15 श्रेष्ठ यामहा मोटरसाइकिलें जो हमेशा सबकी पसंद रही हैं
यदि आपने 70 से 80 के दशक में जन्म लिया है तो इस बात की संभावना है कि आपके पास यामहा आरएक्स100, आरडी350 और आरएक्स135 हो, या आपने इनमें से किसी की सवारी की हो या भारत के रास्तों पर इन्हें देखा हो।
तब से अब तक ट्रैफिक में वृद्धि हुई है और बाइक सवार अब पेंचकस या अन्य औजार लेकर तथा गैराज में जाकर अपने हाथ गंदे नहीं करना चाहते।
समय बदल गया है। आज के सवार एक उत्कृष्ट बाइक की सवारी करना चाहते हैं तथा अपनी सवारी का प्रदर्शन करना चाहते हैं। चलिए इस बात को भूलना ठीक नहीं कि हम सब यहाँ क्यों हैं और किस प्रकार यामहा की उत्कृष्ट बाइक्स ने हम सब सवारों को एक साथ बांध कर रखा है।
यहाँ यामहा द्वारा बनाई गयी 15 शीर्ष मोटरसाइकिलों के बारे में बताया गया है। यदि आपके पास इनमें से कोई भी एक रत्न (मोटरसाइकिल) था या आपने इनमें से किसी की भी सवारी की है तो अपने अनुभव हमें लिखें।

यामहा वाइडी2
- मॉडल: यामहा वाइडी2
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1959
- क्षमता: 247 सीसी
- पावर आउटपुट: 14.5 बीएचपी
- वज़न: 140 किग्रा.
- उच्चतम गति: 113 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा वाइडीएस3सी बिग बेअर
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1965
- क्षमता: 246 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 21 बीएचपी
- वज़न: 159 किग्रा.
- उच्चतम गति: 142 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा टीआर3
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1972
- क्षमता: 347 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 58 बीएचपी
- वज़न: 107 किग्रा.
- उच्चतम गति: ज्ञात नहीं
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा वाइज़ेड250
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1974
- क्षमता: 246 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 21 बीएचपी
- वज़न: 159 किग्रा.
- उच्चतम गति: 141 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा आरडी350बी
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1973
- क्षमता: 347 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 39 बीएचपी
- वज़न: 154 किग्रा.
- उच्चतम गति: 169 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा टीज़ेड250
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1973
- क्षमता: 247 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 53 बीएचपी
- वज़न: 108 किग्रा.
- उच्चतम गति: 225 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा ओडब्ल्यू48
- क्षमता: 498 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 130 बीएचपी
- वज़न: 145 किग्रा.
- उच्चतम गति: 290 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा आरडी250 एलसी
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1980
- क्षमता: 247 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 35 बीएचपी
- वज़न: 139 किग्रा.
- उच्चतम गति: 171 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा आरज़ेड500
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1984
- क्षमता: 499 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 87 बीएचपी
- वज़न: 180 किग्रा.
- उच्चतम गति: 216 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा वी-मैक्स
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1985
- क्षमता: 1198 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 145 बीएचपी
- वज़न: 270 किग्रा.
- उच्चतम गति: 230 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा एफज़ेडआर1000
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1987
- क्षमता: 1002 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 125 बीएचपी
- वज़न: 240 किग्रा.
- उच्चतम गति: 269 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा जीटीएस1000
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1993
- क्षमता : 1002 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 100 बीएचपी
- वज़न: 251 किग्रा.
- उच्चतम गति: 213 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा वाइज़ेडएफ600 आर6
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1998
- क्षमता: 599 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 98.7 बीएचपी
- वज़न: 169 किग्रा.
- उच्चतम गति: 250 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा वाइज़ेडएफ1000 आर1
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1998
- क्षमता: 998 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 150 बीएचपी
- वज़न: 190 किग्रा.
- उच्चतम गति: 266 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
- मॉडल: यामहा आरएक्स100
- प्रारंभ होने का वर्ष: 1985
- क्षमता: 98 सीसी
- पॉवर आउटपुट: 11 बीएचपी
- वज़न: 95 किग्रा.
- उच्चतम गति: 113 किमी/घंटा
- मूल देश: जापान
Photo credit: Classic Motorbikes

यामहा वाइडी2
यामहा वाइडी1 यामहा की पहली टू स्ट्रोक ट्विन सिलेंडर मोटरसाइकिल थी। अद्लेर एमबी से अत्याधिक प्रेरित होकर 1959 में वाइडी1 को वाइडी2 द्वारा प्रतिस्थापित किया गया। अक्षर 'डी' का अर्थ है कि यह 250 सीसी की बाइक है। यह यामहा की पहली मोटरसाइकिल थी जिसका निर्यात पश्चिम में किया गया। वाइडी2 में संलग्न चेन, संयुक्त डायनमो और इलेक्ट्रिक स्टार्टर इकाई और डीप वेलेंस्ड मडगार्ड्स लगे हुए हैं।
Photo Credit: Yamaha Community

यामहा वाइडीएस3सी बिग बेअर
Photo credit: Bonhams

यामहा वाइडीएस3सी बिग बेअर
यामहा ने जल्द ही भारी, भव्य रूप को छोड़कर 1965 में वाइडीएस3सी बिग बेअर का निर्माण किया। परीक्षण के तौर पर बनाई गयी इस बाइक में उच्च स्तर के एग्ज़ास्ट पाइप लगे थे तथा यह कंपनी की सड़कों पर चलने वाली पहली तेज़ी से चलने वाली बाइक थी। यह मोटरसाइकिल वाइडीएस3 पर आधारित थी जो यामहा की पहली टू स्ट्रोक बाइक थी जिसमें ऑटोमेटिक ऑइलिंग सिस्टम था। वाइडीएस3 ने यामहा को 1964 की पहली रोड रेसिंग चैम्पियनशिप जीतने में सहायता की थी।
Photo credit: Bonhams

यामहा टीआर3
Photo credit: Wiki Commons/PekePON

यामहा टीआर3
60 के दशक के दौरान जापान की कई कंपनियों की टीमों ने अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से नाम वापस लेना प्रारंभ कर दिया था। इससे यामहा की इस टू स्ट्रोक बाइक को रेस की दुनिया में हावी होने का पक्का रास्ता मिल गया। टीआर3 को सबसे कम क्षमता वाली डेटोना 200 जीतने का खिताब हासिल है। इस मोटर साइकिल को डॉन एम्डे ने चलाया था जिसमें सभी 750 सीसी की क्षमता वाली बाइक थी।
Photo credit: Bonhams

यामहा वाइज़ेड250

यामहा वाइज़ेड250
1973 में मोटरक्रॉस वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीतने के बाद यामहा ने वाइज़ेड250 द्वारा मोनो शॉक सस्पेंशन सिस्टम प्रस्तुत किया। परिणामस्वरूप वाइज़ेड250 उस समय की सबसे उत्कृष्ट मोटरक्रॉस मोटरसाइकिल बन गयी तथा शौकिया सवारों में यह बहुत लोकप्रिय थी।

यामहा आरडी350बी
Photo credit: Wiki Commons/Bergfalke2

हम आरम्भ से ही यह जानते हैं कि यह खंड इस विशेष कहानी का एक केंद्रबिंदु है। 1973 में यामहा ने अपनी टू स्ट्रोक ट्विन्स में सुधार किया जो 124 सीसी और 347 सीसी की थी तथा इसमें "आरडी" उपसर्ग लगाया। यामहा ने इस पूरी श्रेणी में रीड वॉल्व लगाए। इससे इंजन उच्च क्रेंककेस प्रेशर में बिना ब्लो बैक के काम करता है। इससे मोटरसाइकिल के प्रदर्शन में वृद्धि हुई जिसने बड़ी बड़ी बाइक्स को मात दे दी।

यामहा आरडी350बी
जब 1983 में यह मोटरसाइकिल भारत में लॉन्च हुई तो बहुत अधिक पसंद की गयी क्योंकि इसके द्वारा आप अपने क़दमों से बेहतरीन प्रदर्शन कर सकते थे जो आज तक एक बड़ा चलन बना हुआ है। हालाँकि भारत में आरडी350 को बेहतर ईंधन अर्थव्यवस्था की दृष्टि से लाया गया था तथा इसे उच्च टॉर्क (30.5 बीएचपी) और निम्न टॉर्क (27 बीएचपी) की तरह लॉन्च किया गया। पहले कुछ वर्षों तक इसके पार्ट्स का आयात किया गया तथा इसके बाद इन्हें स्थानीय तौर पर ही बनाया जाने लगा। सेल (छूट के साथ) में इसे 18,000 रूपये में बेचा गया जब तक 1990 तक इसका उत्पादन बंद नहीं हो गया।
Picture Credit: Satish Rao

यामहा टीज़ेड250
Photo credit: Bonhams

यामहा टीज़ेड250
वॉटर कूल्ड टीज़ेड रेसर्स की शुरुआत 1973 में एयर कूल्ड टीडी मॉडल्स को बदलने के लिए की गयी थी। ये मोटरसाइकिलें उन प्राइवेट रेसर्स के लिए बनाई गयी थी जो रेस में सफ़लता प्राप्त करना चाहते थे। समानांतर ट्विन सिलेंडर में 108 डिग्री का क्रेंकशॉफ्ट लगा हुआ है। प्रतिस्पर्धा में बढ़त बनाए रखने के लिए यामहा लगातार टीज़ेड में सुधार कर रहा है। भारी संधोधित मशीनों को रेस के लिए उपयोग में लाया गया जैसे डिटर बरुन ने इसे चलाकर 1973 में 250 वर्ल्ड चैम्पियनशिप जीती थी।
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यामहा ओडब्ल्यू48
Photo credit: Yamaha

यामहा ओडब्ल्यू48
यह वह मोटरसाइकिल है जिससे कई लोगों ने यामहा के लिए विश्व चैम्पियनशिप जीती है जैसे गिअकोमो अगोस्तिनी और केनी रॉबर्ट्स। यह एक इन-लाइन-टू स्ट्रोक, फोर सिलेंडर मोटरसाइकिल है जिसमें मिकुनी कंपनी के कार्बोरेटर और छह स्पीड वाला गियर बॉक्स लगा हुआ है जो 290 किमी/घंटा की उच्चतम स्पीड दे सकता है।
Photo credit: Wiki Commons/Rikita

यामहा आरडी250 एलसी

यामहा आरडी250 एलसी
आरडी250 एलसी में मोनोशॉक सस्पेंशन लगा हुआ है तथा इसमें टीज़ेड श्रेणी की रेस बाइक्स का लिक्विड कूल्ड इंजन लगा हुआ है जिसे रोड पर चलाया जा सकता है। 80 के दशक में एलसी हर युवा की ड्रीम मोटरसाइकिल थी तथा कई ग्रांड प्रिक्स रेसर्स ने उनके कैरियर की शुरुआत एल सी से की।

यामहा आरज़ेड500
Photo credit: Flickr/Mitch Mcpherson

यामहा आरज़ेड500
यामहा आरज़ेड500 एक उत्कृष्ट रेस मोटरसाइकिल थी जिसका उपयोग सड़कों पर किया जा सकता था। इसका लिक्विड कूल्ड, वी4 टू स्ट्रोक इंजन यामहा की पहली मोटरसाइकिलों से ही बना था। आरज़ेड500 को विश्व के विभिन्न भागों में विभिन्न रूपों में प्रस्तुत किया गया। इसे जापान में आरज़ेडवी500, उत्तरी अमेरिका में आरज़ेड500 और ब्रिटेन में आरडी500 के रूप में बेचा गया। इस मोटरसाइकिल के पिछले पहिये के दोनों ओर एग्ज़ास्ट लगा हुआ है तथा ये दोनों सीट के नीचे लगे हुए हैं।
Photo credit: Flickr/El Caganer

यामहा वी-मैक्स

यामहा वी-मैक्स
यामहा वी-मैक्स अत्सुशी इचिजो की टीम द्वारा डिज़ाइन की गयी जिसका नेतृत्व अकिरा अराकी ने किया था तथा ऐड बुर्के और जॉन रीड से इनपुट प्राप्त किया गया था। यह मोटरसाइकिल अपने तीव्र एक्सिलरेशन परन्तु ख़राब हैंडलिंग के लिए जानी जाती थी। इसमें एक बड़ा वी4 लिक्विड कूल्ड इंजन लगा हुआ था तथा यू. के. जैसे बाज़ारों के लिए इसका पावर आउटपुट कम करके 95 बीएचपी किया गया। 1985 में जब से ये मोटरसाइकिल लॉन्च हुई थी तब से 2007 तक के मॉडल में बहुत कम परिवर्तन किये गए हैं।

यामहा एफज़ेडआर1000
Photo credit: Wiki Commons/Kuro8124

यामहा एफज़ेडआर1000
लांच होने के समय यामहा एफज़ेडआर1000 कंपनी की सबसे अधिक क्षमता वाली स्पोर्ट्स बाइक थी। 1989 में यामहा ने एफज़ेडआर1000 एक्सअप (एग्ज़ास्ट अल्टीमेट पावर वॉल्व) लॉन्च की जिसमें शक्ति का पूर्ण उपयोग करने की क्षमता थी। इसमें लिक्विड कूल्ड इन लाइन फोर सिलेंडर वाले इंजन से छह स्पीड वाले गियर बॉक्स के माध्यम से शक्ति उत्पन्न होती थी।
Photo credit: Wiki Commons/Marcos 88

यामहा जीटीएस1000
Photo credit: Bonhams

यामहा जीटीएस1000
वर्ष 1993 में यामहा ने जीटीएस1000 लॉन्च की जो पहली जापानी मोटरसाइकिल थी जिसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया गया था जिसमें पारंपरिक फोर्क्स के स्थान पर हब केन्द्रित स्टीयरिंग लगा हुआ था। इससे मोटरसाइकिल की सवारी बहुत संतुलित हो जाती है परन्तु इसके कारण स्टीयरिंग बहुत भारी हो जाता है। इसमें ओमेगा चेसिस सिंगल साइडेड फ्रंट स्विंग आर्म लगा हुआ है। इसमें वॉटर कूल्ड, इन लाइन फोर सिलेंडर फ्यूल इंजेक्शन लगा हुआ है तथा इस मोटरसाइकिल में एबीएस और एक उत्प्रेरक कन्वर्टर भी लगा हुआ है।
Photo credit: Bonhams

यामहा वाइज़ेडएफ600 आर6

यामहा वाइज़ेडएफ600 आर6
90 के दशक के दौरान जब 600 सीसी की मोटरसाइकिलों का महत्व बहुत अधिक बढ़ा था तब यामहा ने आर6 लॉन्च की। यह "किसी भी प्रकार का समझौता न करने" की मानसिकता पर बनी थी जिसके परिणामस्वरूप 600 सीसी की चार सिलेंडर वाली मोटरसाइकिल बनी जिसका प्रदर्शन बेहतरीन था इसे आसानी से संभाला जा सकता था। इतने वर्षों में इसमें काफी परिवर्तन हुए तथा वर्तमान में इसका जो मॉडल बिक रहा है वह समान इंजन की क्षमता से 122 बीएचपी उत्पन्न करता है।

यामहा वाइज़ेडएफ1000 आर1

यामहा वाइज़ेडएफ1000 आर1
"किसी भी प्रकार का समझौता नहीं" इस मानसिकता को ध्यान में रखते हुए यामहा ने 1998 में एक ख़ास मोटरबाइक आर1 लॉन्च की। यह बाइक होंडा फायरब्लेड को नीचे लाने के लिए डिज़ाइन की गयी थी तथा यामाह ने ऐसा कर दिखाया क्योंकि यह हल्की, मज़बूत और तेज़ गति वाली थी। वर्तमान में जो आर1 बाज़ार में बिक रही है उसका आउटपुट 200 बीएचपी है तथा लॉन्च होने के बाद से इसके डिज़ाइन में कई महत्वपूर्ण परिवर्तन देखे गए हैं।

यामहा आरएक्स100 (ऐसी बाइक जिसने भारत में प्रदर्शन पंथ का प्रारंभ किया)
Photo credit: Youtube

यामहा आरएक्स100
आरएक्स100 बाइक 1985 में लॉन्च हुई तथा 1996 तक इसका उत्पादन होता रहा। इसने भारत में प्रदर्शनमुखी मोटरसाइकिल की पहल की। फुर्तीली, विश्वसनीय, टू-स्ट्रोक सिंगल सिलेंडर वाली यह बाइक किसी भी रेसर (बाइक की रेस में शामिल होने वाला) की पहली पसंद थी। भारत में इसका मूल्य 16,000 रूपये था। इसका इंजन काफी अच्छी तरह समायोजित था। कोई भी व्यक्ति जो 90 और 2000 के दशक में किशोरावस्था में था उसने अवश्य ही इसे चलाया होगा या अवश्य ही यह बाइक उसके पास होगी। 90 के दशक के दौरान जो भी एक्सीडेंट हुए उनमें से अधिकाँश में आरएक्स100 शामिल थी क्योंकि इसका प्रदर्शन ख़राब था और इसके ब्रेक्स भी अच्छे नहीं थे। परन्तु इसके कारण कभी इसके चाहनेवालों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा जो यही सोचते थे कि आरएक्स100 एक विशिष्ट मोटरसाइकिल है।
Photo credit: Capt. Das


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