अमेरिका छोड़ स्वदेश आए टेस्ला के कर्मचारी, स्टार्टअप खोल भारत को बना रहे प्रदूषण मुक्त

टेस्ला को छोड़ चुके रानी श्रीनिवास आज भारत के उन स्टार्टअप कंपनियों के लिए उदहारण हैं जो देश को इलेक्ट्रिक वाहनों के क्षेत्र में समृद्ध बना रहे हैं। साल 2017 में टेस्ला के सीनियर आईटी मैनेजर के पद से रिजाइन करने के बाद श्रीनिवास भारत आ गए, जिसके बाद उन्होंने पेट्रोल, डीजल और सीएनजी से चलने वाले ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए कन्वर्जन किट तैयार करने का स्टार्टअप शुरू किया।

अमेरिका छोड़ स्वदेश आए टेस्ला के कर्मचारी, स्टार्टअप खोल भारत को बना रहे प्रदूषण मुक्त

भारत में बढ़ते प्रदूषण से मिला आईडिया

हैदराबाद के मूल निवासी, श्रीनिवास (49) अपने 26 वर्ष के करियर में लगभग 20 देशों में काम कर चुके हैं। वर्ष 2014 में वह यूएसए स्थित इलेक्ट्रिक कारों का निर्माण करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी टेस्ला में एक आईटी प्रबंधक के तौर पर नियुक्त किये गए। हालांकि, तीन सालों तक टेस्ला में काम करने के बाद उन्हें भारत में पारंपरिक वाहनों के कारण बढ़ते प्रदूषण की चिंता हुई, जिसके बाद उन्होंने भारत आकर इस समस्या को दूर करने के लिए एक स्टार्टअप शुरू करने का फैसला किया।

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2017 के अंत तक, वह भारत पहुंचे और जीरो 21 (Zero21) रिन्यूएबल एनर्जी सॉल्यूशंस की स्थापना की। श्रीनिवास के अनुसार, जीरो 21 शब्द '21 वीं सदी में शून्य वायु और ध्वनि प्रदूषण' को संदर्भित करता है। 2018 की शुरुआत तक, उन्होंने स्टार्टअप के पहले उत्पाद, स्मार्ट थ्री-व्हीलर इलेक्ट्रिक कार्गो पर काम करना शुरू कर दिया।

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श्रीनिवास का दावा है कि यह इलेक्ट्रिक कार्गो 10 साल तक बिना बैटरी को बदले चलाया जा सकता है। इसकी क्षमता 350-400 किलोग्राम माल ले जाने की है। यह कार्गो 160 Ah लिथियम आयन फॉस्फेट बैटरी से संचालित है। यह एक बार पूरी तरह चार्ज करने पर 120-130 किलोमीटर की रेंज देती है और इसकी अधिकतम स्पीड 30 किलोमीटर प्रति घंटा है। कंपनी का कहना है कि इसे अंतिम-मील के डिलीवरी में लाया जा सकता है।

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श्रीनिवास का कहना है कि Zero21 के इलेक्ट्रिक कार्गो के ग्राहकों में कुकिंग गैस, पानी के डिब्बे और ई-कॉमर्स कंपनियों की अंतिम मील डिलीवरी की पेशकश करने वाली कंपनियां शामिल हैं। कंपनी थ्री-व्हीलर इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों की भी बिक्री कर रही है जो वर्तमान में हैदराबाद में उपलब्ध हैं।

अमेरिका छोड़ स्वदेश आए टेस्ला के कर्मचारी, स्टार्टअप खोल भारत को बना रहे प्रदूषण मुक्त

महज 3 घंटे में इलेक्ट्रिक में बदल जाएगी ऑटो

कंपनी डीजल कार्गो और पैसेंजर ऑटो को इलेक्ट्रिक में भी बदलती है। इसके लिए कंपनी ने अपने रिसर्च एंड डेवलपमेंट हाउस से इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग किट विकसित की है, जिससे महज 3-4 घंटों में एक साधारण ऑटो को इलेक्ट्रिक में बदला जा सकता है। दिल्ली सरकार द्वारा हाल ही इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग किट को कानूनी रूप से वैध बनाने के बाद, कंपनी भारत में एक प्रमाणित रेट्रोफिटिंग कंपनी के रूप में रजिस्टर कर ली गई है।

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Zero21 के रानी श्रीनिवास का मानना है कि इलेक्ट्रिक रेट्रोफिटिंग किट से देश में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की रफ्तार में तेजी आएगी। उनका कहना है ये किट न केवल किफायती होते हैं बल्कि इनके साथ कंपनी सर्विस वारंटी भी देती है जो एक नए इलेक्ट्रिक वाहन को खरीदने जैसा होता है।

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Article Published On: Wednesday, February 23, 2022, 12:41 [IST]
English summary
Tesla ex employee found ev conversion kit startup zero 21 details
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