भारत NCAP के तहत इन कारों की होगी टेस्टिंग, जल्द पता चलेगा कितनी दमदार है आपकी पसंदीदा कारें
देश में चलने वाली कारें कितनी सुरक्षित हैं, यह अब भारतीय एजेंसी ही तय करेगी। इसके लिए भारतीय एजेंसी भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम (BNCAP) कारों का क्रैश टेस्ट शुरू करने जा रही है।
अगस्त में भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम लॉन्च किया गया था, जो ग्लोबल एनसीएपी पर आधारित है। इसका उद्देश्य देश में उत्पादित कारों के सुरक्षा मानकों में सुधार करना है।

रिपोर्ट के अनुसार 15 दिसंबर से भारतीय, जापानी और कोरियाई कार कंपनियों की तीन दर्जन से अधिक कारों की क्रैश टेस्टिंग BNCAP के तहत शुरू हो जाएगी। भारत NCAP की शुरुआत 1 अक्टूबर से हो चुकी है। लेकिन त्योहारों की वजह से कारों की टेस्टिंग दिसंबर में शुरू होंगी।
भारतीय परिस्थितियों के अनुसार तय नॉर्म्स पर एजेंसी कारों का क्रैश टेस्ट कर उन्हें सेफ्टी रेटिंग देगी। इस टेस्ट में कारों को 0 से 5 स्टार तक की रेटिंग दी जाएगी। 0 स्टार का मतलब अनसेफ और 5 स्टार का मतलब पूरी तरफ सेफ माना जाता है।

कार निर्माताओं को इसके लिए केंद्र द्वारा नामित एजेंसियों को फॉर्म 70-ए में आवेदन करना होगा। एजेंसियां परीक्षणों में उनके प्रदर्शन के आधार पर ऑटोमोटिव इंडियन स्टैंडर्ड के अनुसार उन्हें रेटिंग प्रदान करेगी। इसके अंतर्गत व्यस्क यात्रियों और चाइल्ड ऑक्युपेंट्स के लिए स्टार रेटिंग तय की जाएगी।
रिपोर्ट के अनुसार टाटा मोटर्स ने BNCAP के टेस्टिंग के लिए सबसे पहले आवेदन किया है। वहीं Tata की नई हैरियर और सफारी क्रैश टेस्ट से गुजरने वाली पहली SUV होगी।

वहीं मारुति सुजुकी इंडिया और हुंडई मोटर इंडिया भी अपने तीन मॉडल को परीक्षण के लिए भेजेगी। महिंद्रा एंड महिंद्रा अपने चार मॉडल को भेजेगी। हालांकि इन कंपनियों की जिन कारों की टेस्टिंग की जाएगी इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है।
उम्मीद ये है कि टेस्टिंग के लिए कंपनियां अपने बेस वैरिएंट कारों को ही चुनेगी। GNCAP के तहत भी इसी तरह का प्रावधान है। इसके अलावा Renault India और Skoda Auto Volkswagen India समेत कई यूरोपीय कार निर्माताओं ने अपनी कारों को BNCAP के तहत सुरक्षा रेटिंग के लिए रजिस्टर नहीं किया है।
रिपोर्ट्स की माने तो इन कंपनियों ने अभी तक उन मॉडलों पर निर्णय नहीं लिया है जिन्हें वे सुरक्षा के लिए रेटिंग के लिए भेजना चाहते हैं। वहीं कई कंपनियों ने कहा कि ग्लोबल एनसीएपी द्वारा पहले ही सुरक्षा रेटिंग दी गई है।
इसलिए, वे फिलहाल बीएनसीएपी रेटिंग के लिए उत्सुक नहीं हैं। आपको बता दें कि ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, इंटरनेशनल सेंटर फॉर ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और ग्लोबल ऑटोमोटिव रिसर्च को क्रैश टेस्ट करने संबंधी जिम्मेदारी सौंपी गई हैं।


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