तमिलनाडु सरकार ने की ई-वाहन नीति की घोषणा, इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर मिलेगी टैक्स में छूट और सब्सिडी
तमिलनाडु सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देने का प्रयास करते हुए ई-वाहन नीति की धोषणा की है. इसमें निवेश सब्सिडी, विभिन्न टैक्स और फीस में छूट समेत कई रियायतें देने की धोषणा की गई हैं।

मुख्यमंत्री, के पलानीस्वामी ने तमिलनाडु इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2019 जारी करते हुए इलेक्ट्रिक वाहन निर्माताओं के लिए कई प्रोत्साहन नीति की पेशकश की गई है।

एक आधिकारीक प्रेस रिलीज में कहा गया है कि तमिलनाडु ई-वाहन निती 2019 ई-वाहन निर्मान को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है, ताकि पर्यावरण को सुरक्षित रखा जा सके और वायु प्रदूषण को कम किया जा सके।

इस नीति के तहत सभी इलेक्ट्रिक वाहनों (दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया, बस और हल्के कमर्शियल वाहन) को साल 2022 के अंत तक मोटर वाहन शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

50 करोड़ रुपये का निवेश और कम से कम 50 लोगों को रोजगार देने वाले बैटरी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विनिर्माताओं को विशेष रियायते दी जाएंगी। इसमें ई-वाहन और बैटरी निर्माण के लिए क्रमश: 15 प्रतिशत और 20 प्रतिशत की पूंजीगत सब्सिडी दी जाएंगी। ये रियायतें 2025 तक निवेश करने पर लागू होगी।

औद्योगिक पार्क के लिए जमीन की कीमत पर सब्सिडी, जमीन के स्टांप शुल्क पर माफी आदि, प्रस्तावित प्रोत्साहनों में शामिल हैं। राज्य में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने के लिए तमिलनाडु सरकार प्राइवेट-पब्लिक पार्टनरशिप के तहत काम कर सकती है।

तमिलनाडु सरकार अपनी मौजूदा बसों का 5 प्रतिशत हर साल बिजली से चलने वाली बसों में परिवर्तित करेगी। इलेक्ट्रिक बसों को सुचारू रूप से चलाने के लिए सड़कों व बस टर्मिनलों पर चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित करने की योजना है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्हें चार्ज करने में आती है। इससे निपटने के लिए तमिलनाडु सरकार ने राजमार्ग के दोनों ओर हर 25 किमी पर एक चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना बनाई है।

राज्य सरकार अपने छह प्रमुख शहरों में सबसे पहले ई-वाहन ट्रांजिशन शुरु करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इन शहरों की इस सूची में चेन्नई, कोयम्बटूर, त्रिची, मदुरै, सलेम और तिरुनेलवेली शामिल हैं। तमिलनाडु में 10 साल के भीतर इंधन से चलने वाले वाहनों को ई-वाहनों से बदलने की योजना है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
भारत में फिलहाल ई-वाहन के सेक्टर प्रगति की ओर है। बाजार में इलेक्ट्रिक बाइक, कार और रिक्शा को लाया जा रहा है। ई-वाहन इकोसिस्टम को तैयार करने के लिए निर्माताओं को प्रोत्साहन से इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में काफी मदद मिलेगी। आने वाले समय में अन्य राज्य सरकारें भी कुछ इसी तरह से सकारात्मक कदम उठा सकती हैं। सरकार ई-वाहन सेक्टर में स्टार्ट-अप्स को भी बढ़ावा दे सकती है।


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