कार या बाइक खरीदनें से पहले इन 6 फीचर्स की जरूर करें पड़ताल
किसी भी कार या बाइक की खरीद के पहले उसके फीचर्स की पड़ताल कर लेना जरूरी होता है। आज हम अपने इस लेख में आपको यही बताने जा रहे हैं।
फेस्टिव सीज़न के शुरू होते ही कार और बाइक्स की खरीददारी अपने पीक टाइम पर पहुंच गई है। बहुत से अपनी कार या बाइक में कई नए या पुराने फीचर की अपेक्षा रखते हैं लेकिन इतना जानकर चलिए कि खरीददारी के दौरान आपकी ओर से थोड़ी भी असावधानी आपको भारी पड़ सकती है। इसलिए कार या वाहन खरीदने से पहले इन बातों का ख्याल अवश्य रखें।

एंटरटेंमेंट सिस्टम और ब्लूटूथ
किसी कार के लिए एंटरटेनमेंट कितना जरूरी है यह बताने की जरूरत नहीं है लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि अब कई कार कंपनियों ने स्टीरियो सिस्टम के साथ ब्लूटूथ, ऑक्स और यूएसबी कनेक्टिविटी फंक्शन देना शुरू कर दिया है।
कई कारों में सिर्फ म्यूजिक सिस्टम की जगह इंफोटेंमेंट सिस्टम आने लगा है। इस में कार के दूसरे फंक्शनों की जानकारी के अलावा फोन को कनेक्ट करने की सुविधा भी मिलती है। कई सिस्टम कॉलिंग, मैसेजिंग और नेविगेशन सपोर्ट के साथ आते हैं। इसलिए इसे जरूर परख लें।

एबीएस और एयरबैग
कार की सेफ्टी बहुत जरूरी होती है। ऐसे में अगर किसी कार या बाइक में एबीएस (एंटी लॉक ब्रेकिंग सिस्टम) व कार में एयरबैग है तो वह बेहतर है। एबीएस तेज़ रफ्तार में इमरजेंसी ब्रेकिंग के दौरान कार को आपके कंट्रोल में रखता है और उसे फिसलने नहीं देता है।
इससे हादसा होने की संभावना कम हो जाती हैं। जबकि एयरबै3ग गंभीर हादसों की स्थिति में ड्राइवर और पैसेंजर को जानलेवा चोट से बचाता है। इसलिए इसका भी ध्यान रखें।

रियर पार्किंग सेंसर/कैमरा और सेंसर्स
भीड़भाड़ या छोटी जगहों पर कार पार्किंग एक बड़ी समस्या है। ऐसे में रियर पार्किंग सेंसर या फिर कैमरा आपके लिए फायदे का सौदा साबित हो सकता है। यह फीचर आपको कार पार्क करते समय कार के पीछे की स्थिति से अवगत कराता रहता है।
जब कोई चीज कार के नजदीक आ जाती है तो यह वार्निंग देकर आपको सतर्क कर देता है। इस प्रकार रियर पार्किंग सेंसर/कैमरा की मदद से आप कार को बिना किसी तनाव के आसानी से पार्किंग में खड़ा कर सकते हैं।

सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम
सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम भी एक तरह का सेफ्टी फीचर है, जो आपकी मेहनत की कमाई से खरीदी गई कार को चोरी या छेड़छाड़ की आशंकाओं से बचाता है। सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम कार चोरी होने की संभावना को काफी कम कर देता है। यह ड्राइविंग के दौरान यह सिस्टम चारों दरवाजों को लॉक भी कर देता है।

पावर विंडो
आज के दौरा में पावर विंडो कॉमन फीचर हो गया है। ज्यादातर कारों में आगे की विंडो के लिए यह फीचर स्टैंडर्ड तौर पर मिलने लगा है। सिर्फ आराम ही नहीं बल्कि कार और पैसेंजर की सुरक्षा की दृष्टि से भी यह अहम फीचर है। कोशिश करें कि आपकी कार में आगे और पीछे दोनों तरफ पावर विंडो की सुविधा आपको मिल जाए। वैसे बाहर से भी आप पावर विंडो सिस्टम लगवा सकते हैं।

ओआरवीएम
कार में बाहर की तरफ लगे शीशों को आउटसाइड रियर व्यू मिरर (ओआरवीएम) या फिर विंग मिरर भी कहा जाता है। सुरक्षित और स्मूद ड्राइविंग में इनकी अहम भूमिका होती है। आज अधिकांश कारों में यह स्टैंडर्ड फीचर के तौर पर मौजूद है। लेकिन कई कंपनियां ऐसी भी है जो बेस वेरिएंट में सिर्फ ड्राइवर साइड में ही एडजस्टेबल विंग मिरर दे रही हैं। ऐसे में आप इसके लिए ट्राइ कर सकते हैं।

DriveSpark की राय
बाइक या कार की खरीददारी के समय इन बातों का ध्यान रखना अतिआवश्यक है। हालांकि बाइक और कार फीचर अलग-अलग होते हैं। इसलिए इनकी खरीददारी के लिए अलग-अलग बातों का ध्यान रखना जरूरी है। पर एबीएस, ब्रेकिंग सिस्टम या टायर जैसी कई चीजें हैं जो दोनों के लिए आवश्यक हैं।


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