कार में होने वाले ये 10 मॉडिफिकेशन देश में हैं पूरी तरह से गैरकानूनी, कहीं आपकी कार में तो नहीं है कोई?
भारत में वाहनों को मॉडिफाई कराना गैरकानूनी करार दिया गया है। वाहनों में मॉडिफिकेशन कराना मतलब वाहन निर्माता द्वारा दिए गए सुरक्षा मानकों से छेड़छाड़ करना होता है और इससे वाहनों की परफॉर्मेंस और अन्य चीजों पर प्रभाव पड़ता है। लेकिन इसके बाद भी लोग मॉडिफिकेशन की ओर आकर्षित होते हैं। यहां हम आपको कार के 10 ऐसे मॉडिफिकेशन के बारे में बता रहे हैं, जो पूरी तरह से गैरकानूनी हैं।

1. फैंसी नंबर प्लेट्स
भारत में आपको कार की नंबर प्लेट को लेकर सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पालन करना होता है। इन नियमों के तहत आप कार में फैंसी नंबर प्लेट नहीं लगवा सकते हैं। कार के आगे और पीछे दोनों तरफ प्लेटों की संख्या अच्छी तरह से प्रदर्शित करनी होती है। अब वाहनों में केवल हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लग रही हैं।

2. प्रेशर हॉर्न
सरकार ने पर्यावरण और लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एयर हॉर्न पर प्रतिबंध लगा दिया है। तेज आवाजें सुनने की क्षमता पर असर डालती हैं और इसके साथ ही जानवरों और पक्षियों के लिए भी हानिकारक होती हैं। भारत में 100 डेसिबल से अधिक आवाज पैदा करने वाले हॉर्न प्रतिबंधित हैं।

3. लाउड आफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट
कई आफ्टरमार्केट एग्जॉस्ट 100 डेसिबल की तुलना में काफी तेज आवाज करते हैं। इस तरह के एग्जॉस्ट लगाने वालों पर पुलिस नजर रखती है। इसलिए आपको इस तरह के एग्जॉस्ट का इस्तेमाल अपनी कार में नहीं करना चाहिए। इनसे आस-पास चलने वाले मोटर चालकों को परेशानी होती है।

4. डार्क सन फिल्म
टिंटेड ग्लास की वैधता उसमें से गुजरने वाले प्रकाश पर निर्भर करती है। विंडो टिंटिंग पूरी तरह से अवैध नहीं है, हालांकि इस बात का ध्यान रखना होता है प्रकाश कार के अंदर जाना चाहिए। सड़क कानूनी तौर पर कार की विंडस्क्रीन आगे और पीछे कम से कम 70% पारदर्शी होनी चाहिए।

5. गैरकानूनी एचआईडी
मॉडिफाइड हेडलाइट्स और टेललाइट्स भी गैरकानूनी है। आप वास्तव में अपनी पसंद के रंग के साथ अपने हेडलैम्प्स को बदल नहीं सकते हैं। अगर हेडलाइट बहुत तेज है तो सामने से आ रहे लोगों के लिए परेशानी हो सकती है। इसके साथ ही आप अपनी कार में चमकती लाइट्स या रेड लाइट भी नहीं लगा सकते हैं।

6. छत काटना
कानूनी तौर पर आप अपनी कार की छत को नहीं काट सकते हैं। आप अपनी नियमित कार को कन्वर्टिबल नहीं बना सकते और साथ ही इसमें सनरूफ भी नहीं लगवा सकते हैं। इससे कार की चेसिस में बदलाव होता है और यह इसके सेफ्टी को भी प्रभावित करता है।

7. इंजन को बदलना
इंजन मॉडिफिकेशन का कानूनी पक्ष थोड़ा भ्रमित करने वाला है, क्योंकि इंजन में कुछ परिवर्तन और 'ट्यूनिंग' कानूनी है, वहीं कुछ नहीं हैं। 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित बिल में किसी भी मॉडिफिकेशन को प्रतिबंधित किया गया था, जो निर्माता की शर्तों का पालन नहीं करता है। इसमें आपकी कार के इंजन को बेहतर इंजन में अपग्रेड करना शामिल है।

8. बुल बार्स/क्रैश गार्ड्स
बुल बार्स धातु की छड़ जैसी संरचनाएं होती हैं, जिन्हें वाहन के बंपर पर लगाया जाता है। ये झटके को अवशोषित करके कार के सामने के हिस्से को होने वाले नुकसान को कम करते हैं। हालांकि ये इम्पैक्ट की ऊर्जा को वाहन की चेचिस में भेजते हैं, जिससे नुकसान हो सकता है। इसके साथ ही ये पार्किंग और एयरबैग सेंसर में भी बाधा डाल सकते हैं।

9. एक्स्ट्रा वाइड टायर
अगर आप अपनी कार में बड़े कूटर टायर्स, बहुत बड़ा ग्राउंड क्लीयरेंस और बड़े पहिये लगाने की सोच रहे हैं, तो हमारी सलाह है कि आप ऐसा न करें। इसके लिए आपको भारी जुर्माना तो भरना ही पड़ सकता है, साथ ही वाहन का रजिस्ट्रेशन भी निरस्त किया जा सकता है।

10. बॉडी लिफ्टिंग किट
बॉडी लिफ्ट किट वाहन की बॉडी को ऊपर उठाते हैं और ऑटोमोबाइल के ग्राउंड क्लीयरेंस को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसकी मदद से भले ही कार की बॉडी ऊंची होती है, लेकिन सस्पेंशन में कोई बदलाव नहीं होता है। इसी लिए कार लिफ्ट किट समस्या पैदा कर सकती है, जिसके चलते यह भारत में अवैध है।


Click it and Unblock the Notifications








