हैदराबाद में तिरंगा अहिंसा कार रैली: 187 गाड़ियों का काफ़िला और बच्चों की मुस्कान ने जीता दिल
2 अक्टूबर की सुबह हैदराबाद में एक अलग ही नज़ारा देखने को मिला, जब 'तिरंगा अहिंसा कार रैली' की शानदार शुरुआत हुई। आयोजकों ने 200 से ज़्यादा गाड़ियों का लक्ष्य रखा था, जिसमें 187 खूबसूरती से सजी कारें इस काफ़िले का हिस्सा बनीं। जल विहार से शुरू हुई यह रैली हुसैन सागर के किनारे से होते हुए सुबह करीब साढ़े नौ बजे वापस लौटी। नेकलेस रोड और टैंक बंड पर तिरंगे से सजी विंटेज और लक्ज़री गाड़ियों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
सुबह 6:30 बजे इस 23 किलोमीटर लंबे काफ़िले को हरी झंडी दिखाई गई। यह अनुशासित रैली सचिवालय, टैंक बंड, रानीगंज, पैराडाइज, बेगमपेट, सोमाजीगुडा और राजभवन रोड से होकर गुज़री। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी महेश भागवत ने रैली की थीम की सराहना करते हुए कहा, "राष्ट्र पहले, धर्म बाद में" (Nation First, Religion Next)। सुबह करीब 9:30 बजे जल विहार के पास समापन समारोह हुआ। रैली के दौरान चौराहों पर ट्रैफिक को थोड़ी-थोड़ी देर के लिए रोका गया, जिससे सुबह के वक्त यात्रियों को डायवर्जन का सामना करना पड़ा।

तिरंगा अहिंसा रैली: रूट, टाइमिंग और ट्रैफिक से जुड़ी अहम जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| फ्लैग ऑफ (शुरुआत) | सुबह 6:30 बजे, जल विहार (नेकलेस रोड) |
| दूरी और काफ़िले की स्पीड | 23 किलोमीटर; 10 से 20 किमी/घंटा |
| इस समय इन रूटों से बचें | सुबह 6:30 से 9:30 बजे (नेकलेस रोड, टैंक बंड, पैराडाइज, बेगमपेट) |
| रैली में शामिल कारें | 187 (आयोजकों का लक्ष्य 200+ का था) |
| समापन समारोह | सुबह लगभग 9:30 बजे, जल विहार लॉन |
लक्ज़री और विंटेज कारों का जलवा, रील्स के लिए बना परफेक्ट माहौल
रैली की हर कार पर तिरंगा और जैन ध्वज लहरा रहा था। कई गाड़ियों को बेहद ख़ास अंदाज़ में सजाया गया था। काफ़िले के बीच तीन डीजे गाड़ियाँ चल रही थीं, जो लोगों के उत्साह को बढ़ाने के साथ-साथ सोशल मीडिया रील्स के लिए शानदार माहौल बना रही थीं। कारों की सजावट के लिए नकद पुरस्कारों की भी घोषणा की गई थी, जिसके चलते लोग अपनी गाड़ियों को बेहद आकर्षक तरीके से सजाकर लाए थे। नेकलेस रोटरी कर्व, टैंक बंड मंच और जल विहार वॉटरफ्रंट इस पूरे नज़ारे को देखने के लिए सबसे बेहतरीन जगहें रहीं।
अनाथ बच्चों के लिए 'जॉली राइड' बनी ख़ास आकर्षण
इस आयोजन की सबसे ख़ास बात रही अनाथ बच्चों के लिए रखी गई "जॉली राइड फॉर पीस", जिसमें बच्चों को लक्ज़री और विंटेज कारों में सैर कराई गई। रैली को और समावेशी बनाने के लिए आयोजकों ने बुजुर्गों और महिलाओं की अगुवाई वाली गाड़ियों को भी इसमें शामिल किया। आयोजकों के मुताबिक, इस पहल का मकसद एकजुटता, सद्भावना और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। गांधी जयंती के इस अवसर पर सड़कों पर बच्चों के चेहरों की मुस्कान देखने लायक थी।
सुरक्षा, नियम और ट्रैफिक गाइडलाइंस
रैली में शामिल होने से पहले सभी गाड़ियों की चेकिंग, ड्राइविंग लाइसेंस और इंश्योरेंस की जाँच की गई थी। पूरे रास्ते काफ़िले के साथ एक एम्बुलेंस भी तैनात रही। आयोजकों ने लेन अनुशासन, गाड़ियों की नंबरिंग और 10 से 20 किमी प्रति घंटे की स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन कराया। अगर आप भी किसी ऐसे कार्यक्रम की योजना बना रहे हैं, तो हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस की अनुमति से जुड़े नियमों का पालन ज़रूर करें। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे बैरिकेड्स का सम्मान करें, स्टंटबाज़ी से बचें और ट्रैफिक पुलिस के ऑफिशियल चैनलों से अपडेट लेते रहें। सुबह करीब 9:30 बजे जल विहार के पास काफ़िला समाप्त होने के बाद ट्रैफिक सामान्य हो गया।


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