दुनिया की सड़कों पर राज करने वाली वो 5 लग्जरी कारें जिन्हें भारतीयों ने नकारा
यहां पर दुनिया भर के एक से बढ़कर एक वाहन निर्माता कंपनियां अपना भाग्य आजमा रही है। उनमें से ज्यादातर को सफलता हाथ लग रही है लेकिन कुछ ऐसी भी कंपनियां है जिनके भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया।
भारत देश दुनिया के सबसे बड़े आॅटो हब की लिस्ट में शामिल एक प्रमुख देश है। वाहन निर्माण की सूचि में भारत का स्थान पांचवा है। यहां पर दुनिया भर के एक से बढ़कर एक वाहन निर्माता कंपनियां अपना भाग्य आजमा रही है। उनमें से ज्यादातर को सफलता हाथ लग रही है लेकिन कुछ ऐसी भी कंपनियां है जिनके भाग्य ने उनका साथ नहीं दिया और दुनिया की सड़कों पर राज करने के बावजूद भारतीय सड़क उन्हें रास नहीं आयी। आज हम अपने इस लेख टॉप 5 ऐसी कारों के बारे में बतायेंगे जिन्हें भारतीय ग्राहकों ने सीरे से खारीज कर दिया।

बुगाटी वेरॉन:
बात जब स्पीड, पैशन, स्टाइल और लुक्स की होती है तो बुगाटी वेरॉन का नाम सबसे पहले आता है। बेहद ही आकर्षक लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी बुगाटी वेरॉन दुनिया की सबसे तेज रफ्तार कार है। फ्रैंच कार निर्माता कंपनी बुगाटी ने इस कार में 7993 सीसी की क्षमता का इंजन प्रयोग किया है, जो कि कार को 1001 बीएचपी की शक्ति 1250 एनएम का टॉर्क प्रदान करता है।

इस कार को कंपनी ने सन 2010 में भारतीय बाजार में पेश किया था। उस वक्त इस कार की कीमत 12 करोड़ रुपये थी। इतनी उंची कीमत के चलते इसे देखने के लिए लोग शोरूम तक भी शायद नहीं पहुंचे, जिसके बाद कंपनी ने इस कार को देश भर में घुमाया ताकि कुछ ग्राहक तैयार कर सके। लेकिन बावजूद इन सब प्रयासों के भी कंपनी अपनी कार के लिए एक भी ग्राहक नहीं मिला।

कोइनिगसेग अगेरा:
स्वीडिश वाहन निर्माता कंपनी कोइनिगसेग ने अपनी बेहतरीन हाइपरकार अगेरा को भारतीय बाजार में पेश किया था। इतना ही नहीं कंपनी ने इस कार को भारतीय मीडिया को ड्राइव के लिए भी दिया। कंपनी को उम्मीद थी कि, भारतीय बाजार में इस कार को लोग तरजीह देंगे। इसके अलावा कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी पैठ बनाने के लिए और अगेरा की बिक्री के लिए इंटरग्लोब जनरल एविएशन के साथ टाई-अप भी किया। ये वही कंपनी है जो इंडिगो एयरलाइंस के साथ एसोसिएटेड है।

कोइनिगसेग अगेरा की कीमत भारतीय बाजार में 11.5 करोड़ रुपये थी। कंपनी ने इस कार में 5.0 लीटर की क्षमता का वी8 इंजन प्रयोग किया था जो कि कार को 947 बीएचपी की शक्ति और 1100 एनएम का टॉर्क प्रदान करता था। उंची कीमत के चलते कंपनी अपनी एक कार की भी बिक्री भारतीय बाजार में नहीं कर सकी।

एस्टन मार्टिन वन -77:
प्रमुख ब्रिटीश कार निर्माता कंपनी एस्टन मार्टिन, जिसके कारों के दिवाने दुनिया भर में मौजूद है यहां तक मशहूर जेम्स बांड सीरीज की फिल्मों में भी एस्टन मार्टिन की ही कारों का प्रयोग किया जाता था। कंपनी ने सन 2010 में अपनी बेहतरीन कार एस्टन मार्टिन वन-77 को पेश किया था। भारतीय बाजार में इस कार की कीमत 20 करोड़ रुपये तय की थी।

कंपनी की ये एक्सक्लूसिव कार थी, इस मॉडल के महज 77 यूनिट का ही उत्पादन किया गया था। कंपनी इस कार को भारतीय बाजार में पेश करने के बाद एक डेमो मॉडल मुंबई स्थित डीलरशिप में भी लाई थी। लेकिन एक भी कार की बिक्री करने में कंपनी को सफलता नहीं मिली। इस कार में कंपनी ने 7.3 लीटर की क्षमता का वी12 इंजन प्रयोग किया था जो कि कार को 750 बीएचपी की शक्ति और 750 एनएम का टॉर्क प्रदान करती थी।

कॉनक्वेस्ट इवेड:
कॉनक्वेस्ट ने अपनी बख्तरबंद एसयूवी इवेड को भारतीय बाजार में उतारा था। बेहद ही आकर्षक और हंकी लुक और दमदार इंजन क्षमता से सजी इस एसयूवी की भारतीय बाजार में कीमत 8.5 करोड़ रुपये थी। इस कार की बॉडी एल्यूमीनियम और स्टील से बनी थी।

मजबूती के मामले में इस एसयूवी का दूसरा कोई भी सानी नहीं था। कॉनक्वेस्ट इवेड पेट्रोल और डीजल दोनों ही वैरिएंट में उपलब्ध थी। लेकिन बावजूद इसके ये भारतीय ग्राहकों के दिल में अपनी जगह नहीं बना सकी।

गम्पर्ट अपोलो:
जर्मनी की मशहूर स्पोर्ट कार निर्माता कंपनी गम्पर्ट ने अपने बेहतरीन कार अपोलो को भारतीय बाजार में पेश किया था। गम्पर्ट ने भी उसी एविएशन कंपनी के माध्यम से इस कार को बाजार में उतारा जिसने कोइनिगसेग अगेरा को लॉन्च किया था।

इस कार में कंपनी ने 4.2 लीटर की क्षमता का ट्वीन टर्बो वी8 इंजन प्रयोग किया था। जो कि, कार को 650 बीएचपी की शक्ति और 850 एनएम का टॉर्क प्रदान करती थी। भारतीय बाजार में इस कार की कीमत 5 करोड़ रुपये तय की गयी थी। लेकिन कंपनी भारतीय बाजार में एक भी कार की बिक्री नहीं कर सकी।


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