JCB Mileage: क्या जेसीबी भी देती है कमाल का माइलेज? डीजल की टंकी खाली होती है या जेब? जानें सच्चाई...
अगर आपसे कोई पुछे कि भारत की सड़कों पर सबसे बड़ी गाड़ी आपने कौन सी देखी है तो आप फट से कहेंगे JCB। जी हां, जेसीबी ऐसी गाड़ी है जिसे भारतीय सड़कों पर अक्सर देखा जा सकता है। सड़क बनाने का काम हो या गहरा गड्ढा खोदना हो जेसीबी मशीन की जरूरत पड़ती हैं। आए दिन तरह-तरह के जेसीबी के वीडियो वायरल होते रहते हैं।
ऐसे में आपने जेसीबी को देखकर एक बार तो जरूर सोचा होगा कि इतनी विशालकाय गाड़ी या मशीन का माइलेज कितना होता होगा। इन भारी मशीनों का उपयोग मुख्य रूप से निर्माण और अन्य भारी कार्यों के लिए किया जाता है, इसलिए इनकी ईंधन खपत भी अधिक होती है। चलिए जेसीबी के माइलेज के बारे में जानने की कोशिश करते हैं।

JCB का माइलेज: जेसीबी मशीनों का माइलेज आमतौर पर उनके उपयोग, मॉडल और वर्कलोड पर निर्भर करता है। साथ ही मुख्य रूप से जेसीबी का माइलेज इसके रखरखाव और काम करने के साथ-साथ इसके ऑपरेटर पर भी निर्भर करता है।
अगर जेसीबी को कोई स्किल्ड ऑपरेटर चला रहा होगा तो इसका माइलेज अपने आप बढ़ जाएगा। क्योंकि एक कुशल ऑपरेटर किसी भी काम को जल्द से जल्द पूरा कर सकता है।

वहीं दूसरी ओर, अगर जेसीबी को एक अनुभवहीन या नया ऑपरेटर चला रहा होगा तो उसे मशीन द्वारा कोई भी काम पूरा करने में अधिक समय लगेगा, जिससे जेसीबी का ईंधन खपत बढ़ जायेगा।
आमतौर पर जेसीबी बैकहो लोडर जैसा मॉडल प्रति लीटर डीजल में लगभग 4 से 6 किमी का माइलेज देता है। लेकिन यह संख्या काम के स्पीड, मशीन रखरखाव और ऑपरेटर पर निर्भर कर सकता है।
हालांकि जैसा कि सभी जानते हैं कि जेसीबी बहुत भारी होता है इसलिए इसका माइलेज कम होता है। लेकिन अगर यह केवल एक कारण है, तो जेसीबी द्वारा किए जाने वाले कार्य की प्रकृति, मशीन का रखरखाव और संचालन के तरीके अन्य कारण हैं जो माइलेज को कम करते हैं।
जेसीबी का रखरखाव और मरम्मत: स्पेयर पार्ट्स की तरह, जेसीबी का रखरखाव और मरम्मत बहुत महंगा है। क्योंकि कार और बाइक की तरह आप सड़क के किनारे जेसीबी नहीं लगा सकते।
जेसीबी की मरम्मत के लिए आपको इसे कंपनी के सर्विस सेंटर पर भेजना होता है तभी जाकर इसको ठीक किया जा सकता है। इसका रख-रखाव और मरम्मत वहां के कुशल मैकेनिकों द्वारा ही किया जाता है।
जेसीबी के स्पेयर पार्ट्स: चूंकि जेसीबी की मरम्मत का काम अधिक होता है, इसलिए यदि जेसीबी का कोई भी हिस्सा अगर क्षतिग्रस्त हो जाता है, तो उसकी मरम्मत में हजारों रुपये खर्च होते हैं।
चूंकि जेसीबी के सभी हिस्से ठोस लोहे के हिस्से होते हैं। ऐसे में इनके निर्माण की लागत भी अधिक होती है, इसलिए जेसीबी के सभी हिस्से बहुत महंगे होते हैं।
किराया बेहद महंगा: आमतौर पर जो लोग जेसीबी के साथ काम करते हैं उन्हें किराया पता होता है। किराया घंटे या दिन के हिसाब से लिया जाता है। क्योंकि इसके रख-रखाव का खर्चा बहुत ज्यादा होता है इसलिए इसके मालिक को किराया भी ज्यादा मिलता है।
ड्राइवस्पार्क की राय: जेसीबी मशीनों को चलाने और रखरखाव की लागत काफी अधिक होती है, क्योंकि वे काफी बड़ी और भारी होती हैं। ऐसे में जेसीबी मशीनों से कार्य करते देखना जितना अच्छा लगता है, उतना ही महंगा इसको मेंटेन करना है। हालांकि इसके मालिक को पैसे भी ज्यादा मिलते हैं।


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