पिता को याद आई 13 साल पहले बेची गई मारुति 800, बेटे ने कर दिया जन्मदिन पर गिफ्ट
कभी-कभी लोग भावनात्मक रूप से अपने वाहनों से जुड़ जाते हैं और खासतौर यह जुड़ाव जीवन में खरीदे गए पहले वाहन से अधिक होता है। आज हम आपको रूबरू कराएंगे कार से जुड़े एक व्यक्ति की ऐसी ही एक खूबसूरत कहानी जिसे जानने के बाद आपको भी अपने पहले वाहन के साथ जुड़ाव महसूस होगा। यह कहानी है केरल के कोझिकोड़े के रहने वाले अब्दुल नाजीर की जिन्होंने 13 साल पहले बेची गई अपनी जिंदगी की पहली कार वापस मिल गई।

अब्दुल नाजीर ने 1992 में मारुति सुजुकी 800 खरीदी थी, यह उनकी पहली कार थी। तब से यह कार 15 साल उनके परिवार का हिसार रही। अब्दुल के साथ उनके बेटे नियास अहमद को भी यह कार काफी पसंद थी।

अब्दुल ने नियास को इसी कार की मदद से कार चलाना सिखाया था। हालांकि, इतने साल इस्तेमाल करने के बाद उन्होंने इसे 2007 में कोझिकोड़े के ही एक ग्राहकों को यह कार 42,000 रुपये में बेच दी। कार बेचने के कुछ ही महीनों बाद उन्हें इस कार की याद आने लगी। कार बेचने के लगभग तीन साल बाद उन्होंने बेची गई मारुति 800 को वापस लाने की बात कही।

कार के प्रति पिता की इक्षा को देखते हुए नियास ने बेची गई मारुति 800 की तलाश शुरू कर दी। नियास कोझिकोड़े के उस ग्राहक के पास दोबारा जाता है लेकिन उसे पता चलता है कि उसने किसी और को यह कार बेच दी है।

साल 2012 में नियास को पता चलता है कि यह कार कोट्टायम में किसी के पास है। हालांकि, उसे कार के मालिक और उसके पते के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती है। नियास ने हार नहीं मानी और कार के ग्राहक के बारे में जांच करता रहा।

सात साल बाद 2019 में उसे पता चलता है कि यह कार तिरुवनंतपुरम के उमेश के पास है। नियास व्यक्तिगत रूप से उमेश से मिले और बताया कि वह इस मारुति 800 को खरीदना चाहते हैं। लेकिन उमेश ने इस कार को बेचने से मना कर दिया।

उसके बाद, नियास ने उमेश के साथ संपर्क बनाए रखा और उसे बताया कि वह कार वास्तव में उसके और उसके परिवार के लिए क्या थी। उमेश आखिरकार वाहन बेचने को तैयार हो गए और पिछले महीने 1 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। नियास ने इस मारुति सुजुकी 800 को अब्दुल के 54वें जन्मदिन पर भेंट की।


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