सड़क सुरक्षा सप्ताह में भी भारत ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन का बना रहा है World Record
अपने देश में किसी भी प्रकार की ट्रैफिक जागरूकता देश में बढ़ रहे ट्रैफिक लापरवाहों को नहीं सुधार पा रही है। खास बात यह है कि इसमें लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
शहर की सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर करीब महीने भर पहले नासिक पुलिस द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया था, लेकिन इस दौरान ध्यान देने वाली बात यह रही कि वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग सेंस में जरा सा भी बदलाव नहीं आया।

इस दौरान पुलिस ने इस साल करीब 29 घातक दुर्घटनाओं को केवल इस एक माह की अवधि में दर्ज किया। इनमें ज्यादातर दुर्घटनाओं की वजह लापरवाही से ड्राइविंग करना रहा।

हालांकि यह पिछले साल हुई दुर्घटनाओं की तुलना में कुछ कम रही। लेकिन लोगों का भ्रष्ट ट्रैफिक सेंस पुलिस के लिए अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

बता दें कि पुलिस ने 1 जनवरी से लेकर 24 फरवरी के बीच में करीब 76 मामले दर्ज किए जबकि पिछले साल इसका आकड़ा 104 था।

इस बारे में यातायात पुलिस का कहना है कि शहर की पुलिस ने लोगों की सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन के लिए जो कदम उठाए हैं अगर लोग उसका पालन करते हैं तो जाहिर सी बात है दुर्घटनाओं में कमी आ सकती है, लेकिन इस मामले में दो-पहिया वाहनों की हालत तो और भी खराब है।

इन सब को देखते हुए पुलिस ने स्थानीय पुलिस ने भी दोपहिया वाहन की दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई कदम उठाए, लेकिन सारे नाकाम रहे। इस बारे में सहायक पुलिस आयुक्त (यातायात), जयंत Bajbale का कहना है कि उनका इस पहल का उद्देश्य़ लोगों को उनकी ही सुरक्षा को सुनिश्चित करना है। हालांकि कई लोग इन बातों को मान भी रहे हैं और वे हेलमेट से लेकर कई सुरक्षा किट पहन रहे हैं।

यातायात पुलिस अब इस प्रावधान पर भी विचार कर रही है कि अगर कोई व्यक्ति दुर्घटना के दौरान हेलमेट नहीं पहन रखा है तो उसके परिवार को बीमे की रकम को प्राप्त करने में परेशानी हो। उन्होंने कहा कि हम सभी इसके लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं लेकिन शर्म की बात यह है कि कुछ लोगों में अब भी कोई सुधार नहीं आ रहा है।


Click it and Unblock the Notifications








