पुराने वाहन को स्क्रैप कराएं और नए वाहन के रोड टैक्स पर पाएं 25 प्रतिशत की छूट, जानें नया नियम
केंद्र सरकार पुराने वाहन को स्क्रैप करवाने वाले वाहन मालिकों को नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स में 25 फीसदी की छूट देगी। लोकसभा में परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत दिए जाने वाले फायदों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि वे स्क्रैपेज नीति को आने वाले दिनों में पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।

गडकरी ने बताया कि पुराने वाहन को स्क्रैप करवाने वाले वाहन मालिकों को 'स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट' दिया जाएगा जिससे वे नई कारों पर मिलने वाले फायदों का लाभ उठा सकते हैं। स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट लेने वाले प्राइवेट कार मालिकों को नए वाहन के रोड टैक्स में 25 प्रतिशत छूट दिया जा सकता है। वहीं, कमर्शियल वाहनों के लिए यह छूट 15 फीसदी तय की गई है।

बता दें कि केंद्र सरकार ने प्राइवेट वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 20 साल और कमर्शियल वाहनों के लिए 15 साल की समय सीमा तय की है। इस अवधि को पार करने के बाद वाहनों का रजिस्ट्रेशन स्वतः ही समाप्त कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि अपनी समय सीमा को पार कर चुके वाहन प्रदूषण का मुख्य कारण हैं। ऐसे वाहनों के इंजन से ज्यादा मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य जहरीली गैसें निकलती हैं।

पश्चिमी देशों के तर्ज पर भारत में स्क्रैपिंग नीति तैयार की गई है जहां एक निश्चित समय सीमा के बाद वाहनों को बेकार कर दिया जाता है। ऐसे वाहनों से स्क्रैप फैक्ट्रियों में लोहा और उपयोग की अन्य चीजें निकाल ली जाती हैं। पुराने धातु का इस्तेमाल नई कारों को बनाने के लिए किया जाता है।

इस नीति से पुरानी कारों की जगह नई कारें ले लेती हैं जिससे बाजार में नई और कम उत्सर्जन करने वाली कारों की मांग बनी रहती है और वाहन कारोबार मंद नहीं पड़ता।

नए वाहन के रोड टैक्स में छूट के अलावा नए वाहन की कीमत का 4-6 प्रतिशत स्क्रैप वैल्यू भी कार मालिक को दिया जाएगा। इसके अतिरिक्ति वाहन कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि वे स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट वाले ग्राहकों को नई कार पर 5 प्रतिशत की छूट दें।

नए और फ्यूल एफिसिएंट वाहनों के आने से ईंधन की कम खपत होगी जिससे सरकार को तेल निर्यात भी कम करना पड़ेगा और विदेश मुद्रा भंडार की बचत होगी। केंद्र सरकार स्क्रैपिंग नीति के तहत 10,000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाली है जिससे 50,000 नौकरियां सृजित होंगी। इस नीति के तहत लगभग 1 करोड़ पुराने भारी, मध्यम और हल्के वाहनों को स्क्रैप किया जाएगा।

ऐसे वाहन नए वाहनों के मुकाबले 10-12 गुणा अधिक उत्सर्जन करते हैं। इस नीति के फायदे बताते हुए उन्होंने कहा कि इससे पुराने धातु की रीसाइक्लिंग, बेहतर सुरक्षा, वायु प्रदूषण में कमी, वर्तमान वाहनों की अधिक ईंधन दक्षता के कारण तेल आयात कम होगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।


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