CM योगी ने दी खुशखबरी! साल 2024 के अंत तक यूपी को मिलेगा देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे
उत्तर प्रदेश में अगले साल (2025) में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले से पहले योगी सरकार लोगों को एक बड़ी खुशखबरी देने के लिए तैयार है। सरकार ने कहा है कि महाकुंभ से पहले उत्तर प्रदेश को गंगा एक्सप्रेसवे के रूप में देश का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे मिल जाएगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के अधिकारियों को इस साल के अंत तक गंगा एक्सप्रेसवे का काम पूरा करने का निर्देश दिया है। वर्तमान में, उत्तर प्रदेश को देश में सबसे अधिक एक्सप्रेसवे होने का गौरव प्राप्त है।

राज्य में 6 राजमार्ग उपयोग में है और लगभग 7 एक्सप्रेसवे पर कार्य जारी है। योगी सरकार की महत्वाकांक्षी गंगा एक्सप्रेसवे भी उनमें से एक है। 594 किमी के इस राजमार्ग के निर्माण के बाद यह भारत का दूसरा सबसे लंबा एक्सप्रेसवे बन जाएगा।
बता दें कि भारत का पहला सबसे लंबा एक्सप्रेस वे मुंबई-नागपुर एक्सप्रेसवे है। हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने UPEIDA के अधिकारियों के साथ बैठक की और कहा कि 2025 में महाकुंभ मेला आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए बहुप्रतीक्षित गंगा एक्सप्रेसवे 2024 के अंत तक उद्घाटन के लिए तैयार हो जाना चाहिए। गंगा एक्सप्रेसवे के संचालन के साथ ही देश के शीर्ष 10 एक्सप्रेसवे में पांच यूपी के होंगे।
प्रदेश को पूरब से पश्चिम तक जोड़ते हुए यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों के 518 गांवों से होकर गुजरेगा। इसके बनने के बाद मेरठ से हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली और प्रतापगढ़ होते हुए प्रयागराज तक की दूरी को महज कुछ घंटों में तय की जा सकेगी।
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ-बुलंदशहर (एनएच 334) पर बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज में (एनएच-19) पर जूडापुर दादू गांव के समीप समाप्त होगा। 7467 हेक्टेयर भूमि पर तैयार होने वाले इस एक्सप्रेस-वे परियोजना की लागत 36,230 करोड़ रुपये है।
गंगा एक्सप्रेसवे को शुरुआत में छह लेन, जबकि आगे चलकर आठ लेन में विस्तार किए जाने का प्रस्ताव है। इसकी डिजाइन स्पीड 120 किमी प्रति घंटा होगी। एक्सप्रेसवे पर विभिन्न स्थानों पर नौ जनसुविधा परिसरों को विकसित किया जाएगा।
उसी एक्सप्रेसवे कार्य के हिस्से के रूप में मेरठ और प्रयागराज के पास दो टोल प्लाजा स्थापित करने की योजना है और गंगा नदी (960 मीटर) और रामगंगा नदी (720 मीटर) पर 2 बड़े पुल बनाने की भी योजना है।
बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण से न केवल उत्तर प्रदेश के लोगों को लाभ होगा, बल्कि देश के विभिन्न हिस्सों से यहां केधार्मिक स्थलों पर आने वाले तीर्थयात्रियों को भी लाभ होगा।


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