नए ड्राइविंग लाइसेंस में देना होगा मोबाइल नंबर, जानिये कैसे कर सकते हैं अपडेट
देश में 1 सितंबर से नया मोटर वाहन अधिनियम लागू हो चुका है। इसके साथ ही ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को लेकर नए नियम के तहत बदलाव किए जा रहे हैं।

नए नियम के तहत अब ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को मोबाइल नंबर से लिंक करना होगा। बता दें कि दिल्ली और गुजरात में यह नियम बहुत पहले से ही अनिवार्य रूप से लागू है लेकिन अब इसे पुरे देश में लागू करने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में मोबाइल नंबर के लिंक होने से दुर्घटना के समय लाइसेंस पर दिए गए नंबर का उपयोग करके दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति के परिवार वालों तक मदद के लिए पहुंचा जा सकता है।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आदेश के बाद इस ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट में मोबाइल नंबर लिंक करना अनिवार्य कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश पहला राज्य है जिसमे इस नए नियम को 1 अक्टूबर से लागू कर दिया गया है।

नए वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस में आरटीओ द्वारा ही मोबाइल नंबर को लिंक किया जा रहा है। पुराने वाहन या ड्राइविंग लाइसेंस धारकों को खुद ही ऑनलाइन या आरटीओ कार्यालय जाकर मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा।

इस नई प्रणाली में आवेदक वाहन पंजीकरण और ड्राइविंग लाइसेंस के स्टेटस की ऑनलाइन जांच कर सकेंगे जैसे ई-कॉमर्स वेबसइटों में आर्डर ट्रैक किया जाता है।

ऑनलाइन मोबाइल नंबर लिंक करने के लिए आपको केंद्र सरकार के सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की के परिवहन सेवा पोर्टल पर जाना होगा। इसके बाद लॉग इन आईडी बना कर पंजीकरण संबंधित सेवा पर जाकर वाहन के पंजीकरण में मोबाइल नंबर को जोड़ सकते हैं।

यहां आपको रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर और चेसिस नंबर देना होगा। इसी तरह सारथी कैटेगरी के अंतर्गत ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सेवाएं पर क्लिक कर अपने ड्राइविंग लाइसेंस में मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं।

केंद्र सरकार की कोशिश है की परिवहन से संबंधित सभी सेवाओं को ऑनलाइन किया जाए। इससे वाहन चालकों का समय बचेगा साथ ही भ्रस्टाचार को कम करने में भी मदद मिलेगी।

फिलहाल हर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट निर्गत करने के अलग-अलग प्रारूप हैं। नए नियम के तहत सभी राज्यों में ड्राइविंग लइसेंस और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एक ही प्रारूप में होंगे।

ड्राइवस्पार्क के विचार
केंद्र सरकार व अन्य सरकारी संस्थाओं के पास सभी वाहनों और ड्राइविंग लाइसेंस का पूरा डाटा, मोबाइल नंबर सहित उपलब्ध होगा। जरूरत पड़ने पर पुलिस अथवा आरटीओ अथवा कोई अन्य एजेंसी आसानी से वाहल चालक अथवा वाहन मालिक से संपर्क कर सकती है। इसके लिए देशभर के आरटीओ को ऑनलाइन करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।


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