सावधान! एक साल में पांच बार कटा चालान तो रद्द होगा परमिट, इस राज्य में सख्त हुए नियम
उत्तर प्रदेश में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर अब कठोर कार्रवाई होगी। राज्य में ऑल इंडिया व ऑल यूपी परमिट वाली बसों के अगर साल भर में पांच से अधिक चालान हुए तो उनके परमिट रद किए जाएंगे। शासन की तरफ से निर्देश दिया गया है कि अगर एक साल के अंदर जिन बसों का पांच बार चालान होता है तो उनका परमिट तुरंत रद्द कर दिया जाए। इसके साथ ही परिवहन विभाग को ओवर स्पीड और शराब पी कर गाड़ी चलाने वालों के खिलाफ भी सख्ती से पेश आने का निर्देश जारी किया गया है।

बाराबंकी हादसे के बाद अलर्ट हुआ प्रशासन
राज्य में बस हादसों को देखते हुए यह निर्देश जारी किया गया है। पिछले दिनों ही बाराबंकी में एक भयंकर बस हादसा हुआ जिसमें 20 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने परिवहन विभाग के आला अधिकारियों पर नाराजगी जाहिर की थी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में अब तक जिन बसों को परमिट जारी किए गए हैं, उनकी जांच दोबारा से शुरू की जाए, साथ ही नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों की ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर उन पर सख्ती की जाए।

शासन की तरफ से निर्देश में यह भी कहा गया है कि हर हाल में सुनिश्चित करें कि गाड़ियों में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी हो। इसके अलावा क्षमता से ज्यादा सवारियों को ढोने वाली बसों और ओवरलोड ट्रकों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

नए मोटर कानून में सख्त हुए नियम
बता दें कि देश में नए मोटर व्हीकल कानून लागू होने के बाद फाइन और लाइसेंस रद्द करने के साथ काफी सख्त प्रावधान किए गए हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ड्राइविंग लाइसेंस और इससे जुड़ी सभी सेवाओं को लेकर समय-समय पर दिशा निर्देश जारी करती रहती है। नए मोटर व्हीकल एक्ट के तहत मॉडर्न टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ड्राइवरों के व्यवहार की निगरानी करने की व्यवस्था भी की गई है। साथ ही उनके व्यवहार को भी परिभाषित किया गया है।

इन कारणों से रद्द हो सकता है ड्राइविंग लाइसेंस
ने मोटर वाहन कानून में ट्रैफिक पुलिस को यह अधिकार दिया गया है कि वह केवल नियमों के उल्लंघन पर ही नहीं बल्कि खराब व्यवहार पर भी ड्राइविंग लाइसेंस रद्द कर सकती है। अगर बस और ट्रक की बात की जाए तो इनके डिजाइन में किसी भी तरह का अवैध बदलाव नहीं होना चाहिए। साथ ही बस या ट्रक ड्राइवर के पास पर्याप्त ट्रेनिंग और वैद्य लाइसेंस परमिट होना चाहिए। बस मालिक की यह सुनिश्चित करना होगा कि बस जर्जर स्थिति में सड़क पर नहीं चले।

प्रशासन ने लिए कुछ मुख्य निर्णय
- प्रदेश की सीमा में अनधिकृत बसों की हो चेकिंग।
- इंटरसेप्टर से ओवरस्पीड रोकने और ब्रेथ एनॉलाइजर से चेकिंग में तेजी लाना।
- बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस होंगे रद्द।
- फिटनेस के दौरान हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट व बस बॉडी की विधिवत जांच जरूरी।
- एनएचएआई को हर 40 किमी पर पेट्रोलिंग, एंबुलेंस व रिकवरी वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- टोल प्लाजा से गुजरने वाले ओवरलोड वाहनों की बनाई जाएगी सूची।


Click it and Unblock the Notifications








