ईलॉन मस्क के स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष में भेजा 24 सैटेलाइट, बताया सबसे मुश्किल मिशन
स्पेसएक्स ने हाल ही में 24 सैटेलाइट को अंतरिक्ष में भेजने का काम किया है। स्पेसएक्स ईलॉन मस्क की रॉकेट क्षेत्र में कार्य करने वाली कंपनी है तथा कंपनी ने हाल ही में फाल्कन रॉकेट के माध्यम से अंतरिक्ष में सैटेलाइट भेजने के काम को अंजाम दिया है।

स्पेसएक्स ने कार्य को अब तक का सबसे मुश्किल लॉन्च बताया है। सोमवार को इस लॉन्च को निर्धारित समय से 3 घंटे की देरी से अंजाम दिया गया है। यह रॉकेट अपने छह घंटे के मिशन के लिए सुरक्षित रूप से उड़ान भरी है।

इसके दो साइड बूस्टर रॉकेट जमीन पर सुरक्षित रूप से वापस लौट आये लेकिन रॉकेट का सेंटर बूस्टर अपने लक्ष्य से भटक गया तथा अटलांटिक महासागर में गिर गया। स्पेसएक्स के स्थापक ईलॉन मस्क ने इसके सेंटर बूस्टर के दुर्घटना होने की आशंका भी जताई थी।

स्पेसएक्स ने इस मिशन को स्पेस टेस्ट प्रोग्राम 2 नाम दिया था तथा यह फाल्कान रॉकेट का तीसरा मिशन था जिसे कंपनी दुनिया की सबसे ताकतवर लॉन्च सिस्टम बताती है। इसे अमेरिकी सुरक्षा विभाग से सौदे के तहत किया गया है।

स्पेसएक्स ने कई बार अपने बूस्टर रॉकेट को कई बार लैंड करवाया है तथा उनका फिर से उपयोग किया है। फिर से उपयोग किये जा सकने के गुण का बेहतर तरीके से उपयोग कर कंपनी भविष्य में अंतरिक्ष यात्रा को सस्ता बनाना चाहती है।

अमेरिकी वायु सेना के विभाग अमेरिकी स्पेस व मिसाइल सिस्टम सेंटर ने बताया कि सभी सैटेलाइट सही तरीके से अंतरिक्ष में पहुंचा दिए गए है तथा इसके बाद से उनसे संपर्क भी बना लिया गया है। सभी सही तरीके से काम कर रहे है।

स्पेसएक्स ने कहा कि कंपनी ने नासा, सुरक्षा विभाग, कई विश्विद्यालयों तथा गैर सरकारी संस्थान के लिए सैटेलाइट को अंतिरक्ष में तैनात किया है। कंपनी ने अपने वेबसाइट पर लिखा है कि यह स्पेसएक्स के इतिहास का सबसे चुनौतीपूर्ण मिशन था।

फाल्कन की बात करें तो स्पेसएक्स इसे सबसे ताकतवर आपरेशनल रॉकेट होने का दावा करती है, यह रॉकेट 64 मीट्रिक टन का वजन अंतरिक्ष में ले जा सकता है यानि यह पैसेंजर, कर्मचारी, सामान व फ्यूल 737 जेटलाइनर के बराबर है।

स्पेसएक्स ने फाल्कन रॉकेट के माध्यम से नासा के लिए एटॉमिक क्लॉक, नई टेलिस्कोप तकनीक तथा एक गैर सरकारी संस्थान के लिए एक सोलर सेल प्रोजेक्ट से सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े सैटेलाइट भेजे है। यह सब अलग अलग क्षेत्रों की बेहतरी के लिए उपयोग किये जायेंगे।

भारत में प्राइवेट रूप से की कोई कंपनी इस क्षेत्र में नहीं उतरी है लेकिन भारत के सरकारी संस्थान इसरो लगातार इस क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है तथा अब कई देशों के लिए सैटेलाइट लॉन्च करता है। इसके साथ ही अंतरिक्ष में कई मिशन भी सफलतापूर्वक पूरा कर चुका है।
ड्राइवस्पार्क के विचार
ईलॉन मस्क द्वारा स्थापित स्पेसएक्स लगातार अंतरिक्ष की यात्रा को आम लोगों के लिए सुगम बनाने की कोशिश कर रहा है। कंपनी अमेरिकी सरकार के साथ मिलकर कई तरह के सैटेलाइट विभिन्न संस्थाओ के लिए अंतरिक्ष में भेजने का काम कर रही है तथा इसे सफलतापूर्वक पूरा भी कर रही है।


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