इस देश में इलेक्ट्रिक वाहन पर लगाम लगाने की होगी पहल, उर्जा की भारी कमी ने बिगाड़ा खेल
स्विट्जरलैंड सर्दियों के दौरान ऊर्जा की कमी के दौरान ईवी के कम उपयोग करने पर विचार कर रहा है।
दुनियाभर में इलेक्ट्रिक वाहन इलेक्ट्रिक वाहन को बढ़ावा दिया जा रहा है। लेकिन एक देश ऐसा भी जहां इलेक्ट्रिक वाहनों पर लगाम लगाने की बात हो रही है। वह देश स्विट्जरलैंड है जो कि ऐसा करने वाला दुनिया का पहला देश हो सकता है।

दरअसल वह ठंडी में ऊर्जा की किल्लत से बचने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन पर लगाम लगाने पर विचार कर रहा है। स्विट्जरलैंड में बिजली की सप्लाई पड़ोसी देश फ्रांस और जर्मनी से होती है। इस साल फ्रांस और जर्मनी खुद ऊर्जा की किल्लत झेल रहे हैं, इस वजह से स्विट्जरलैंड को नेचुरल गैस की सप्लाई में समस्या हो सकती है।
जैसा कि फरवरी से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है जिससे यूरोपीय देशों में गैस की किल्लत होने की आशंका बढ़ गई है। फ्रांस को पिछले कई दशक में पहली बार ऊर्जा का आयात कर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ रही है।
स्विस फेडरल इलेक्ट्रिसिटी कमीशन ने इस साल जून में कहा था कि सर्दियों में सौर ऊर्जा की सप्लाई होने में दिक्कत हो सकती है। फ्रेंच न्यूक्लियर पावर जेनरेशन से बिजली नहीं मिलने की वजह से देश में ऊर्जा संकट होने का खतरा बढ़ सकता है।
स्विट्जरलैंड की एजेंसी elcom के मुताबिक बिजली की कमी से स्विटजरलैंड में इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग को लगाम किया जा सकता है। शहरों में बिजली बचाने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है। एजेंसी की योजना है कि बहुत जरूरी यात्रा करने के लिए ही इलेक्ट्रिक वाहन को चार्जिंग की इजाजत दी जा सकती है।
स्विट्जरलैंड की एनर्जी एजेंसी ने ऊर्जा के इस्तेमाल को कम करने के लिए चार चरण की एक योजना बनाई है। सर्दियों में ऊर्जा की मांग बढ़ने की वजह से स्विट्जरलैंड की बिजली एजेंसी को यह कदम उठाना पड़ा है। यूरोप में सर्दियों में काफी ठंड होती है जिस वजह से उर्जा की मांग बढ़ जाती है।
यूरोपीय देशों में उर्जा की समस्या कितना गंभीर रूप ले चुकी है, इसे इस उदाहरण से आसानी से समझा जा सकता है। स्विट्जरलैंड ने कहा है कि इलेक्ट्रिक वाहन पर लगाम लगाने की स्थिति एक बार का कदम साबित हो सकती है।


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