Underage Driving: बच्चे से चलवाई गाड़ी, तो खानी पड़ सकती है जेल की हवा! जानिए क्या कहते हैं नियम
हर बच्चे का सपना होता है कि बड़ा होकर वह बाइक और कार चलाए। सरकार ने इसको लेकर एक उम्र निर्धारित की है। अगर आप 18 साल के हो जाते हैं, तो कानूनी रूप से Driving License के लिए अप्लाई कर सकते हैं और DL मिलने के बाद गाड़ी चला सकते हैं।
हालांकि, देश के कोनों-कोनों से आएदिन Underage Driving की खबरें आती रहती हैं। अपने इस लेख हम आपको बताएंगे कि भारत में इसको लेकर क्या नियम है और अगर ऐसा करते हुए कोई पकड़ा गया, तो उसे किन मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है?

कम उम्र में ड्राइविंग: भारत में 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को कार चलाने या दोपहिया वाहन चलाने की अनुमति नहीं है। हालांकि इस कानून का अक्सर उल्लंघन किया जाता है और इसके चलते केवल गाड़ी चलाने वाला बच्चा ही नहीं, बल्कि उसके माता-पिता और वाहन मालिक भी मुश्किल का सामना करता है।
Motor Vehicle Act का नियम: मोटर वाहन अधिनियम (MVA) की धारा 181 में बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने और कम उम्र में गाड़ी चलाने जैसे अपराध को लेकर नियम शामिल किए गए हैं। इसके अनुसार, 18 वर्ष से कम उम्र के किसी भी व्यक्ति को मोटर वाहन चलाने की अनुमति नहीं है।
वहीं, 20 वर्ष से कम उम्र का कोई भी व्यक्ति परिवहन या कमर्शियल वाहन नहीं चला सकता है। हालांकि, 50 सीसी से कम छमता और 40 KMPH से कम स्पीड वाली मोपेड चलाने के लिए कोई उम्र सीमा नहीं निर्धारित की गई है।
Bharatiya Nyaya Sanhita क्या कहती है: भारतीय न्याय संहिता की धारा 125 के अनुसार नाबालिग द्वारा कानून का उल्लंघन करते पकड़े जाता है, तो उसे 25 हजार रुपये तक के जुर्माने के साथ 25 वर्ष की आयु तक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अयोग्य घोषित किया जा सकता है। दुर्घटना की स्थिति में दंड और सजा बढ़ जाती है।
नोएडा पुलिस सख्त: गौतम बौद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट इसको लेकर बहुत सख्त हैं। नोएडा में अगर कोई कम उम्र में राइड या ड्राइव करते हुए पकड़ा जाएगा, तो MVA की धारा 199A के तहत 25 हजार रुपये तक का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई के साथ वाहन पंजीकरण (RC) को भी निलंबित किया जा सकता है।


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