Tata Power और IOC के बीच हुआ बड़ा समझौता! अब आप निश्चिंत होकर खरीद सकते हैं इलेक्ट्रिक वाहन, जानें वजह
देश की दो बड़ी कंपनियां टाटा पावर और इंडियन ऑयल ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशन को लेकर एक बड़ा समझौता किया है। टाटा ग्रुप की टाटा पावर ईवी चार्जिंग सोल्यूशंस देश भर में 500 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के साथ काम करेगी।
बता दें इसके तहत कंपनी तेज और काफी तीव्र गति से चार्ज करने वाले चार्जिंग स्टेशन स्थापित करेगी। इंडियन ऑयल एक फ्यूल कंपनी है, जिसके पास पूरे देश में फ्यूल आउटलेट की एक विस्तृत श्रृंखला है।

इस समझौते के तहत इंडियन ऑयल अपने प्रमुख आउटलेटों पर इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग सुविधाएं विकसित करेगी। ये ईवी चार्जिंग पॉइंट मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, बेंगलुरु, अहमदाबाद, पुणे और कोच्चि जैसे प्रमुख शहरों में लगाए जाएंगे।
इसके साथ-साथ मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, सलेम-कोच्चि हाईवे, गुंटूर-चेन्नई हाईवे और जैसे प्रमुख राजमार्गों पर भी स्थापित किए जाएंगे। बता दें कि देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग कई गुना बढ़ रही है। साथ ही देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
वहीं, देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बुनियादी सुविधा भी पर्याप्त नहीं है। विशेष रूप से, इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग केंद्रों की संख्या में भारी कमी है। ऐसे में इंडियन ऑयल ने कहा है कि ये केंद्र भारत के सभी प्रमुख शहरों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
इन्हें धीरे-धीरे ही उपयोग में लाया जा रहा है। टाटा पावर ग्रुप और इंडियन ऑयल की यह पहल इलेक्ट्रिक वाहनों में लंबी यात्रा करने वालों को बिना किसी डर के यात्रा करने में मदद करेगी।
हालांकि यह पहली बार नहीं है कि टाटा ने किसी तेल कंपनियों के साथ इस तरह का गठबंधन किया है। हाल ही में टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक व्हीकल कंपनी ने भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के साथ गठबंधन किया है।
इस साझेदारी के जरिए देशभर में 7,000 से ज्यादा भारत पेट्रोल स्टेशनों को चुना गया है और वहां इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सेंटर बनाए जाएंगे। इसके लिए काम शुरू करने के लिए दोनों कंपनियों ने हाल ही में एक समझौता किया है।
बता दें कि दुनियाभर में प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने के लिए जरुरी पहल किए जा रहे हैं। इसके तहत ज्यादातर देश वायु प्रदूषण पैदा करने में अहम भूमिका निभाने वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के इस्तेमाल को पूरी तरह से समाप्त करने में लगे हुए हैं।
भारत भी इसकी पहल करने लगा है। शुरुआती कदम के तौर पर देश में 10 और 15 साल पुराने पेट्रोल और डीजल वाहनों पर प्रतिबंध लगाने की कोशिश की जा रही है।
इसके साथ ही सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए भी सक्रिय रूप से प्रयास कर रही है। ये ना सिर्फ पर्यावरण के लिए बहुत अच्छा होगा, बल्कि हजारों करोड़ रुपये के ईंधन की निर्भरता भी खत्म हो जाएगी।


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