हिंदुस्तान कॉन्टेसा से एम्बेसडर तक, भारत में बिकने वाली लग्जरी कारें जो भुला दी गईं
भारत लक्जरी कारों के लिए एक प्रमुख आकर्षण क्षेत्र रहा है। कार कंपनियां बीते कई सालों से देश में लग्जरी कारों का निर्माण कर रहीं हैं। लेकिन आज की लेटेस्ट और अत्याधुनिक लग्जरी कारों के बीच कुछ पुरानी पॉपुलर कारों को भुला भुला दिया गया है। आइए एक नजर डालते हैं भारत में 10 ऐसी भूली हुई लग्जरी कारों पर।

1. शेवोर्ले इम्पाला
अमेरिका की सबसे बड़ी वाहन ग्रुप जनरल मोटर्स ने सवोर्ले इम्पाला को 1958 में लॉन्च किया था। यह कार भारत में भी काफी पॉपुलर हुई थी। इस कार को अक्सर पुरानी फिल्मों में देखा जा सकता है। यह कार 152 बीएचपी पॉवर उत्पन्न करती थी। यह कार 2-स्पीड आटोमेटिक ट्रांसमिशन के साथ आती थी जो उस समय एक लग्जरी फीचर था।

2. हिंदुस्तान कॉन्टेसा
हिंदुस्तान मोटर्स ने कॉन्टेसा का निर्माण देश में ही किया था। यह लग्जरी सेडान भारत में 1983 में लॉन्च हुई थी। लॉन्च के साथ ही यह कार राजनेताओं और बॉलीवूड सितारों के बीच काफी पॉपुलर बन गई थी।

3. स्टैंडर्ड 200
स्टैंडर्ड 200 यूरोपियन कार एसडी 1 का रिब्रांड वर्जन था जिसे 1985 में लॉन्च किया गया था। यह कार 2.0 लीटर के पेट्रोल इंजन के साथ आती थी। यह कार बहुत कम माइलेज देती थी साथ ही यह अन्य कारों से काफी महंगी भी थी। भारतीय सरकार द्वारा कानूनी कार्रवाई के बाद कंपनी को महज 3 साल के भीतर ही बंद कर दिया गया।

4. प्रीमियर 118 एनई
फिएट मोटर्स के सहयोग से प्रीमियर 118 एनई को भारत में 1985 में लॉन्च किया गया था। यह कार 1.1-लीटर निसान ए 12 इंजन से लैस थी। इस लग्जरी सेडान में बेहद कम्फर्ट राइड क्वालिटी और स्मूथ गियरबॉक्स था। सस्ती होने के कारण प्रीमियर 118 एनई भारतीय बाजार में काफी पॉपुलर हुई। कंपनी ने 16 साल के सफल उत्पादन के बाद 2001 में मॉडल को बंद कर दिया।

5. मारुति एस्टीम/1000
मारुति 1000 को 1990 में लॉन्च किया गया था जिसे 1994 में एस्टीम के नाम से दोबारा पेश किया गया। यह कार उद्योगपतियों के बीच काफी पॉपुलर हुई थी। हालांकि, कम माइलेज और ज्यादा कीमत की वजह से इस कार को बंद करना पड़ा।

6. रोवर मोंटेगो
यह कार 1991 की सबसे खूबसूरत और स्टाइलिश सेडान कारों में जानी जाती थी। कार में पावर विंडो, पावर स्टीयरिंग और एयर कंडीशन जैसे कई फीचर्स थे जो उस समय केवल लग्जरी कारों में मिलते थे। इस कार को 10 लाख रुपये की कीमत में लॉन्च किया गया था।

7. देवू सिएलो
सिएलो कोरियन कंपनी देवू की पेशकश थी। इस सेडान को भारत में 1995 में लॉन्च किया गया था। कार में पॉवर विंडो, पॉवर स्टीयरिंग, सेंट्रल लॉकिंग, एडजस्टिबल स्टीयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक ओआरवीएम जैसे कई फीचर्स दिए गए थे जो समय के अनुसार काफी नए थे। 1998 में कंपनी के दिवालिया होने के बाद इस कार को बंद कर दिया गया।

8. ओपल एस्ट्रा
भारत में इस कार को जनरल मोटर्स ने 1996 में उतारा था। भारत में बिरला ग्रुप के सहयोग से इस कार का निर्माण किया गया था। यह कार 1.6-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ उपलब्ध थी। कार का मेंटेनेन्स कॉस्ट बहुत ज्यादा था साथ ही कार के कल पुर्जे भी आसानी मिलते थे जिस वजह से कार ने बाजार में अपनी पहचान खो दी और इसे 2003 में बंद कर दिया गया।

9. फोर्ड एस्कॉर्ट
1995 में फोर्ड मोटर्स ने महिंद्रा एंड महिंद्रा के सहयोग से इस कार को भारत में लॉन्च किया था। यह कार 1.3-लीटर पेट्रोल इंजन के साथ आती थी जो काफी ईंधन की खपत करती थी। कार में जरूरी मॉडिफिकेशन और अपडेट नहीं किए गए जिस वजह से इसकी बिक्री गिरती गई और अंत में इसे 2001 में बंद करना पड़ा।

10. हिंदुस्तान मोटर्स एम्बेसडर
भारत में शसयद ही कोई होगा जो एम्बेसडर कार को नहीं जनता होगा। हममे से कई भारतीय बचपन से इस कार को देखते हुए बड़े हुए हैं। क्योंकि यह कार राजनेताओं के बिच काफी पॉपुलर थी इसलिए इसे 'लाल बत्ती गाड़ी' के नाम से भी बुलाया जाता है। इस कार का भारतीय राजनेताओं और अधिकारीयों को सेवा देने का सदियों का रिकॉर्ड है। हालांकि, पुराने डिजाइन और बाजार में बढ़ते कम्पटीशन के कारण यह कार बाजार से बहार हो गई। लेकिन आज भी पुरानी गाड़ियों का शौक रखने वाले लोगों के पास एम्बेसडर देखी जा सकती है।


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