दुनिया के 10 सबसे तेज रफ्तार जहाज
एअरक्राफ्ट, यानी की जहाज हैं तो इंसानी दिमाग का अविष्कार ही लेकिन फिर भी यह हमेशा से एक कौतुहल की तरह हमे रोमांचित करती रहती हैं। उनका शानदार आकार, हवा को चीरती आवाज और देखते ही देखते बादलों में खो जाने का अंदाज हर किसी के दिल को छू जाता है। हम चाहे कितनी बार भी जहाज में सफर कर चुके हों लेकिन उसे हवा में उड़ते देख दिल में अजीब सी ही खुशी होती है।
हवा से बाते करती ये एअक्राफ्ट जब तक हमारे आखों से ओझल न हो जायें तब तक हम इन्हें आखों में कैद रखने की पूरजोर कोशिश करते हैं। कई बार लोगों के जेहन में एक सवाल भी कौंधता है कि आखिर प्लेन की स्पीड क्या होगी। इतना ही नहीं दुनिया में सबसे तेजी से उड़ने वाले जहाज कौन-कौन से होंगे। आपके दिमाग में भी यह सवाल जरूर कभी न कभी आया होगा।
आज हम आपको अपने इस ऑफ बीट सेक्सन में आपके उसी सवाल का जवाब लेकर आयें हैं। जी हां, आइये तस्वीरों के माध्यम से देखते हैं दुनिया के 10 सबसे तेज रफ्तार जहाजों को, जिनकी गर्जना मात्र से लोगों के रौंगटे खड़े हो जाते हैं।

दुनिया के टॉप 10 सबसे फास्ट उड़ने वाले जहाज
आगे नेक्स्ट बटन पर क्ल्कि करें, और तस्वीरों के माध्मय से देखें, दुनिया की 10 सबसे तेज रफ्तार से उड़ने वाले जहाज।

10. एफ-15 इगल
यह है एफ-15 इगल, जैसा कि नाम में ही बाज की शक्ति का आभास हो रहा है। इस एअरक्राफ्ट को सन 1976 में एअर फोर्स कॉम्बैट में शामिल किया गया था। बेहद ही आकर्षक लुक और दमदार इंजन क्षमता से लैस इस एअरक्राफ्ट की स्पीड 1875 मील प्रतिघंटा है। यह हमारी सूचि में 10 वें पायदान पर है। आगे नेक्स्ट बटन पर क्ल्कि करें, जैसे-जैसे स्लाईड बढ़ेगा वैसे ही आपके दिल की धड़कन और एअरक्राफ्ट की स्पीड दोनों बढ़ती जायेगी।

9. आर्डवार्क एफ-111
यह है आर्डवार्क एफ-111, इस एअरक्रॉफ्ट को सन 1967 में एअरफोर्स में शामिल किया गया था। इसे विशेषकर नेवी के लिये तैयार किया गया था। सबसे पहली बार इस जहाज का प्रयोग वियतनाम वार के दौरान किया गया। इस जहाज पर 20 एमएम के M61A1 कैनन और लगभग 24 परमाणुक हथियार को आसानी से ढोया जा सकता है। इस एअरक्राफ्ट की स्पीड 1452 मील प्रतिघंटा नापी गई है।

8. मिग-31 फौक्स हौंड
मिग-31 फौक्स हौंड एक बेहद ही शानदार और चपल एअरक्रॉफ्ट है। मिग से इसका मतलब, माइकोयान गुरेविश है। मिग-31 फौक्स हौंड ऑल वेदर इंटरसेप्टर है, इस मिग को हर मौसम में आसानी से उड़ाया जा सकता है। इतना ही नहीं मिग-31 फौक्स हौंड की अधिकतम स्पीड 1865 मील प्रतिघंटा है।

7. बेल एक्स-2 स्टाबस्टर
नासा, नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेशल एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) के अनुसार, बेल एक्स-2 स्टारबस्टर एक रॉकेट पॉवर्ड एअरक्राफ्ट है। इसका निमार्ण वायुगतिकीय हीटिंग के साथ ही उच्च गति और ऊंचाई पर स्थिरता और नियंत्रण प्रभावशीलता को मापने के लिये किया गया था। 27 नवंबर 1956 को कैप्टन मिलबर्न जी पहले पायलट थें जिन्होनें बेल एक्स-2 स्टारबस्टर को चलाया था। बताया जा रहा था, कि उस दौरान इसकी स्पीड ध्वनी से भी तीन गुना तेज थी। यानी की लगभग 2094 मील प्रतिघंटा।

6. एक्सबी- 70 वॉलकीरी
एक्सबी- 70 वॉलकीरी का निर्माण उत्तरी अमेरिका एविएशन ने किया था। इसका निर्माण मुख्य रूप से अमेरिकी एअरफोर्स के लिये किय गया था। चुकिं यह एक बहुत बड़ा निवेश वाला प्रोजेक्ट था, जिसके कारण फंड की कमी हो गई। इस वजह से केवल दो एक्सबी- 70 वॉलकीरी एअरक्राफ्ट का ही निर्माण किया जा सका। एक्सबी- 70 वॉलकीरी की अधिकतम स्पीड 2056 मील प्रतिघंटा मापी गई है।

5. मिग-25 फौक्सबैट
यह एक दूसरी माइकोयान गुरेविश ऑल वेदर एअरक्रॉफ्ट है, इसे भी हर मौसम आसानी से उड़ाया जा सकता है। मिग-25 फौक्सबैट अभी तक का इकलौता सबसे तेज रफ्तार कॉम्बैट एअरक्रॉफ्ट है। मिग-25 फौक्सबैट की अधिकतम स्पीड 2.83 मैक यानी की लगभग 2,152 मील प्रतिघंटा आंकी गई है।

4. एसआर-71 ब्लैकबर्ड
एसआर-71 ब्लैकबर्ड, जो कि अपने बेहतरीन शार्प लुक से किसी का भी मन मोह ले, इस एअरक्रॉफ्ट को सबसे पहली बार सन 1950 में बनान शुरू किया गया था, जो कि सन 1964 में पूरी तरह बनकर तैयार हुआ। इस एअरक्रॉफ्ट को बनाने में इतना समय इसलिये लगा क्योंकि इसमें इर उस तकनीकी को शामिल किया गया है जिसकी जरूरत हवा में पड़ती है। पूरी तरह से आधुनिक तकनीकी से लैस, ब्लैकबर्ड की स्पीड 2,200 मील प्रतिघंटा है। नासा ने इस एअरक्रॉफ्ट पर दो बार परीक्षण किया है, हालांकि अभी इसे सर्विस में नहीं लिया गया है।

3. एक्स-15
एक्स-15 पूरी तरह से रॉकेट युक्त एअरक्राफ्ट है।, उत्तरी अमेरिका में कैलिफार्निया स्थित संयंत्र में इस एअरक्रॉफ्ट का पहली बार निर्माण किया गया था। एक्स-15 मुख्य रूप से मिलिट्री प्रयोग के लिये बनाया गया था। आपको बता दें कि, एक्स-15 की स्पीड बहुत ही ज्यादा है, यह धवनी की चाल की तुलना में लगभग 8 गुना तेज है। यानी की 4,000 मील प्रतिघंटा किलोमीटर में 12,000 किलोमीटर प्रतिघंटा। यानी की इसे बैंगलूरू से लखनउ तक का सफर करने में महज 12 मिनट का समय लगेगा, जो कि एक आम एअरक्रॉफ्ट लगभग 2.30 घंटे में तय करता है।

2. एक्स-43 ए
नासा द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार एक्स-43 ए एक बेहतरीन हाइपरसोनिक, स्क्रीमजेट एअरक्रॉफ्ट है। इतना ही नहीं, हाल ही में, एक्स-43 ए ने खुद अपना ही रिकार्ड तोड़ दिया है। एक्स-43 ए की अधिकतम स्पीड 7,000 मील प्रतिघंटा आंकी गई थी, यानी की लगभग 21,000 किलोमीटर प्रतिघंटा। यही जहाज बैंगलूरू से लखनउ तक की दूरी महज 7 मिनट में तय कर सकता है।

1. स्पेश शटल
स्पेश शटल, यानी की अंतरिक्ष की चिडि़या। स्पेश शटल का निर्माण नासा द्वारा किया गया है। स्पेश शटल दुनिया का सबसे तेज उड़ने वाला एअरक्रॉफ्ट है। इसे सबसे पहली बार सन 1981 में 12 अप्रैल को बनाया गया था। नासा अपने अंतरिक्ष के प्रोजेक्ट में स्पेश शटल का प्रयोग करती है, और अब तक चैलेंजर, डिस्कवरी, एटलांटिस और इंडेवर जैसे प्रोजेक्ट ने में स्पेश शटल का सफलतापूर्व प्रयोग किया गया है।
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