प्रधान मंत्री मोदी से मिले एलोन मस्क, कहा टेस्ला भारत में करना चाहती है निवेश
प्रधान मंत्री मोदी यूएस के दौरे पर है तथा वह अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ-साथ कई अन्य बड़े व्यक्तियों से मिलने वाले है। हाल ही में प्रधान मंत्री मोदी न्यू यॉर्क में टेस्ला के सीईओ एलोन मस्क से मुलाकात की है तथा भारत में निवेश को लेकर घोषणा की है।
एलोन मस्क ने कहा कि टेस्ला भारत में जितनी जल्दी हो उतनी जल्दी निवेश करने की योजना बना रही है तथा भारत में मैन्युफैक्चरिंग बेस लगाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। मस्क ने कहा कि टेस्ला जल्द ही भारत में एंट्री की घोषणा कर सकती है।

इसके साथ ही उन्होंने सस्टेनेबल एनर्जी भविष्य, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर में देश के संभावना की तारीफ की है। बातचीत के दौरान प्रधान मंत्री मोदी ने टेस्ला को भारत में बड़ा निवेश करने के लिए पुश किया है। ऐसे में जल्द ही बड़ी घोषणा की जा सकती है।
रिपोर्टर्स द्वारा पूछे जाने पर एलोन मस्क ने कहा कि, "मैं आश्वस्त हूं कि टेस्ला भारत में होगी तथा और जितनी जल्दी मुमकिन हो उतनी जल्दी होगी।" इसके साथ ही उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि वह अगले साल भारत नका दौरा करने वाले हैं।
उन्होंने आगे कहा कि, "मैं प्रधान मंत्री को उनके सपोर्ट के लिए धन्यवाद कहना चाहूंगा तथा उम्मीद है कि जल्द ही हम कुछ बड़ी घोषणा कर पायेंगे।" मस्क ने कहा कि वह मोदी के फैन है और यह बताया कि उन्होंने कुछ साल पहले टेस्ला की फैक्ट्री विजिट की थी।
मस्क ने आगे कहा, "दुनिया के किसी अन्य बड़े देश के मुकाबले इंडिया अधिक प्रॉमिसिंग लगता है। मोदी भारत की सच में चिंता करते है क्योकि वह भारत में बड़े निवेश लाने के लिए प्रयास कर रहे हैं, जो कि हम भी करना चाहते है।"
उन्होंने कहा कि भारत के पास सस्टेनेबल एनर्जी फ्यूचर के लिए संभावना है जिसमें सोलर पॉवर, स्टेशनरी बैटरी पैक तथा इलेक्ट्रिक वाहन शामिल है। मस्क ने कहा कि वह उम्मीद करते है कि वह स्टारलिंक सैटेलाईट इंटरनेट सर्विस भारत में लायेंगे।
पिछले महीने ही टेस्ला के अधिकारी भारत आये थे और भारतीय अधिकारियों तथा मंत्रियों से भारत में कार व बैटरी के लिए बेस बनाने को लेकर मुलाकात की थी। मस्क ने कहा था कि टेस्ला नए फैक्ट्री के लिए लोकेशन इस साल के अंत तक फाइनल कर लेगी।
टेस्ला लंबे समय से भारत में प्रवेश करना चाहती है लेकिन भारत सरकार टेस्ला को भारत में प्लांट लगाने को कह रही है। टेस्ला ने पिछले साल भारत में प्रवेश करने की योजना को अधिक इम्पोर्ट टैक्स की वजह से टाल दिया था लेकिन अब बातचीत फिर से शुरू हो गयी है।


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