वो 10 कारें जिन्होनें दशकों तक किया देश की सड़कों पर राज, कुछ तो आज भी हैं बेताज बादशाह
आज हम आपको देश के उन्हीं 10 ऐसी गाड़ियों के बारे में बतायेंगे जिन्होनें दशकों तक देश की सड़कों पर राज किया उनमें से कुछ गाड़ियां आज भी बड़े शान से फर्राटा भरती है।
एक समय देश के एक महान तत्कालिन प्रधानमंत्री ने अपने एक व्यक्तव्य में कहा था कि, सड़के देश की भाग्यरेखा होती है। निसंदेह उनकी कही उस बात में कोई दो राय नहीं है। यदि सड़के मुल्क की भाग्यरेखा होती हैं तो उस पर दौड़ने वाले वाहन निसंदेह उस रेखा के गहने है। आजादी के बाद देश में जब पहली कार बनी तब से लेकर आज तक न जाने कितने मॉडल लॉन्च हुए और फिर उन्हें बाजार से हटा लिया गया।

लेकिन इस दौर में कुछ ऐसी भी गाड़ियां लॉन्च् हुई जिन्होनें भारतीयों के दिलों में वो मुकाम बनाया जिसकी बानगी आज भी देश के आॅटोमोबाइल इतिहास में पैबस्त है। आज हम आपको देश के उन्हीं 10 ऐसी गाड़ियों के बारे में बतायेंगे जिन्होनें दशकों तक देश की सड़कों पर राज किया उनमें से कुछ गाड़ियां आज भी बड़े शान से फर्राटा भरती है।

हिंदुस्तान एम्बेसडर (1958-2014) 56 साल
हमारी इस फेहरिस्त में सबसे पहली कार है हिंदुस्तान मोटर्स की बेहतरीन मॉडल एम्बेसडर। यदि हम थोड़ा सा फ्लैश बैक में जाते हैं और बचपन के दिनों को याद करते हुए किसी कार के मॉडल को तसव्वूर में लाते हैं तो वो मॉडल हिंदुस्तान एम्बेसडर ही होती है। एक दौर था जब हर कोई इसकी शानदार सवारी का लुत्फ उठाना चाहता था। हर परिवार की पहली पसंद हुआ करती थी हिंदुस्तान एम्बेसडर।

सन 1958 में हिंदुस्तान मोटर्स ने इस कार को लॉन्च किया था जो कि बदस्तूर सन 2014 तक देश की सड़कों पर फर्राटा भरती रही। अपने बेहतरीन फीचर्स, मजबूती और स्पेश के चलते ये कार आज भी देश के राजनीतिज्ञों की पहली पसंद है। फिलहाल अब इसका प्रोडक्शन बंद कर दिया गया है।

प्रीमियर पद्मिनी 1100 (1964-1998) 34 साल
हमारी इस सूचि में दूसरा नाम प्रीमियर पद्मिनी का है। वो कहते हैं न कि, जो सितारा चमकता है तो हर कोई वैसा ही बनना चाहता है। इस कहानी में भी कुछ ऐसा ही है हिंदुस्तान एम्बेस्डर की शानदार लोकप्रियता के बाद ठीक उसी की तरह दिखने वाली या फिर ये कह लें कि, एम्बेस्डर की निकटतम प्रतिद्वंदी बनकर देश की सड़कों पर प्रीमियर पद्मिनी उतरी थी।

प्रीमियर आॅटोमोबाइल लिमिटेड ने सन 1964 में इस मॉडल को लॉन्च किया था। कीमत में ये एम्बेस्डर के मुकाबले सस्ती थी और इस मॉडल ने भी खूब शोहरत बटोरी। यहां तक की अपने अंतिम दौर में ये गाड़ी मुंबई की सड़कों पर टैक्सी के तौर पर दौड़ी और इसे पहली बार काली पीली अवतार में भी देखा गया। सन 1998 से इस मॉडल का प्रोडक्शन कंपनी द्वारा बंद कर दिया गया।

मारुति ओमनी (1984 से अब तक) 34 साल और जारी है:
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारूति सुजुकी ने उस दौर में ये मारुति उद्धोग हुआ करती थी सन 1984 में अपनी पहली वैन मॉडल कार ओमनी को पेश किया था। अपने कम कीमत और बहुउपयोगिता के चलते आज भी इस कार का कोई जवाब नहीं है।

ज्यादा से ज्यादा लोगों के बैठने की विशेषता के चलते ये कार खासी लोकप्रिय रही है। आज भी कंपनी इस मॉडल की शानदार बिक्री कर रही है।

मारुति जिप्सी (1985 से अब तक) 33 साल और जारी है:
मारुति की बेहतरीन आॅफरोडिंग एसयूवी जिप्सी को जब भारत में लॉन्च किया गया था उस वक्त से लेकर आज युवाओं के बीच इस एसयूवी का जबरजस्त क्रेज है। ओपेन जिप्सी में सवारी का मजा ही कुछ और है। खास कर इसकी फोर व्हील ड्राइव 4x4 तकनीकी लोगों को खासी पसंद आती है। दुर्गम से दुर्गम इलाकों में इस गाड़ी को आप फर्राटे से दौड़ा सकते है।

कंपनी ने इस मॉडल को सन 1985 में लॉन्च किया था और आज भी इस मॉडल की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। देश की सेना भी इस मॉडल का इस्तेमाल करती है। मारुति जिप्सी की शुरूआती कीमत 7 लाख रुपये है।

मारुति 800 (1986-2014) 28 साल:
मारुति के इस मॉडल ने देश के हर इंसान को कार का सपना दिखाया था। बेहद ही कम बजट में लॉन्च होने वाली मारुति 800 ने तीन दशकों तक देश की सड़कों पर राज किया। मारुति ने सन 1986 में जब इस मॉडल को पेश किया था उस वक्त ये कार हर परिवार की पहली पसंद हुआ करती थी। ये मॉडल इंडियन कार हिस्ट्री की एक आईकॉनिक मॉडल है।

80 के दशक के बाद की ज्यादातर पिढ़ी ने इसी कार से ड्राइविंग सीखी और इसकी शानदार सवारी का लुत्फ उठाया। सन 2014 में कंपनी ने इस मॉडल का प्रोडक्शन बंद कर दिया। लेकिन आज भी ये कार आपको गाहें बगाहें सड़कों पर फर्राटा भरती दिख जायेगी।

टाटा सूमो (1994 से अब तक) 24 साल और जारी है:
देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स की टाटा सूमो को जब लॉन्च किया गया था उस वक्त देश में एसयूवी के क्रेज की शुरूआत थी। इससे पहले देश के बहुतायत इलाकों में कमांडर जीप का जलवा हुआ करता था। सन 1994 में टाटा मोटर्स ने सूमो को लॉन्च किया था।

बेहतरीन स्पेश, मजबूत बॉडी, स्मूथ ड्राइविंग, शानदार पिक-अप के चलते ये गाड़ी थोड़े ही समय में खासी लोकप्रिय हो गयी। सीधे तौर पर कहें तो ये फुल पैसा वसूल मॉडल था। इसका सस्पेंशन आज भी लोगों के जेहन में पम्प करता है। आज भी इसके कई अपग्रेडेड वर्जन बिक्री में है।

टाटा सफारी (1998 से अब तक) 20 साल और जारी है:
टाटा मोटर्स की दूसरी सबसे सफल एसयूवी टाटा सफारी, इस मॉडल को जब लॉन्च किया गया था उस वक्त एसयूवी का क्रेज उफान पर था और पहली बार लोगों को कम बजट में स्पीड, लुक और लग्जरी का एहसास हुआ था। टाटा मोटर्स ने सफारी को सन 1998 में भारतीय बाजार में उतारा था और अब तक इसे कई बार अपग्रेड किया गया सफारी डिकोर, सफारी स्टार्म आदि।

इसका सबसे लेटेस्ट वर्जन सफारी स्टार्म है। अपने खास माचो और हंकी लुक के चलते ये गाड़ी देश के नेताओं की फ्लीट में शुमार होने वाली पहली एसयूवी है, आज भी कई दिग्गज राजनेता इसकी सवारी करते है।

टाटा इंडिका (1998-2018) 20 साल:
टाटा मोटर्स की सबसे सफल कारों में से एक है टाटा इंडिका। देश के बेहतरीन और सफल हैचबैक कारों का जब भी जिक्र होगा तो टाटा इंडिका का नाम उसमें प्रमुखता से लिया जायेगा। कंपनी ने इस मॉडल को सन 1998 में आॅटो एक्सपो में पेश किया था।

अपने बेहतरीन लुक और शानदार माइलेज के चलते ये कार थोड़े ही समय में खासी लोकप्रिय हो गयी। टाटा इंडिका को कई बार बेस्ट सेलिंग हैचबैक का अवार्ड भी मिला। कंपनी ने इसके कई अपग्रेडेड वर्जन पेश किये। इसी साल कंपनी ने इस कार का उत्पादन बंद कर दिया।

महिंद्रा बोलेरो (सन 2000 से अब तक ) 18 साल और जारी है:
देश की प्रमुख एसयूवी वाहन निर्माता कंपनी महिंद्र एंड महिंद्रा ने सन 2000 में टाटा सूमों के प्रतिद्वंदी के तौर पर अपनी बोलेरो को पेश किया था। दमदार इंजन क्षमता, बेहतरीन स्पेश और बहुउपयोगिता के चलते ये मॉडल इतना लोकप्रिय हुआ कि एक दौर में इसकी लंबी वेटिंग लिस्ट हुआ करती थी।

देश के शहरी क्षेत्रों के अलावा ग्रामीण इलाकों में ये मॉडल खास लोकप्रिय हुआ। एम हॉक डीजल इंजन इस मॉडल की रीढ़ की हड्डी है। ऐसा कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी कि, देश के ग्रामिण इलाकों में इस मॉडल को पीछे करने वाला अभी दूसरा कोई मॉडल नहीं आया है। आज भी इसकी बिक्री शानदार तरीके से नये आंकड़े छू रही है।

मारुति वरसा/इको ( सन 2001 से अब तक ) 17 साल और जारी है:
मारुति सुजुकी की बेहतरीन एमपीवी वरसा जिसका अब नाम बदल कर इको कर दिया गया है, ये मॉडल भी पिछले दो दशकों से देश की सड़कों पर शानदार फर्राटा भर रही है।

अपने खास स्पेश और कम कीमत के चलते ये मॉडल खासा लोकप्रिय है और सदी के महानायक अमिताभ बच्चन इसका प्रचार करते हैं। आज भी कंपनी इको की शानदार बिक्री कर रही है।


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