Electric Car Conversion Startups: यह स्टार्टअप कंपनियां दे रही हैं बढ़ते पेट्रोल की कीमत से निजात, आप भी जानें
देश में बढ़ते पेट्रोल और डीजल के दाम थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। देश के कई शहरों में पेट्रोल की कीमत 100 रुपये प्रति लीटर पहुँच चुकी है। वहीं दिल्ली और मुंबई में पेट्रोल 80 रुपये प्रतिलीटर के दर से बिक रहा है। ऐसे में नई कार खरीदने का सपना देख रहे लोगों को अब बढ़ती तेल की कीमतों ने झटका दे दिया है। हालांकि, ऐसे समय में जब तेल की कीमतों में बेतहाशा इजाफा हो रहा है, लोगों का ध्यान अब इलेक्ट्रिक वाहनों के विकल्प के तरफ जा रहा है।

एक इलेक्ट्रिक कार को चलाने का खर्च एक पेट्रोल कार पर आने वाले खर्च से 90 प्रतिशत तक सस्ता होता है। साथ ही इलेक्ट्रिक कार पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित होते हैं। इलेक्ट्रिक कारों में इंजन नहीं होता साथ ही इनमे मकेनिकल पार्ट्स भी कम होते हैं इसलिए इन्हे मेंन्टेन करना भी किफायती होता है।

वैसे नई इलेक्ट्रिक कार बाजार से खरीदी जा सकती है लेकिन उन कारों का क्या जो पेट्रोल यह डीजल पर चल रही हैं। दरअसल, पेट्रोल पर चलने वाली कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए देश में कई स्टार्टअप कंपनियां सामने आने लगी हैं। यह कंपनियां लोगों की कार को इलेक्ट्रिक कार में बदलकर पेट्रोल में होने वाले हजारों रुपये के खर्च को बचा रही हैं। आइये जानते हैं कुछ ऐसी कंपनियों के बारे में जो लोगों को ईंधन के बढ़ते दाम की चिंता से मुक्ति दिला रही हैं -

1. ETrio: ई-ट्रीयो की स्थापना 2017 में की गई थी। कंपनी ने तेलंगाना के हैदराबाद में पेट्रोल और डीजल कंबशन इंजन वाली कारों को इलेक्ट्रिक कार में बदलने का बेहद नया तरीका निकला था। कुछ सरकारी संस्थाओं के प्रमाण मिलने के बाद कंपनी ने कमर्शियल कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने का कारोबार शुरू किया।

कंपनी ने शुरुआत में मारुति अल्टो और स्विफ्ट डिजायर जैसी कारों को इलेक्ट्रिक में बदलना शुरू किया। इलेक्ट्रिक में बदली गई करें एक बार चार्ज होने पर 150 किलोमीटर तक चल सकती हैं। कारों को इलेक्ट्रिक में बदलने का खर्च 4 लाख रुपये आता है लेकिन कंपनी ने भुगतान के लिए किस्तों के विकल्प भी रखा है ताकि ग्राहकों को सुविधा हो। शुरुआत में यह कार थोड़ी महंगी है लेकिन लंबे समय में पेट्रोल और डीजल के खर्च पर काफी बचत की जा सकती है।

2. Folks Motor: दिल्ली स्थित फोक्स मोटर पेट्रोल और डीजल कारों को हाइब्रिड वाहन में बदलती है। कार चाहे पुरानी हो या नई फोक्स मोटर को इन्हे हाइब्रिड में बदलने में महारत हासिल है। कार के मॉडल के हिसाब से हाइब्रिड में बदलने का खर्च 1-2 लाख रुपये आता है। हाइब्रिड में बदली गई कारों को केवल बैटरी पर 50 किलोमीटर तक चलाया जा सकता है।

फिलहाल भारत में हाइब्रिड कारें चलन में नहीं है क्योंकि इनकी कीमत एक साधारण कार से 10-12 लाख रुपये अधिक होती है। ऐसे में फोक्स मोटर जैसी कंपनियां ग्राहकों को काफी कम कीमत पर हाइब्रिड कारें उपलब्ध कर रही हैं।

3. Altigreen: अल्टीग्रीन बेंगलुरु आधारित स्टार्टअप कंपनी है जो बाइक से लेकर ट्रकों को अपनी तकनीक की मदद से हाइब्रिड वाहनों में बदल देती है। वाहनों को हाइब्रिड बनाने से उनकी फ्यूल एफिशिएंसी बढ़ जाती है। इनमे कंबशन इंजन के साथ इलेक्ट्रिक पॉवरट्रेन का भी इस्तेमाल किया जाता है जो एक तालमेल के साथ काम करता है।

कंपनी दावा करती है कि उसके द्वारा बनाये गए हाइब्रिड वाहनों की फ्यूल एफिशिएंसी 25-30 गुना अधिक होती है। वाहनों को हाइब्रिड में बदलने का खर्च 60-80 हजार रुपये आता है।

4. RACEnergy: रेसएनर्जी भी हैदराबाद आधारित स्टार्टअप कंपनी है जिसने वाहनों के लिए कन्वर्जन किट विकसित किया है। यह किसी भी पेट्रोल-डीजल पर चलने वाली थ्री-व्हीलर पर लगाई जा सकती है। इस किट को लगाने का खर्च 50,000 रुपये है जिसे साल भर के अंदर रिकवर किया जा सकता है। यह किट इसलिए खास है क्योंकि क्योंकि इसमें बैटरी स्वैपिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

बैटरी की चार्ज कम होने पर बैटरी को निकाल कर फुल चार्ज बैटरी को लगाया जा सकता है। इस तकनीक से चार्जिंग की समस्या भी दूर हो जाती है। एक इलेक्ट्रिक ऑटो चालक इस ऑटो से 50-60 प्रतिशत तक के खर्च की बचत कर सकता है। इस इलेक्ट्रिक ऑटो को चलाकर साल भर के अंदर इलेक्ट्रिक किट को लगवाने का खर्च निकाला जा सकता है।


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