भारतीय मूल की सिरीशा बंदला रखेंगी अंतरिक्ष में कदम, रविवार को भरेंगी उड़ान
भारतीय मूल की एक और महिला अंतरिक्ष में कदम रखें जा रही है। आंध्र प्रदेश के गुंटूर में जन्मी 34 साल की एयरोनॉटिकल इंजीनियर सिरीशा बंदला (Sirisha Bandla) रविवार को वर्जिन गैलेक्टिक फ्लाइट के चालक दल के पांच सदस्यों के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान भरेंगी। 11 जुलाई यानी रविवार को सिरीशा स्पेस के लिए रवाना होंगी। सिरीशा कल्पना चावला के बाद भारत में जन्मी दूसरी महिला होंगी जो स्पेस में कदम रखेंगी।

34 वर्षीय वैमानिकी इंजीनियर, सिरीशा बंदला, अंतरिक्ष में जाने वाली तीसरी भारतीय मूल की महिला बनने के लिए तैयार हैं। वह रविवार को वर्जिन गेलेक्टिक के पहले पूर्ण चालक दल के साथ अंतरिक्ष के लिए उड़ान परीक्षण में भाग ले रही हैं। इस उड़न में उनके साथ 5 अन्य अंतरिक्ष यात्री भी मौजूद होंगे। सिरीशा ने ह्यूस्टन (Houston) में शिक्षा हासिल की है और उन्हें पूरा विश्वास था कि वो एक दिन अंतरिक्ष में जाएंगी।
सिरीशा के साथ वर्जिन गैलेक्टिक के संस्थापक रिचर्ड ब्रेनसन और चार अन्य लोग स्पेस में जाएंगे। स्पेस की ओर ये उड़ान ध्वनि की गति से साढ़े तीन गुना तेज होंगी। एक इंटरव्यू में सिरीशा ने कहा कि उन्हें ऐसा लगता है कि वह पूरे भारत को अपने साथ लेकर स्पेस में जा रही हैं। उन्होंने बताया कि वो 4 साल की उम्र में वो माता पिता के साथ अमेरिका चली गई थीं।
ह्यूस्टन में रहने के दौरान सिरीशा की स्पेस में दिलचस्पी पैदा हुई। उन्होंने देखा कि कैसे लोग अंतरिक्ष यात्री बनते हैं, जिसके बाद उन्होंने इस दिशा में अपना करियर बनाने की ठान ली। उन्होंने बताया कि उनकी कमजोर आंखों की रौशनी उनके लिए बाधा बनी लेकिन उन्होंने अपने हौंसले को बुलंद रखते हुए शारीरिक कमजोरी को ठीक किया और एस्ट्रोनॉट के रूप में अपना करियर बनाया। रिपोर्ट के मुताबिक सिरीशा अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा से प्रभावित हैं।
सिरीशा स्पेस में जाने वाली तीसरी भारतीय मूल की महिला होंगी। इससे पहले कल्पना चावला और सुनिता विलियम्स अंतरिक्ष में जा चुकी हैं। बंदला ने जनवरी 2021 में वर्जिन गैलेक्टिक में सरकारी मामलों और अनुसंधान संचालन के उपाध्यक्ष के रूप में अपनी भूमिका शुरू की थी। उन्होंने एक ट्वीट में स्पेस दल का हिस्सा बनाने के लिए खुशी जाहिर की है।


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