Titanic की फर्स्ट क्लास Dinner Menu 85 लाख में नीलाम, देखें क्या-क्या था खाने में!
Titanic जहाज डूबने की कहानी तो सभी को याद होगी, लेकिन आज भी उसके कुछ न कुछ नई जानकारी आती रहती हैं। टाइटैनिक के डूबने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना को 111 साल हो गए। 15 अप्रैल, 1912 को अपनी पहली यात्रा के दौरान उत्तरी अटलांटिक महासागर में टाइटैनिक डूब गई थी।
लेकिन आज भी लोगों में इसके बारे में जानने की रुचि बरकरार है। यही कारण है कि नीलामी में बेची जा रही जहाज से जुड़ी चीजें लोग लाखों रुपये में खरीदते हैं।

वहीं अब टाइटैनिक पर फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए बनाए गए डिनर मेन्यू की नीलामी की गई है, जो 85.77 लाख रुपये में बिका है। इंग्लैंड के विल्टशायर में स्थित हेनरी एल्ड्रिज एंड सन नीलामी घर ने टाइटैनिक के फर्स्ट क्लास डिनर मेन्यू की नीलामी की है।
नीलामी में यह मेन्यू 1.03 लाख डॉलर (लगभग 85.77 लाख रुपये) में बिका है। हालांकि, पहले अनुमान लगाया गया था कि यह लगभग 51-71 लाख रुपये में बिक सकता है।

इस मेन्यू में उन खान-पान के नाम शामिल है, जो 11 अप्रैल, 1912 की शाम के लिए बनाई गई थीं। इस डिनर मेनू में कई तरह के कमाल की डिशेज नजर आती है, जिनमें सीप, बीफ टॉरनेडोज, स्प्रिंग लैंब और मैलार्ड डक आदि शामिल हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक इस मेन्यू को एक उभरी हुई लाल-सफेद स्टार लाइन से सजाया गया था। हालांकि, पानी में डूबने की वजह से इसके कुछ अक्षर अब दिखाई नहीं देते हैं।
नीलामी से जुड़े सदस्य एंड्रयू एल्ड्रिज ने बताया, "मेन्यू के अक्षर आंशिक तौर पर मिट गए हैं, जो पानी के संपर्क में आने का संकेत है। ऐसा लगता है कि जहाज के डूबने के बाद ये मेन्यू किसी व्यक्ति के साथ बाहर आ गया होगा।"
इस मेन्यू की लगभग माप 16सेमी x 11सेमी है। बताया जा रहा है कि यह मेन्यू दिवंगत कनाडाई इतिहासकार लेन स्टीफेंसन के एक फोटो एलबम में पाया गया था। वे नोवा स्कोटिया में अपने गृहनगर डोमिनियन के विशेषज्ञ थे और उन्होंने कई ऐसे रिकॉर्ड इकट्ठा और संरक्षित किए थे।
बता दें कि टाइटैनिक संग्रह वाले कई संग्रहालयों से परामर्श के बाद ऐसा माना जाता है कि यह मेन्यू जहाज के फर्स्ट क्लास यात्रियों के लिए 11 अप्रैल, 1912 के डिनर की एकमात्र बची कॉपी है।
बता दें कि टाइटैनिक जहाज 10 अप्रैल, 1912 को ब्रिटेन के साउथेम्प्टन बंदरगाह से न्यूयॉर्क के लिए निकला था। इस बीच 14-15 अप्रैल की रात जहाज उत्तर अटलांटिक महासागर में एक हिमखंड से टकरा गया।
हिमखंड से टकराने के बाद टाइटैनिक डूब गया था और इसके दो टुकड़े हो गए गए। इसका मलबा 3.8 किलोमीटर की गहराई में समा गया था। इस हादसे में करीब 1,500 लोग मारे गए थे। टाइटैनिक की यह पहली और आखिरी यात्रा थी।


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