SC के इस आदेश के बाद नीलाम होने जा रहा है वाहनों का स्टॉक, आपको भी मिल सकता है अच्छा सौदा?
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संख्याओं के आधार पर, यह फैसला किया जाएगा कि निर्माताओं को 1 अप्रैल के बाद कारों को बेचने की अनुमति दी जाएगी या नही और यह तभी होगा जब नया बीएस 4 मानदंड लागू हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट ने वाहन निर्माताओं से बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण के बंद होने से पहले ब्यौरा मांगा है। क्योंकि इनकी जगह पर अब बीएस-4 वाहनों को लाया जाना है। अर्थात 1 अप्रैल से सारे बीएस-3 वाहन बनना बंद हो जाएगें। यह उस आदेश के तहत किया गया है जिसमें 1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों के पंजीकरण के बंद हो जाने के आदेश दिए गए हैं।

इकोनामिक्स टाइम्स के हवाले से सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि संख्याओं के आधार पर, यह फैसला किया जाएगा कि निर्माताओं को 1 अप्रैल के बाद कारों को बेचने की अनुमति दी जाएगी या नही और यह तभी होगा जब नया बीएस 4 मानदंड लागू हो जाएगा।

इसके अलावा सर्वोच्च न्यायालय ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) को 31 दिसंबर, 2015 से आज तक देश में उत्पादित बीएस -3 वाहनों की संख्या का विवरण देने का निर्देश दिया है।

सियाम ने जाहिरा तौर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित किया कि लगभग 20,000 कार और एसयूवी, लगभग 7,50,000 दुपहिया वाहन, 47,000 तीन पहिया वाहन और 75,000 वाणिज्यिक वाहन बीएस -3 के नियमों के अनुरूप हैं, जिसे 1 अप्रैल तक बेच दिए जाएंगे।

बीएस -4 उत्सर्जन मानदंड 1 अप्रैल, 2017 को लागू होंगे और कंपनियां पुरानी स्टॉक को खाली करने के लिए एक बोली में बड़ी छूट दे रही हैं, इसलिए नज़र रखें और आपको खुद को एक अच्छा सौदा मिल सकता है।
हाल ही में बंगलुरू में लॉन्च हुई Honda WR-V की तस्वीरें आप यहां नीचे देख सकते हैं।


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