पियक्कड़ों को बड़ी राहत, शराब पीकर गाड़ी चलाने पर भी पुलिस नहीं करेगी जब्त, हाईकोर्ट का आदेश
तेलंगाना हाई कोर्ट ने घोषणा की है कि पुलिस को अब शराब के नशे में वाहन चालक के वाहन को जब्त करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अब पुलिस ऐसे व्यक्ति के साथ जा सकती है, जो शराब के नशे में नहीं है और वाहन चला सकता है। वाहन मालिकों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच को सुनने के बाद तेलंगाना हाई कोर्ट यह घोषणा की है।

याचिका में कार जब्त करने और अपने वाहन को वापस पाने के लिए प्रतीक्षा अवधि बढ़ाने को चुनौती दी गई है। जस्टिस के लक्ष्मण ने आदेश में कहा कि "यदि नशे में चालक के साथ कोई नहीं है, तो पुलिस को नशे में धुत व्यक्ति के किसी रिश्तेदार या दोस्तों को वाहन को अपने कब्जे में लेने की सूचना देनी चाहिए।"

आदेश में यह भी कहा गया है कि पुलिस वाहन तभी ले जा सकती है जब उस वाहन को लेने के लिए कोई आगे न आए। पुलिस वाहन को किसी सुरक्षित स्थान या नजदीकी पुलिस थाने में ले जा सकती है। अगर मालिक या कोई अधिकृत व्यक्ति इसे लेने के लिए आता है तो उन्हें वाहन छोड़ना होगा।

इसके बाद न्यायमूर्ति के लक्ष्मण ने सहमति व्यक्त की है कि शराब के नशे में रहने वाले ड्राइवर को वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि "यदि कोई पुलिस अधिकारी इस निष्कर्ष पर पहुंचता है कि चालक या मालिक या दोनों पर मुकदमा चलाना आवश्यक है, तो वह वाहन की जब्ती की तारीख से तीन दिनों के भीतर मजिस्ट्रेट के समक्ष उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल करेगा।"

आगे उन्होंने कहा कि "क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को सूचना के तहत अभियोजन पूरा होने के बाद वाहन को हिरासत में लेने वाले अधिकारी द्वारा छोड़ा जाएगा। यदि कोई वाहन की कस्टडी का दावा नहीं करता है, तो पुलिस आवश्यक कदम उठा सकती है।"

न्यायमूर्ति के लक्ष्मण ने कहा कि "मजिस्ट्रेट को आरोप पत्र जब्ती की तारीख से तीन दिनों के भीतर प्राप्त करना होगा।" उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि इन निर्देशों के किसी भी उल्लंघन के परिणामस्वरूप दोषी अधिकारियों के खिलाफ अवमानना मामले के तहत कार्रवाई की जाएगी।

इससे पहले इसी साल तेलंगाना में एक नया नियम लागू किया गया था। नए नियम में कहा गया है कि अगर आप शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े गए, तो पुलिस मौके पर ही लाइसेंस रद्द कर सकती है और व्यक्ति को जेल भी हो सकती है। शराब पीकर गाड़ी चलाने के मामले कम नहीं हो रहे थे। इसी के चलते यह कार्रवाई की गई है।

TOI के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ साल 2021 में हैदराबाद में 16,500 वाहन जब्त किए गए हैं। यानी सिर्फ एक पुलिस जिले में रोजाना 45 से ज्यादा वाहन जब्त किए गए हैं। पुलिस ने 7,269 मामलों में चार्जशीट भी दाखिल की है। हाई कोर्ट के आदेश के बाद हैदराबाद और साइबराबाद पुलिस ने वाहनों को वापस करना शुरू कर दिया है।


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