Facts About Chinook Helicopter Used By IAF: चिनूक हेलीकॉप्टर की ये 6 खूबियां जानकर हैरान हो जाएंगे
भारतीय वायु सेना को और ज्यादा ताकतवर बनाने के लिए अमेरिका के चिनूक हेलिकॉप्टर को सेना में शामिल किया जा रहा है। बता दें कि 4 चिनूक हेलीकॉप्टर को पहले ही सेना में शामिल किया जा चुका है और आने वाली 8 जुलाई को 2 और चिनूक हेलीकॉप्टर को सेना में शामिल किया जाएगा। तो चलिए आपको बताते हैं कि आखिर इस हेलीकॉप्टर में क्या विशेषताएं हैं।

1. यह हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विभिन्न इलाकों में और अलग-अलद परिस्थितियों में काम कर सकता है। आपको बता दें कि चिनूक हेलीकॉप्टर एम777 लाइट वेट हॉवित्जर विमानों को एयरलिफ्ट करने की क्षमता रखता है।

2. चिनूक हेलीकॉप्टर की पे-लोड क्षमता करीब 10 टन तक होती है। जिसकी वजह से यह हेलीकॉप्टर आर्टिलरी, वाहन, रोड कन्सट्रक्शन और तकनीकी सामान को आसानी से उठा सकता है। इसके साथ ही यह भारी से भारी सामान उठाकर काफी ऊंची उड़ान भर सकता है।

3. ऊंची उड़ानों के चलते यह हेलीकॉप्टर हिमालय जैसी जगहों पर किए जाने वाले ऑपरेशन के लिए बिल्कुल सही है। खास बात यह है कि इस हेलीकॉप्टर को किसी भी समय और किसी भी तरह के मौसम में उड़ाया जा सकता है।

4. आपको बता दें कि चिनूक हेलीकॉप्टर की पहली यूनिट को भारतीय वायु सेना में 25 मार्च 2019 को चंडीगढ़ र वायु सेना स्टेशन 12 विंग में शामिल किया गया था। आपको बता दें कि इस हेलीकॉप्टर को नाम नेटिव अमेरिकन चिनूक लोगों के ऊपर रखा गया है।

5. बोइंग सीएच-47 एक हैवी लिफ्ट अमेरिकन हेलीकॉप्टर है, जिसमें ट्विन-इंजन, टेन्डम रोटर का इस्तेमाल किया गया है। बता दें कि इस हेलीकॉप्टर को देश के 19 देशों में इस्तेमाल किया जाता है। यह हेलीकॉप्टर अमेरिकन रोटरक्राफ्ट कंपनी वर्टोल द्वारा बनाया गया है।

6. चिनूक हेलीकॉप्टर से 11 टन और 45 ट्रूप का अधिकतम भार उठाया जा सकता है। इस हेलीकॉप्टर में फुली-इंटीग्रेटेड डिजिटल कॉकपिट मैनेजमेंट सिस्टम दिया गया है। इसके साथ ही कॉमन एविएशन आर्किटेक्चर और एडवांस्ड कार्गो-हैंडलिंग क्षमता भी दी गई है।


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