पुराने वाहन को कबाड़ में दें और नए वाहन के रोड टैक्स में पाएं 25% की छूट, व्हीकल स्क्रैपिंग में मिलेंगे ये लाभ
केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने घोषणा की है कि राष्ट्रीय वाहन कबाड़ नीति अगले साल अप्रैल से लागू होगी। नीतिगत प्रोत्साहनों के तहत, राज्य और केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) में पुराने वाहनों के स्क्रैप के बाद खरीदे जाने वाले नए वाहनों पर रोड टैक्स में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। स्क्रैपेज नीति के तहत, मंत्रालय ने प्रोत्साहन की एक प्रणाली का प्रस्ताव किया है ताकि वाहन मालिकों को अपने पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।

मंत्रालय की एक अधिसूचना में कहा गया है, "स्क्रैपिंग के लिए प्रोत्साहन के रूप में, वाहन मालिकों को स्क्रैप करने वाली एजेंसी से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिसके आधार पर नए वाहन पर लगने वाले रोड टैक्स में छूट दी जाएगी। सूचना के अनुसार, गैर-परिवहन निजी वाहनों के लिए 25 प्रतिशत तक और परिवहन या वाणिज्यिक वाहनों के लिए 15 प्रतिशत तक की छूट प्रदान की गई है। यह रियायत ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए आठ साल तक और गैर-ट्रांसपोर्ट वाहनों के लिए 15 साल तक के लिए उपलब्ध होगी।

अधिसूचना में आगे बताया गया है कि राष्ट्रीय वाहन स्क्रैपेज नीति के तहत नए नियमों को केंद्रीय मोटर वाहन (चौबीसवां संशोधन) नियम, 2021 कहा जाएगा, और यह 1 अप्रैल, 2022 से लागू होगा। सर्टिफिकेट जारी होने के आठ साल बाद ट्रांसपोर्ट वाहनों को और 15 साल बाद गैर-ट्रांसपोर्ट वाहनों को कोई लाभ नहीं दिया जाएगा, इसका मतलब यह है कि स्क्रैपिंग सर्टिफिकेट मिलने के बाद तय समय सीमा के भीतर ही वाहन खरीदना होगा तभी लाभ मिलेगा।

पुराने वाहनों के लिए भरना पड़ेगा ज्यादा शुल्क
केंद्र सरकार ने सोमवार को कबाड़ नीति से संबंधित एक अधिसूचना में सभी पुराने निजी और वाणिज्यिक वाहनों पर लगने वाले नए शुल्क की जानकारी दी है। इसके अनुसार, अब 1 अप्रैल 2022 से 15 साल से ज्यादा पुराने बाइक, कार या बस के री-रजिस्ट्रेशन के लिए आठ गुना ज्यादा शुल्क का भुगतान करना होगा।हालांकि, इस नीति का दिल्ली के वाहन मालकों पर कोई असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली एनसीआर में पहले से ही 10 साल से ज्यादा पुराने डीजल वाहनों और 15 साल से जयदा पुराने पेट्रोल वाहनों को चलाने पर रोक है।

इन वाहनों पर बढ़ा इतना शुल्क
बता दें कि अगले साल अप्रैल से शुल्क के नए दरों को लागू किया जा रहा है। अब 15 साल से ज्यादा पुराने दोपहिया वाहन के पंजीकरण के लिए 300 रुपये के बजाये 1,000 रुपये का शुल्क देना होगा। अगर 15 साल से ज्यादा पुरानी कार चलाते हैं तो अब रजिस्ट्रेशन रिन्यूअल के लिए 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा।

इसी तरह 15 साल से अधिक पुराने सार्वजनिक और वाणिज्यिक वाहनों, जैसे बस या ट्रक, के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र के नवीनीकरण पर भी वर्तमान की तुलना में आठ गुना अधिक खर्च करना होगा। इन वाहनों के लिए नवीनीकरण शुल्क 10,000 रुपये से लेकर 12,500 रुपये के बीच तय किया गया है। आयातित बाइक और कारों के लिए अब पंजीकरण का नवीनीकरण अधिक महंगा होगा। ऐसे दोपहिया वाहनों के लिए 10,000 रुपये और चारपहिया वाहनों के 40,000 का नवीनीकरण शुल्क निर्धारित किया गया है।

यदि मालिक पुराने वाहनों के पंजीकरण समय पर नहीं कराता है, तो उसे देरी के लिए प्रत्येक दिन 50 रुपये का जुर्माना देना होगा। पंजीकरण प्रमाणपत्रों के नवीनीकरण के लिए आवेदन करने में देरी के मामले में, निजी वाहन मालिक से हर महीने देरी के लिए 300 रुपये का अतिरिक्त शुल्क लिया जाएगा। इस तरह की देरी के लिए हर महीने कमर्शियल वाहन मालिक से 500 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। यदि वाहन मालिक स्मार्ट कार्ड धारक है तो 200 का अतिरिक्त शुल्क भी लिया जाएगा।

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने इस साल अगस्त में राष्ट्रीय ऑटोमोबाइल स्क्रैपेज नीति की शुरूआत की थी। इस नीति के अंतगत भारी वाहनों के लिए अगले साल अप्रैल से फिटनेस परीक्षण अनिवार्य कर दिया गया है, और 1 जून, 2024 से अन्य श्रेणियों के लिए चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा।


Click it and Unblock the Notifications








