महिला सुरक्षा पर सरकार का बड़ा कदम, कमर्शियल वाहनों में लागाए जाएंगे ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन
मध्यप्रदेश सरकार की योजना अब पब्लिक कमर्शियल ट्रांसपोर्ट वाहनों में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने की है। माना जा रहा है राज्य में बढ़ती महिलाओं के प्रति अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ऐसा कदम उठा रही है। हालांकि इस से कितना लाभ होगा यह तो आने वाले वक्त में ही पता लगेगा। लेकिन सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय की सराहना अवश्य ही होनी चाहिए। देर से ही कम से कम सरकार को राज्य में बढ़ रही अपराध की भनक तो लगी है।

अगर महिला सुरक्षा की बात करे, तो देश भर में सबसे ज्यादा असुरक्षित महिलाएं सार्वजनिक वाहनों में ही महसूस करती हैं। हर रोज सार्वजनिक वाहन में महिलाओं के साथ छेड़-छाड़ के कई मामले दर्ज होते है। हालात ऐसे बन गए है कि अब महिलाएं या युवतियां सार्वजनिक वाहनों में सफर करने से कतराती है।

राज्य सरकार का यह आदेश मई महीने से ही लागू होना था। इस आदेश के अनुसार मई 2019 से कोई भी कर्मशियल वाहनो का रजिस्ट्रेशन बिना उपकरण लगाए नहीं करवा सकेंगे। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आदेश पर वाहन मालिकों को मई 2019 तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट वाहन में ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने लिए कहा गया था। साथ ही निर्माता कंपनी को नए वाहनों पर यह उपकरण लगाकर देने का आदेश था।

महिलाओं के लिए सरकारी वाहनों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था देने वाला यह कदम सराहनीय है। मध्यप्रदेश राज्य सरकार के परिवहन मंत्री गोबिंद राजपूत ने बुधवार को कहा कि राज्य के सभी कमर्शियल वाहनों में जीपीएस आधारित कंट्रोल कंमाड सेंटर वाहनों की रियल टाइम ट्रैक करने के लिए लगाया जाएगा।

प्रेस कॉफ्रेंस में मंत्री गोबिंद राजपूत ने कहा है कि हमारी योजना कमर्शियल वाहनों में जीपीएस बेस्ड ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन लगाने की है। ये राज्य के सभी बस और टैक्सी में लगाए जाएंगे। उन्होंने आगे बताया की जीपीएस आधारित कंट्रोल कंमाड सेंटर का निर्माण राजधानी में किया जाएगा, जिससे सभी कमर्शियल वाहनों का रियल टाइम लोकेशन आसानी से पता किया जा सकता है।

इन सभी पैनिक बटन को कमर्शियल वाहनों में लगाया जाएगा, जिससे अगर कोई भी यात्री अगर किसी परेशानी में है, तो वो इसकी सूचना बटन दबा कर दे सकता है। पैनिक बटन के दबाते ही एक सिग्नल कमांड सेंटर के पास मिलता है, इसके मिलते इस पर अतिशीघ्र कार्रवाई की जाएगी।

माननीय गोबिंद राजपूत आगे कहते है कि पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल के जरिए हर क्षेत्र के मुख्यालय में ड्राइविंग ट्रैक का निर्माण कराया जाएगा। वही राज्य सरकार ने फरवरी माह में प्रदेश के कई कॉलेज कैंपस में कैंप का आयोजन कर 25,000 से ज्यादा लड़कियों के बीच ड्राइविंग लाइसेंस का वितरण किया।


Click it and Unblock the Notifications