शहरों में भी दिख चुके हैं ऐसे 'लक्जरी ऑटो'
इस साल गर्मियों में बेंगलुरु से TV स्क्रीन, पंखे और पर्दों वाले ऑटो के वीडियो वायरल हुए थे। इसने दिखाया कि छोटी दूरी के सफर में भी आराम की मांग बढ़ रही है। हालांकि, ड्राइवर का ध्यान न भटके, इसलिए स्क्रीन को उससे दूर लगाना चाहिए। ये अनोखे इंतजाम यात्रियों को बहुत पसंद आते हैं, लेकिन चालान से बचने के लिए विजिबिलिटी, सुरक्षित वायरिंग और गाड़ी के साइज से जुड़े नियमों का पालन जरूरी है।
सवारियों के लिए ऐसा ऑटो एक शानदार अनुभव है, लेकिन ऑटो चालकों के लिए नियमों का पालन करना सबसे जरूरी है। सजावटी सामान को हल्का रखें, सुरक्षित तरीके से फिक्स करें और ड्राइवर की नज़र से दूर रखें। सही फ्यूज़ और केबल का इस्तेमाल करें, कांच पर चमक न पड़ने दें और CCTV लगा हो तो उसकी जानकारी जरूर दें। ऑटो में कोई भी छेद करने या वायरिंग बदलने से पहले RTO से सलाह जरूर लें। आखिर सफर का मज़ा तभी है जब सुरक्षा और कानून दोनों साथ चल रहे हों!


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