दिल्ली में रेनॉल्ट डस्टर पर लिखा था "विधायक का बेटा", विधानसभा स्पीकर ने भेजी बीजेपी विधायक को नोटिस
देश में वीआईपी प्रथा बहुत समय से चली आ रही है और आमतौर पर नेताओं के साथ अवश्य देखने को मिलता है लेकिन कई बार नेताओं के बेटे-बेटियां, पत्नी, रिश्तेदार, सगे-संबंधी नेताओं की तरह ही रौब दिखाने लग जाते है।

यह खबर दिल्ली से आ रही है जहां पर एक अकाली दल के विधायक मजिंदर सिरसा ने एक ट्ववीट किया जिसमें एक रेनॉल्ट डस्टर पर "सन ऑफ एमएलए" यानि विधायक का बेटा लिखा हुआ था तथा साथ में यह आरोप लगाया कि यह कार दिल्ली विधानसभा स्पीकर के बेटे की है।

हालांकि कुछ समय दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल ने सिरे से इस बात को नकारते हुए विधायक मजिंदर सिरसा को नोटिस भेज दिया है तथा उनसे 7 दिनों के भारत लिखित में माफी मांगी है।

इसके साथ ही दिल्ली विधान सभा स्पीकर ने यह भी कहा है कि अगर विधायक ने माफी नहीं मांगी तो वह उनपर मानहानिन का केस भी ठोंक सकते है। हालांकि सिरसा ने अब तक इस बारें में कोई बयान नहीं दिया है तथा इस कार के स्पीकर के बेटे होने के सबूत भी नहीं दिए है।

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल के वकील द्वारा भेजे गए नोटिस में लिखा गया था कि "वह कार मेरे मुवक्किल के बेटे की नहीं है, झूठे व बदनाम करने वाले आरोप व बयान ने मेरे मुवक्किल की गरिमा को नुकसान पहुंचाया है।"

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यह कार विधायक के बेटे की है या नहीं यह तो बाद में पता चलना है लेकिन इस तरह के वीआईपी कल्चर की तस्वीर देश भर में देखने को मिल जाती है जहाँ ऊंचे पदों पर बैठे लोगों से जुड़े लोग उनकी पद आदि का नाम लिखवाते है ताकि सड़क पर चलते समय उनका रौब बना रहे।

पहले भी कई बार इस तरह के किस्से सामने आये है जहां नेता, अधिकारी से जुड़े लोग इस तरह की चीजें अपनीं वाहनों पर लिखवाये हुए पाएं गए है तथा वह इनका उपयोग टोल टैक्स, जुर्माना आदि ना देने के लिए करते है।

हाल ही में उत्तरप्रदेश पुलिस ने ऐसे ही वाहनों को पकड़ने के लिए एक मुहीम शुरू की थी तथा बड़ी संख्या में ऐसे वाहनों को जब्त किया था जिनकी कार के पीछे कांच या नंबर प्लेट में किसी तरह के पद आदि का नाम लिखा होता था।

हालांकि इस तरह की चीजों किसी प्रकार की जुर्म की श्रेणीं में नहीं डाला गया है, हालांकि नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखा जाना गैरकानूनी है लेकिन कांच में लिखे जाने पर अभी तक कोई नियम नहीं बनाया गया है। कुछ समय पहले पुलिस ने यह घोषणा की थी कि प्राइवेट वाहनों पर पुलिस लिखवाया जाना गलत है।

भले ही पीछे के कांच में कुछ लिखवाना जुर्म ना हो लेकिन यह सुरक्षा के साथ एक बड़ा खतरा है, कई बार वाहन का पिछला हिस्सा नहीं दिखता है। इस तरह के कई लोग सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करते है तथा वाहनों के पीछे कुछ ना कुछ लिखवाते है।

ड्राइवस्पार्क के विचार
वाहनों पर आधिकारिक पदों के नाम लिखवाया जाना गैरकानूनी बनाया जाना चाहिए, इस तरह से उन पदों से जुड़े लोग पद की धौस दिखाकर कई काम निपटाने की कोशिश करते है। सरकार को भी इस तरह के चीजों के लिए ठोस कदम उठाना चाहिए।


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