ट्रेन का इंजन या हवाई जहाज का इंजन, कौन होता है ज्यादा ताकतवर
आज के समय में ट्रेन और हवाई जहाज यातायात के दो ऐसे साधन हैं जो एक दूसरे से बिल्कुल विपरीत है। ट्रेन जहां एक साथ हजारों लोगों को एक जगह से दूसरी जगह ले जा सकती है वहीं हवाई जहाज कुछ सौ लोगों को ही ले जा सकता है।

जहां ट्रेन के सफर के लिए आपको काफी कम किराया चुकाना पड़ता है, वहीं हवाई जहाज के सफर के लिए आपको कहीं ज्यादा किराया चुकाना पड़ता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह भी है कि ट्रेन के सफर में समय ज्यादा लगता है।

वहीं हवाई जहाज से आपके समय की काफी बचत होती है। लेकिन आज हम यहां पर बात करने वाले हैं कि ट्रेन के इंजन और हवाई जहाज के इंजन में कौन ज्यादा ताकतवर होता है।

यह तो हमने आपको बता ही दिया कि ट्रेन एक बार में हजारों लोगों को एक साथ ले जा सकती है, लेकिन हवाई जहाज के साथ ऐसा नहीं है। तो क्या आप इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि किसका इंजन ज्यादा ताकतवर होता है।

चलिए अगर आपको नहीं पता तो हम आपको बताते है। एक हवाई जहाज का इंजन यातायात के सभी साधनों के इंजनों से सबसे ज्यादा ताकतवर होता है।

जी हां, प्लेन का इंजन ट्रेन के इंजन से भी कहीं ज्यादा ताकतवर होता है। अगर हम एक पसेंजर ट्रेन की बात करें तो इसके इंजन में 4,000 से 6,000 हॉर्सपॉवर की ताकत होती है।

ट्रेन का यह इंजन करीब 1,000 टन के डिब्बों को 90 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से खींच सकता है। अब बात करें प्लेन के इंजन की तो यह ट्रेन से करीब 10 गुना ज्यादा ताकतवर होता है।

दो इंजन वाले एयरबस ए-320 के एक इंजन में करीब 40,000 से 50,000 हॉर्सपॉवर की ताकत होती है। यानी इसके दोनों इंजन की बात करें तो इसमें कुल 80,000 से 1,00,000 हॉर्सपॉवर की ताकत होती है।

मौजूदा समय में कुछ हवाई जहाज ऐसे भी हैं जिनके इंजन की क्षमता एयरबस ए-320 से भी कहीं ज्यादा है। कुछ हवाई जहाज के इंजन में 3,00,000 हॉर्सपॉवर जितनी ताकत होती है।


Click it and Unblock the Notifications