यूपी में सबसे ज्यादा हुयें सड़क हादसे, 1 साल में 16,284 की मौत
जब कभी कोई आपदा या त्रासदी आती है तो हम सभी के जेहन में मौतों की संख्या सबसे पहले दस्तक देती हैं। ऐसा कई बार लोगों को चर्चा करते हुये भी देखा जाता है कि 'इस हादसे में इतने लोगों की मौत हो गई... अरे ये तो सरकारी आंकड़ा है भाई... मरे तो इससे भी ज्यादा होंगे' ये लाईने आपने भी कई बार गाहे-बगाहें सुनी या कही होंगी।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि ऐसे बड़े हादसों में होने वाली मौतों, से ज्यादा संख्या रोजाना होने वाले सड़क हादसों में मरने वालों की होती है। जहां एक तरफ देश को डीजिटल करने और विकास की बातें हो रही हैं ऐसे में एनसीआरबी ( NCRB) द्वारा पेश की गई रिपोर्ट ने सबको हैरान कर दिया है।
जी हां, नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) ने एक रिपोर्ट पेश की है जिसके अनुसार देश में पिछले वर्ष 2014 में प्रतिघंटा 16 लोगों की मौत सिर्फ सड़क हादसों में हुई थी। इतना ही नहीं पिछले साल कुल 4.5 लाख दुर्घटनाओं में लगभग 4.8 लाख लोग घायल हुये और 1.41 लाख लोगों की मौत हुई। यदि मौत के आंकडों की तुलना करें तो ये 2013 के मुकाबले 3 प्रतिशत बढ़ी है।
दोपहिया सबसे ज्यादा हादसों की वजह:
इस रिपोर्ट के अनुसार पिछले वर्ष 2014 में सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन हादसे के शिकार हुयें, जिसमें 13,787 चालकों यानी की ड्राइवरों की मौत हुई और 23,529 अन्य लोग काल के गाल में समा गयें।
उत्तर प्रदेश हादसों में अव्वल:
इस रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश पिछले वर्ष सड़क हादसों के मामले में नंबर 1 रहा है। जी हां, अकेले उत्तर प्रदेश में 16,284 लोगों की मौत सड़क हादसे में हुई है। वहीं दूसरे नंबर पर तमिलनाडु रहा है जहां पर पिछले वर्ष कुल 15,000 लोगों की जिंदगी सड़क हादसे की भेंट चढ़ी है। इस सूचि में टॉप 5 सबसे ज्यादा दुर्घटना वाले राज्यों के नाम क्रमश: उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, कर्नाटक और राजस्थान है।
आपको बता दें कि, पिछले वर्ष पुरे देश में जितनी मौते सड़क हादसे में हुई हैं, उनमें से 40 प्रतिशत हादसे अकेले इन 5 राज्यों में हुई हैं। इसके अलावा यदि शहरों की बात करें तो इस मामले में देश की राजधानी दिल्ली टॉप पर है अकेले दिल्ली में 2,199 लोगों की मौत हुई है और 1,046 लोगों की मौत के साथ चेन्नई दूसरे स्थान पर रही।


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