टाइटेनिक टूरिस्ट सबमरीन हुई समुद्र के अंदर गुम, रेस्क्यू करने के लिए चला रहा युध्द स्तर का अभियान
टाइटेनिक टूरिस्ट सबमरीन कुछ समय पहले समुद्र के अंदर गुम हो गयी है और इसे ढूंढने के लिए युध्द स्तर का अभियान चल रहा है। इसे ढूंढने के लिए यूएस कोस्ट गार्ड लगे हुए है और बुधवार को सर्च टीम को अंडरवाटर साउंड डिटेक्ट किया गया है।
कोस्ट गार्ड की टीम टूरिस्ट सबमर्सिबल को ढूंढने में लगी हुई है, जिसमें पांच व्यक्ति बैठे हुए थे वह गुम हो गयी थी। यह पांच व्यक्ति टाइटेनिक के हिस्सों को देखनें के लिए डीप-सी एक्सपिडीशन के लिए किये गये थे और तब से समुद्र में गुम हो चुके है।

कनाडा की पी-3 एयरक्राफ्ट ने रिपोर्ट किया है कि साउंड का पता चला है। इसके बाद जहां से आवाज आ रही थी, सर्च ऑपरेशन को उस ओर रीडायरेक्ट किया गया। हालांकि, इसके बावजूद गुम हुए वेसल के कोई संकेत नहीं मिले हैं।
इस सबमरीन का नाम टाइटन है, जो कि 21 फूट लंबी पायलट द्वारा चलाई जाने वाली वेसल है। यह यूएस आधारित कंपनी ओसनगेट एक्सपिडीशन द्वारा चलाई जाती है। सबमरीन तथा सरफेस पर इसके वेसल के बीच कांटेक्ट रविवार की सुबह टूट गया था।

इसके बाद सोमवार से ही यूएस व कनाडा के जहाज व प्लेनल लगातार ढूंढने में लगे हुए है। कहा जा रहा है कि जिस वेसल में वें बैठे हुए है उसका ऑक्सीजन गुरूवार की सुबह खत्म हो जाएगा जिस वजह से रेस्क्यू करने वाले समय के साथ लड़ रहे हैं।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह सबमर्सिब्ल इस तरह से डिजाईन किया गया है कि यह 96 घंटे तक समुद्र के अंदर तक रह सकता है। यह सबमर्सिब्ल वेसल अमीर ग्राहकों को उस जगह पर लेकर गया है जहां पर टाईटेनिक जहाज डूबी हुई थी।

इसी चक्कर में जब यह सबमर्सिब्ल नीचे गयी थी तो रविवार को कांटेक्ट टूट गया और यह गुम हो गयी। चार दिन बाद भी कनाडा और यूएस के जहाजों व प्लेन द्वारा ढूँढा नहीं गया है। इस सबमरीन में चार यात्री व एक पायलट शामिल है।
टाइटेनिक तक जाने का यह एक्सपिडीशन संत। जॉन न्यूफाउंडलैंड से शुरू होती है, जो कि 400 मील (640 किमी) आगे एटलान्टिक में टाइटेनिक के गिरने वाली जगह पर जाती है। यह सब जानकारी ओशनगेट की वेबसाइट पर दी गयी है।
यह एक्सपिडीशन 2023 का पहला होने वाला है तथा खराब मौसम की वजह से एकमात्र होने वाला है। यह एक्सपिडीशन में पायलट स्टॉकटन रश थे जो कि कंपनी के सीईओ भी थे। उनके यात्री ब्रिटिश एडवेंचरर, पाकिस्तानी बिजनेस फैमिली के दो मेंबर शामिल है।
इसके साथ ही एक टाइटेनिक एक्सपर्ट शामिल है। टाइटेनिक 1912 में डूबी थी तथा आइसबर्ग से टकराने के बाद यह 3810 मीटर गहरी समुद्र में डूब गयी थी। इस घटना में 1500 लोग मारे गये थे और यह टाइटेनिक की पहली यात्रा थी।


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