दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे पर 1 सितंबर से लिया जाएगा टोल, 120 रुपये तक महंगी होगी यात्रा
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे (Delhi Meerut Expressway) से आने जाने वाले वाहन चालकों का सफर 1 सितंबर से महंगा हो सकता है। नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (National Highway Authority of India) 1 सितंबर से टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है। देश में पहली बार इस एक्सप्रेस-वे पर बगैर टोल प्लाजा के टोल वसूलने की शुरुआत की जाएगी।

इस साल अप्रैल में आम जनता की आवाजाही के लिए खोले गए दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में छह लेन का रेलवे ओवरब्रिज (ROB) तैयार न होने की वजह से अभी तक वाहन चालकों से टोल नहीं वसूला जा रहा था। अब आरओबी तैयार हो चुका है, इस वजह से नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) से टोल वसूली की मंजूरी मांगी है।

परिवहन मंत्रालय ने दी मंजूरी
बता दें कि परिवहन मंत्रालय पहले ही मौखिक अनुमति दे चुका है, बस अब लिखित मंजूरी का इंतजार है। स्वीकृति मिलते ही एनएचएआई टोल दरों का प्रकाशन करेगा। इसके बाद सराय काले खां से मेरठ के बीच टोल वसूलना शुरू कर दिया जाएगा। मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार 1 सितंबर से टोल वसूले जाने की संभावना है।

मेरठ तक लग सकता है इतने रुपये का टोल
सड़क परिवहन मंत्रालय ने टोल की दर लगभग तय कर दी है। जानकारी के अनुसार, दो दरों से टोल वसूला जाएगा। पहला जहां पर अधिक अंडरपास या आरओबी का निर्माण किया गया है, वहां पर 2 रुपए प्रति किमी और जहां पर कम अंडरपास का निर्माण हुआ है, वहां पर 1 रुपए 60 पैसे की दर से टोल वसूला जाएगा। देश की राजधानी दिल्ली से मेरठ आने जाने वाले वाहनों औसतन 120 रुपये का टोल चुकाना पड़ सकता है।

बगैर टोल प्लाजा के वसूला जाएगा टोल
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे देश का पहला एक्सप्रेस-वे जहां बगैर टोल बूथ टोल प्लाजा वसूला जाएगा। यह देश का पहला एक्सप्रेस-वे होगा जहां दूरी के हिसाब से टोल लिया जाएगा। इसके लिए पूरे एक्सप्रेस-वे पर 130 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रीडर (एएनपीआर) कैमरे लगाए गए हैं, जिनका बीते तीन महीनों से ट्रायल चल रहा है।

परियोजना की लागत 8,346 करोड़ रुपये
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे में 60 किलोमीटर एक्सप्रेस-वे और 22 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग है। परियोजना को लगभग 8,346 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। एक्सप्रेस-वे पर लोगों की सुविधा के लिए एम्बुलेंस, क्रेन, पेट्रोल पंप, रेस्तरां, वाहनों के रखरखाव की दुकानों जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।

दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर साइकिल चालकों और पैदल यात्रियों के लिए भी विशेष ट्रैक बनाया गया है। एक्सप्रेसवे के फेज 1 और फेज 2 की सड़कों पर 2.5 मीटर साइकल कॉरिडोर और 2 मीटर चौड़ा फुटपाथ है। फुटपाथ और साइकिल ट्रैक पर अलग से लाइट की व्यवस्था की गई है।

बता दें कि दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से अब दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा 2.5 घंटे से कम होकर सिर्फ 45 मिनट हो गई है। एक्सप्रेसवे पर विभिन्न हिस्सों में वाहनों की अधिकतम गति सीमा 80 किमी से 100 किमी प्रति घंटे के बीच होगी।


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